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जल गंगा संरक्षण अभियान संपन्न: CM मोहन यादव ने राजगढ़ से जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया

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जल गंगा संरक्षण अभियान संपन्न: CM मोहन यादव ने राजगढ़ से जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया

सारांश

मध्य प्रदेश में महीने भर चले 'जल गंगा संरक्षण अभियान' का समापन हुआ। CM मोहन यादव ने राजगढ़ से संदेश दिया — जल बचाना सरकार का नहीं, हर नागरिक का दायित्व है। दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल और महिलाओं को 11 इलेक्ट्रिक वाहन भी सौंपे गए।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव ने 30 जून 2026 को राजगढ़ में 'जल गंगा संरक्षण अभियान' का समापन किया।
अभियान का उद्देश्य जल संचयन, नदियों-तालाबों का पुनरुद्धार और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जन-जागरूकता था।
मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को तिपहिया वाहन और 'लखपति दीदी' महिला समूहों को 11 इलेक्ट्रिक वाहन वितरित किए।
ब्यावरा की 'पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति' द्वारा प्लास्टिक कचरे से बनाई जा रही इको-ब्रिक्स की सराहना की गई।
राज्य सरकार ने कहा — अभियान समाप्त होने के बाद भी जल संरक्षण और वृक्षारोपण पर्यावरण एजेंडे के केंद्र में रहेंगे।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 30 जून 2026 को राजगढ़ जिले में महीने भर चले 'जल गंगा संरक्षण अभियान' के समापन समारोह में स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि एक व्यापक जन-आंदोलन बनना चाहिए। राज्यभर में एक साथ आयोजित कार्यक्रमों के साथ यह अभियान मंगलवार को औपचारिक रूप से संपन्न हुआ।

अभियान का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

राज्य सरकार ने जल संचयन, नदियों और तालाबों के पुनरुद्धार तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के लिए 'जल गंगा संरक्षण अभियान' शुरू किया था। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के कई जिलों में भूजल स्तर में गिरावट और जल निकायों के सिकुड़ने की चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि यह अभियान एक माह तक चला और इसका समापन मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक साथ हुआ।

मुख्यमंत्री का राजगढ़ दौरा और मुख्य गतिविधियाँ

मुख्यमंत्री यादव ने राजगढ़ में भैंसवा माता मंदिर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने पवित्र 'दूध तलैया' पर पूजा-अर्चना की और राज्य की जनता की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर परिसर में एक पौधा भी लगाया और परिसर के प्रस्तावित विकास एवं सौंदर्यीकरण योजना की समीक्षा की। कार्यक्रम में पारंपरिक आदिवासी नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया; स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार युवा लड़कियों ने पारंपरिक कलश लेकर उनका अभिनंदन किया।

सामाजिक कल्याण: दिव्यांगजन और लखपति दीदी को सहायता

समापन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को तिपहिया वाहन (ट्राइसाइकिल) वितरित किए और उनके सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने 'लखपति दीदी' स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका के अवसर मजबूत करने के लिए 11 इलेक्ट्रिक वाहन भी सौंपे।

स्थानीय पर्यावरण पहल की सराहना

मुख्यमंत्री ने ब्यावरा की 'पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति' की विशेष प्रशंसा की, जो प्लास्टिक कचरे से 'इको-ब्रिक्स' (पर्यावरण-अनुकूल ईंटें) बना रही है। उन्होंने इस पहल को यह दर्शाने का उदाहरण बताया कि स्थानीय समुदाय किस प्रकार पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्यमंत्री के संदेश और आगे की राह

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा, "जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान केवल सरकारी प्रयासों से सफल नहीं हो सकते। ये तभी सार्थक होते हैं जब हर नागरिक इस अभियान से जुड़ता है।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि "जल गंगा संरक्षण अभियान ने जल स्रोतों की सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता को मजबूत किया है। लोगों की भागीदारी की यह भावना अभियान के समापन के बाद भी जारी रहनी चाहिए।" राज्य सरकार के अनुसार अभियान के बाद भी जल निकायों का संरक्षण, वृक्षारोपण और सामुदायिक भागीदारी उसके पर्यावरण एजेंडे के केंद्र में बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि अभियान के बाद ज़मीन पर क्या बदला। राज्य में भूजल स्तर और जल निकायों की स्थिति पर स्वतंत्र आकलन अभी भी अनुपलब्ध है। महीने भर के सरकारी कार्यक्रमों की सफलता तभी मानी जाएगी जब नागरिक भागीदारी का यह उत्साह संस्थागत रूप ले — न कि अगले अभियान की घोषणा तक ही सीमित रहे। 'लखपति दीदी' को इलेक्ट्रिक वाहन और दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल जैसे कदम सराहनीय हैं, परंतु पर्यावरण नीति की दीर्घकालिक सफलता के लिए मापने योग्य जल-संरक्षण लक्ष्यों और सार्वजनिक जवाबदेही की ज़रूरत है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'जल गंगा संरक्षण अभियान' क्या है और इसे क्यों शुरू किया गया?
'जल गंगा संरक्षण अभियान' मध्य प्रदेश सरकार की एक महीने की पर्यावरण पहल थी, जिसका उद्देश्य जल संचयन, नदियों-तालाबों के पुनरुद्धार और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था। यह अभियान 30 जून 2026 को राज्यभर में समापन कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ।
CM मोहन यादव ने राजगढ़ में समापन समारोह में क्या किया?
CM मोहन यादव ने भैंसवा माता मंदिर में 'दूध तलैया' पर पूजा-अर्चना की, पौधा लगाया और मंदिर परिसर की विकास योजना की समीक्षा की। उन्होंने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल और 'लखपति दीदी' महिला समूहों को 11 इलेक्ट्रिक वाहन भी वितरित किए।
अभियान के समापन के बाद मध्य प्रदेश सरकार की क्या योजना है?
राज्य सरकार के अनुसार अभियान समाप्त होने के बाद भी जल निकायों का संरक्षण, वृक्षारोपण और सामुदायिक भागीदारी उसके पर्यावरण एजेंडे के केंद्र में बनी रहेगी। CM यादव ने नागरिकों से आग्रह किया कि भागीदारी की यह भावना निरंतर जारी रहे।
ब्यावरा की 'पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति' को क्यों सराहा गया?
ब्यावरा की इस समिति ने प्लास्टिक कचरे से 'इको-ब्रिक्स' (पर्यावरण-अनुकूल ईंटें) बनाने की अनूठी पहल शुरू की है। CM यादव ने इसे स्थानीय समुदायों द्वारा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान का आदर्श उदाहरण बताया।
'लखपति दीदी' योजना के तहत राजगढ़ में क्या मिला?
'लखपति दीदी' स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को CM यादव ने 11 इलेक्ट्रिक वाहन सौंपे, जिससे उनकी आजीविका के अवसर और मजबूत होंगे। यह कदम महिला आर्थिक सशक्तिकरण और हरित गतिशीलता दोनों को एक साथ बढ़ावा देता है।
राष्ट्र प्रेस
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