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गंगा दशहरा पर CM मोहन यादव ने धार के देवी सागर तालाब में किया श्रमदान, जल गंगा संवर्धन अभियान को मिली गति

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गंगा दशहरा पर CM मोहन यादव ने धार के देवी सागर तालाब में किया श्रमदान, जल गंगा संवर्धन अभियान को मिली गति

सारांश

गंगा दशहरा पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धार के ऐतिहासिक देवी सागर तालाब में स्वयं श्रमदान कर जल गंगा संवर्धन अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की कोशिश की। परमार और पवार राजाओं की विरासत से जुड़े इस तालाब के गहरीकरण से धार की जलापूर्ति को नई मज़बूती मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 मई 2025 को गंगा दशहरा पर धार के देवी सागर तालाब में श्रमदान किया।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाब के गहरीकरण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया।
प्रदेश के सभी जिलों में जल स्रोतों का पूजन और गंगा कलश यात्राएँ आयोजित हुईं।
देवी सागर तालाब धार के साढ़े बारह ऐतिहासिक तालाबों में प्रमुख है, जिसे परमार और पवार शासकों ने विकसित किया था।
तालाब के किनारे स्थित गढ़ कालिका माता मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 मई 2025 को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर धार जिले के ऐतिहासिक देवी सागर तालाब में स्वयं श्रमदान कर राज्य सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया। इस अवसर पर तालाब के गहरीकरण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया और विधि-विधान से पूजन-अर्चन भी संपन्न हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को धार पहुँचकर देवी सागर तालाब के गहरीकरण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने तालाब में पूजन-अर्चन के बाद श्रमदान में भाग लिया और उपस्थित नागरिकों को जल संरक्षण में सहभागिता का संदेश दिया। यह कार्यक्रम राज्य सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।

सरकार की मंशा और मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक अभियान है जिसमें जनभागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और जल बचाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। उनके अनुसार, प्रदेशभर में जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य जारी हैं।

प्रदेशव्यापी गंगा दशहरा उत्सव

गंगा दशहरा का उत्सव इस वर्ष पूरे मध्य प्रदेश में एक साथ मनाया गया। सभी जिलों में जल स्रोतों का पूजन किया गया और गंगा कलश यात्राएँ निकाली गईं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का व्यापक संदेश दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में भूजल स्तर में गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है।

देवी सागर तालाब का ऐतिहासिक महत्व

देवी सागर तालाब धार के साढ़े बारह ऐतिहासिक तालाबों में से एक प्रमुख जल संरचना है। परमार राजाओं और बाद में पवार शासकों ने इस क्षेत्र में जल संरक्षण की उन्नत तकनीकें विकसित की थीं, जो आज भी कुशल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती हैं। इस तालाब की संरचना इस प्रकार बनाई गई थी कि ऊपरी तालाबों का अतिरिक्त जल बहकर इसमें आता था, जिससे शहर की जलापूर्ति निरंतर बनी रहती थी।

आम जनता पर असर और आगे की राह

नगरीय निकाय द्वारा सामाजिक संगठनों के सहयोग से तालाब की नियमित सफाई और जन जागृति अभियान चलाया जाता है। देवी सागर तालाब के किनारे ऊँची पहाड़ी पर स्थित गढ़ कालिका माता मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था केंद्र है, जो इस स्थान को धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है। गहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद तालाब की जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ धार नगर के निवासियों को मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि देवी सागर जैसे तालाबों का गहरीकरण कार्य कितनी गति और पारदर्शिता के साथ पूरा होता है। मध्य प्रदेश में ऐसे कई जल संरक्षण अभियान पहले भी शुरू हुए हैं, जो घोषणाओं तक सीमित रह गए। गंगा दशहरा जैसे पर्वों को अभियान से जोड़ना जनभागीदारी के लिए प्रभावी है, परंतु दीर्घकालिक परिणाम के लिए नगरीय निकायों को संसाधन और जवाबदेही दोनों चाहिए।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल गंगा संवर्धन अभियान क्या है?
जल गंगा संवर्धन अभियान मध्य प्रदेश सरकार का एक जल संरक्षण कार्यक्रम है, जिसके तहत प्रदेश के तालाबों, कुओं और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण, गहरीकरण और पुनर्जीवन किया जा रहा है। इस अभियान में जनभागीदारी को केंद्रीय भूमिका दी गई है।
देवी सागर तालाब धार में कहाँ स्थित है और इसका महत्व क्या है?
देवी सागर तालाब मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित एक ऐतिहासिक जल संरचना है, जिसे परमार और पवार शासकों के काल में विकसित किया गया था। यह धार के साढ़े बारह तालाबों में प्रमुख है और शहर की जलापूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
CM मोहन यादव ने गंगा दशहरा पर श्रमदान क्यों किया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाने और जल गंगा संवर्धन अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से गंगा दशहरा पर देवी सागर तालाब में श्रमदान किया। उनका कहना था कि जल बचाना केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
गंगा दशहरा 2025 पर मध्य प्रदेश में क्या-क्या आयोजन हुए?
गंगा दशहरा 2025 पर मध्य प्रदेश के सभी जिलों में जल स्रोतों का पूजन किया गया और गंगा कलश यात्राएँ निकाली गईं। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया।
देवी सागर तालाब के गहरीकरण से धार को क्या फायदा होगा?
गहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद देवी सागर तालाब की जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी, जिससे धार नगर की जलापूर्ति अधिक सुनिश्चित होगी। यह तालाब ऊपरी तालाबों के अतिरिक्त जल को भी संग्रहित करता है, जो शहर के लिए एक प्राकृतिक जलाशय की भूमिका निभाता है।
राष्ट्र प्रेस
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