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मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान: जल संरचनाओं को नया जीवन देने की पहल

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मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान: जल संरचनाओं को नया जीवन देने की पहल

सारांश

जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य मध्य प्रदेश में जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करना है। यह अभियान 18 विभागों के सहयोग से चलाया जा रहा है। जानिए इस पहल के महत्व और कार्यों के बारे में।

मुख्य बातें

जल संरक्षण के लिए 18 विभागों का संयुक्त प्रयास।
समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
नवीन जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण।
जल स्रोतों की सफाई और मरम्मत।

भोपाल, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत हो चुकी है। इस विशेष अभियान के माध्यम से प्रदेश की जल संरचनाओं की तस्वीर को नया रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान में राज्य सरकार के 18 विभाग सम्मिलित हैं। प्रदेश के जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।

इस पहल के अंतर्गत, विभिन्न विभाग जल स्रोतों को संरक्षित करने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक कार्य कर रहे हैं। पंचायतों के सहयोग से गांव-गांव में तालाब, कुएं, चेकडेम और अन्य जल संरचनाओं का संरक्षण और पुनर्जीवन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल और नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग को सह-नोडल विभाग नियुक्त किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत समाज की भागीदारी को बढ़ावा देने और विभिन्न विभागों के माध्यम से नवीन जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। भूजल संवर्धन, जल संग्रहण संरचनाओं की सफाई, मरम्मत, और नवीनीकरण के कार्य किए जाएंगे। स्कूलों में पेयजल गुणवत्ता परीक्षण और आंगनवाड़ियों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

जल स्रोतों में प्रदूषण को कम करने, जल वितरण प्रणालियों की साफ-सफाई की जाएगी। राजस्व रिकॉर्ड में जल संग्रहण संरचनाओं और नहरों को अंकित करने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। नगरीय विकास विभाग द्वारा अमृत 2.0 के अंतर्गत जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार और नदियों में मिलने वाले नालों के शोधन की कार्य योजना भी बनाई गई है।

रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने के साथ-साथ हरित क्षेत्र का विकास किया जाएगा। जल संरक्षण में युवाओं की भागीदारी के लिए 'माय भारत' पोर्टल पर अमृत मित्र के रूप में पंजीकरण किया जाएगा। गर्मियों में पेयजल सुविधा के लिए जनसहयोग से सार्वजनिक प्‍याऊ की व्यवस्था भी की जाएगी।

अभियान में वन विभाग द्वारा जलग्रहण क्षेत्र उपचार योजना के तहत लगभग सवा लाख हेक्टेयर में भूजल संवर्धन के कार्य, कृषि विभाग द्वारा बलराम तालाब और लाइन फार्म पोंड का निर्माण, और पर्यावरण विभाग द्वारा विशेष रूप से बेतवा, क्षिप्रा, कान्ह, और गंभीर नदियों के उद्गम से अंत तक सर्वेक्षण कर दूषित जल के मिलने के स्थानों का चिन्हांकन किया जाएगा। इसी तरह अन्य विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी सकारात्मक भूमिका निभाएगा। विभिन्न विभागों का सहयोग और समाज की भागीदारी इसे और भी प्रभावी बनाएगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करना और जल स्रोतों का संरक्षण करना है।
कौन-कौन से विभाग इस अभियान में शामिल हैं?
इस अभियान में राज्य के 18 विभिन्न विभाग शामिल हैं, जिसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग नोडल है।
इस अभियान के तहत कौन से कार्य किए जाएंगे?
जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण, सफाई, मरम्मत, और जल गुणवत्ता परीक्षण जैसे कार्य किए जाएंगे।
जल गंगा अभियान में समाज की भागीदारी कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
समाज की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 'माय भारत' पोर्टल पर अमृत मित्र के रूप में पंजीकरण किया जाएगा।
इस अभियान के फायदे क्या होंगे?
इस अभियान से जल संरक्षण होगा, भूजल स्तर में सुधार होगा और जल प्रदूषण कम होगा।
राष्ट्र प्रेस
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