17 जुलाई 2026
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सतना के जंगल में मिला लापता 9 वर्षीय नितिन का क्षत-विक्षत शव, तेंदुए के हमले का संदेह

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सतना के जंगल में मिला लापता 9 वर्षीय नितिन का क्षत-विक्षत शव, तेंदुए के हमले का संदेह

सारांश

सतना के पिंड्रा गांव से लापता 9 वर्षीय नितिन यादव का शव 24 घंटे बाद जंगल में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। पुलिस और वन विभाग को तेंदुए के हमले का संदेह है। तेंदुओं की अधिक आबादी वाले इस इलाके में मानव-वन्यजीव संघर्ष की यह घटना गंभीर चिंता का विषय है।

मुख्य बातें

9 वर्षीय नितिन यादव बुधवार शाम 5 बजे सतना के पिंड्रा गांव से लापता हुआ।
शव गुरुवार शाम गांव से लगभग 500 मीटर दूर वन क्षेत्र में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला।
शव का सिर और निचला हिस्सा अलग-अलग स्थानों पर पाए गए; पेट का एक हिस्सा गायब था।
जिस क्षेत्र में शव मिला, वहाँ तेंदुओं की आबादी अधिक है; जंगली जानवर के हमले का संदेह।
मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद स्पष्ट होगा।
तलाशी में पुलिस , वन विभाग , एसडीआरएफ , क्यूआरएफ , साइबर सेल और डॉग स्क्वाड शामिल थे।

मध्य प्रदेश के सतना जिले के पिंड्रा गांव से बुधवार शाम लापता हुए 9 वर्षीय नितिन यादव का शव करीब 24 घंटे बाद गुरुवार शाम गांव से लगभग 500 मीटर दूर एक वन क्षेत्र से बरामद किया गया। पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को प्रथम दृष्टया संदेह है कि बच्चे पर किसी जंगली जानवर — संभवतः तेंदुए — ने हमला किया, हालांकि मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

घटनाक्रम: कैसे लापता हुआ नितिन

मझगवां पुलिस थाना क्षेत्र के पिंड्रा गांव निवासी लल्लू यादव का बेटा नितिन बुधवार शाम करीब 5 बजे अपने घर के बाहर हैंडपंप के पास गया और वापस नहीं लौटा। परिजनों ने पहले पूरे गांव में तलाश की, फिर पुलिस को सूचना दी। रात भर ग्रामीण भी तलाशी में जुटे रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

व्यापक तलाशी अभियान

लापता होने की सूचना मिलते ही मझगवां पुलिस, वन विभाग, एसडीआरएफ, क्यूआरएफ, साइबर सेल और एक डॉग स्क्वाड को तैनात किया गया। कई टीमों की संयुक्त कोशिशों के बाद गुरुवार शाम नितिन का शव पहाड़ी के निकट वन क्षेत्र से बरामद हुआ।

शव की स्थिति और जांच

पुलिस के अनुसार, शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला — बच्चे का सिर और शरीर का निचला हिस्सा अलग-अलग स्थानों पर पाए गए, जबकि पेट का एक हिस्सा गायब था। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'प्रथम दृष्टया चोटों से जंगली जानवर के हमले का संकेत मिलता है, लेकिन मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही पता चलेगा।'

तेंदुओं की मौजूदगी वाला इलाका

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिस क्षेत्र में शव मिला है, वहाँ तेंदुओं की आबादी अपेक्षाकृत अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के कई वन-सटे गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि सतना जिले के वन क्षेत्र विंध्य पर्वत श्रृंखला से सटे हैं, जहाँ तेंदुए और अन्य वन्यजीवों की सक्रियता दर्ज होती रहती है।

आगे की जांच

पुलिस ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वन विभाग भी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासन को यह भी बताना होगा कि ऐसे संवेदनशील वन-क्षेत्रों में ग्रामीणों — विशेषकर बच्चों — की सुरक्षा के लिए क्या ठोस तंत्र मौजूद है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतना में लापता 9 वर्षीय बच्चे का शव कहाँ और कब मिला?
नितिन यादव का शव गुरुवार शाम पिंड्रा गांव से लगभग 500 मीटर दूर एक वन क्षेत्र में मिला, जो उसके लापता होने के करीब 24 घंटे बाद था। शव पहाड़ी के पास क्षत-विक्षत अवस्था में पाया गया।
क्या यह जंगली जानवर का हमला था या कोई और कारण है?
वन विभाग और पुलिस को प्रथम दृष्टया जंगली जानवर — संभवतः तेंदुए — के हमले का संदेह है, क्योंकि वह क्षेत्र तेंदुओं की अधिक आबादी के लिए जाना जाता है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही पुष्ट होगा।
नितिन यादव कैसे लापता हुआ?
बुधवार शाम करीब 5 बजे नितिन अपने घर के बाहर हैंडपंप के पास गया और वापस नहीं लौटा। परिजनों ने गांव में तलाश की और फिर पुलिस को सूचित किया। रात भर ग्रामीण और कई सरकारी टीमें उसे ढूंढती रहीं।
तलाशी अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं?
मझगवां पुलिस, वन विभाग, एसडीआरएफ, क्यूआरएफ, साइबर सेल और एक डॉग स्क्वाड ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। गांव के लोग भी रात भर खोज में शामिल रहे।
इस घटना के बाद आगे क्या होगा?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी। वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने पर विचार कर रहा है। मामले की जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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