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जल गंगा संवर्धन अभियान: MP में 2 लाख से अधिक जल संरचनाएँ पूर्ण, CM मोहन यादव बोले — बना जन-आंदोलन

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जल गंगा संवर्धन अभियान: MP में 2 लाख से अधिक जल संरचनाएँ पूर्ण, CM मोहन यादव बोले — बना जन-आंदोलन

सारांश

मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 अब सरकारी योजना की सीमा लाँघ चुका है — 2 लाख से अधिक जल संरचनाएँ पूर्ण, ₹10,644 करोड़ का बजट, और लाखों किसानों को जल आत्मनिर्भरता की उम्मीद। CM मोहन यादव इसे देश का अग्रणी जल संरक्षण मॉडल बता रहे हैं।

मुख्य बातें

जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के तहत मध्य प्रदेश में कुल 3,67,777 कार्यों का लक्ष्य निर्धारित है।
अब तक 2,00,844 जल संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार पूर्ण; 1,51,093 कार्य प्रगतिरत।
कुल स्वीकृत बजट ₹10,644.02 करोड़ ; अब तक ₹6,330.81 करोड़ (लगभग 59.5% ) व्यय।
57,794 खेत तालाब और 91,838 डग वेल रिचार्ज संरचनाएँ पूर्ण; 126 अमृत सरोवर शत-प्रतिशत तैयार।
1,152 सिंचाई अवसंरचना परियोजनाएँ और 2,721 मरम्मत कार्य सफलतापूर्वक संपन्न।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अभियान को देशभर में जल संरक्षण का अग्रणी मॉडल बताया।

मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 ने व्यापक जन-भागीदारी के साथ ऐतिहासिक आयाम छू लिए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 मई 2026 को जानकारी दी कि राज्य में अब तक रिकॉर्ड 2,00,844 जल संरचनाओं का निर्माण और जीर्णोद्धार सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, जबकि 1,51,093 कार्य तेज़ गति से प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से एक सच्चे जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।

अभियान का लक्ष्य और उपलब्धि

जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के तहत राज्य सरकार ने कुल 3,67,777 कार्यों का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया था। अब तक 2,00,844 प्रमुख जल संरचनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष 1,51,093 कार्य प्रगतिरत हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, मध्य प्रदेश जल संरक्षण के इस अभियान में पूरे देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

वित्तीय आवंटन और व्यय

इस विशाल अभियान को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने कुल ₹10,644.02 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इसमें से अब तक ₹6,330.81 करोड़ — यानी लगभग 59.5% — का उपयोग किया जा चुका है। यह व्यय की दर अभियान की वास्तविक क्रियान्वयन गति को रेखांकित करती है।

ग्रामीण और कृषि क्षेत्र में जल आत्मनिर्भरता

ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में जल आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने की दिशा में 57,794 खेत तालाब और 91,838 डग वेल रिचार्ज (कुआं पुनर्भरण) संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक और नए जल स्रोतों के संरक्षण हेतु 29,906 जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाएँ तथा 126 अमृत सरोवरों का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है।

सिंचाई अवसंरचना को मज़बूती

सिंचाई के बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के लिए 1,152 विशेष सिंचाई अवसंरचना परियोजनाएँ सफलतापूर्वक संपन्न की गई हैं। साथ ही, पुरानी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए 2,721 मरम्मत एवं रखरखाव कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, 'जल ही जीवन का मुख्य आधार है और हमारी पारंपरिक जल संरचनाओं को संरक्षित और संवर्धित करना हमारा परम सामाजिक और पर्यावरणीय कर्तव्य है।' उन्होंने इस अभियान को प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से संचालित एक 'पवित्र जन-आंदोलन' बताया। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य भूजल स्तर में गिरावट और जल संकट की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं — ऐसे में मध्य प्रदेश का यह मॉडल राष्ट्रीय महत्व रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इन संरचनाओं ने भूजल स्तर और किसानों की आय पर मापनीय असर डाला या नहीं। गौरतलब है कि ₹10,644 करोड़ के बजट में से 40% से अधिक अभी भी व्यय होना शेष है — और अभियान की समय-सीमा निकट आ रही है। 'जन-आंदोलन' का दावा तभी सार्थक होगा जब स्वतंत्र मूल्यांकन यह पुष्टि करे कि ये संरचनाएँ दीर्घकालिक उपयोग में हैं, केवल कागज़ पर पूर्ण नहीं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार का एक बड़ा जल संरक्षण अभियान है, जिसके तहत राज्यभर में तालाबों, कुओं, सिंचाई संरचनाओं और अमृत सरोवरों का निर्माण व जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इस अभियान के लिए ₹10,644.02 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है और कुल 3,67,777 कार्यों का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान में अब तक कितनी जल संरचनाएँ पूर्ण हुई हैं?
29 मई 2026 तक 2,00,844 जल संरचनाओं का निर्माण और जीर्णोद्धार पूरा हो चुका है। शेष 1,51,093 कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं।
किसानों को इस अभियान से क्या लाभ मिलेगा?
अभियान के तहत 57,794 खेत तालाब और 91,838 डग वेल रिचार्ज संरचनाएँ पूरी की गई हैं, जो सीधे ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में जल आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करती हैं। इससे सिंचाई की उपलब्धता बढ़ेगी और भूजल पुनर्भरण में सहायता मिलेगी।
अभियान के बजट में से कितनी राशि खर्च हो चुकी है?
स्वीकृत ₹10,644.02 करोड़ में से ₹6,330.81 करोड़ — यानी लगभग 59.5% — का उपयोग अब तक किया जा चुका है। शेष राशि का व्यय प्रगतिरत कार्यों के पूरा होने के साथ होगा।
मध्य प्रदेश को जल संरक्षण में 'अग्रणी' क्यों कहा जा रहा है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, 2 लाख से अधिक जल संरचनाओं का पूर्ण होना और 126 अमृत सरोवरों का शत-प्रतिशत निर्माण मध्य प्रदेश को देश में इस क्षेत्र में अग्रणी बनाता है। यह दावा राज्य सरकार की ओर से किया गया है; स्वतंत्र तुलनात्मक आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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