जल गंगा संवर्धन अभियान: गंगा दशहरा पर 25 मई को मध्यप्रदेश के सभी जिलों में जन आंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आह्वान पर गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 25 मई 2026 को प्रदेश के समस्त जिलों में जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में एक साथ आयोजित इस अभियान का उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन करना है।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी आधारित व्यापक सामाजिक अभियान है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की अनिवार्यता है और इसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा वह पर्व है जब मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं।
कार्यक्रम का स्वरूप और चरण
गंगा दशहरा पर 25 मई को आयोजित कार्यक्रमों में संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न होगा — प्रथम चरण में जनसहभागिता से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े व्यावहारिक कार्य किए जाएंगे, जबकि द्वितीय चरण में गंगा दशहरा विषय पर आधारित सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। क्षेत्र के सांसद, विधायक तथा नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
जल स्रोतों के संरक्षण की कार्ययोजना
अभियान के तहत श्रमदान एवं मशीन, ईंधन और परिवहन जैसे संसाधनों के सहयोग से कुओं, नहरों, बावड़ियों और तालाबों की साफ-सफाई व जीर्णोद्धार कराया जाएगा। घाटों की स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी और बंद पड़े पुराने बोरवेल एवं ट्यूबवेल के पास रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे भूजल स्तर सुधारने में सहायता मिलेगी। शासन ने प्रत्येक जिले में 4 से 5 उत्कृष्ट कार्य चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
प्रशासनिक व्यवस्था और नोडल अधिकारी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम आयुक्त अथवा जिला शहरी विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
व्यापक जनभागीदारी का लक्ष्य
अभियान में ग्राम पंचायत और नगरीय वार्ड स्तर तक कार्यक्रम आयोजित होंगे। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ औद्योगिक, सामाजिक, धार्मिक, स्वयंसेवी संगठनों और महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है। गंगा दशहरा के दिन इसे व्यापकतम रूप देने की तैयारी प्रदेश सरकार ने पूरी कर ली है।