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क्या लखीमपुर खीरी में आदमखोर तेंदुए ने एक 12 साल की बच्ची का शिकार किया?

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क्या लखीमपुर खीरी में आदमखोर तेंदुए ने एक 12 साल की बच्ची का शिकार किया?

सारांश

लखीमपुर खीरी में आदमखोर तेंदुए के हमले से एक 12 साल की बच्ची की मौत हो गई। यह घटना पिछले 10 दिनों में चौथी बार हुई है, जिससे स्थानीय लोग भयभीत हैं। वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए कोशिश कर रहा है। जानें इस घटना के पीछे के कारण और क्षेत्र में तेंदुओं की बढ़ती गतिविधि को।

मुख्य बातें

लखीमपुर खीरी में तेंदुए का आतंक बढ़ रहा है।
गन्ने की फसल तेंदुओं के लिए छिपने का अवसर प्रदान कर रही है।
पिछले 10 दिनों में यह चौथी घटना है।
वन विभाग तेंदुए को पकड़ने की कोशिश कर रहा है।
स्थानीय लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता है।

लखीमपुर खीरी, 9 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में आदमखोर तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को एक 12 साल की बच्ची का तेंदुए ने शिकार बना लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह जिले में पिछले 10 दिनों में चौथी बार ऐसी घटना हुई है।

यह घटना उत्तर निघासन वन क्षेत्र के अंतर्गत रन नगर गांव के निकट हुई, जब स्थानीय निवासी रंजीत सिंह की बेटी प्रीत कौर अपनी मौसी के साथ डॉक्टर के पास से घर लौट रही थी।

अधिकारियों के अनुसार, गन्ने के खेत में छिपे एक तेंदुए ने अचानक बच्ची पर हमला कर दिया और उसे खेत में खींच लिया। मौसी की चीख सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिससे तेंदुआ भाग गया। लेकिन तब तक बच्ची की जान जा चुकी थी।

रेंज अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बच्ची की मौत की पुष्टि की और कहा कि वन विभाग की टीमें तुरंत इलाके में पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा, "हमें घटना की जानकारी मिली है और हमारी टीम घटनास्थल पर स्थिति का आकलन कर रही है।"

डीएफओ (बफर जोन) नवीन खंडेलवाल ने कहा, "हमें तेंदुए के हमले की सूचना मिली है, जिसमें 12 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई है। वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल और कैमरे लगाए जा रहे हैं।"

डीएफओ (दक्षिण खीरी) संजय विश्वाल ने बताया कि हाल के हफ्तों में क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधि में वृद्धि हुई है। सरदानगर रेंज में तेंदुओं की संख्या बढ़ी है। इस मौसम में गन्ने की फसल अच्छी होने के कारण जानवरों को छिपने का मौका मिल रहा है। अनुमान है कि लगभग सात से आठ तेंदुए मानव बस्तियों के पास सक्रिय हैं। हमारी टीमें इलाके की निगरानी कर रही हैं और पिंजरे और कैमरे लगाए गए हैं।

वन विभाग की रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 10 दिनों में लखीमपुर खीरी जिले के विभिन्न वन रेंजों में तेंदुओं के चार हमले दर्ज किए गए हैं।

27 सितंबर: सरदानगर रेंज (दक्षिण खीरी डिवीजन) के राजा रामपुरवा गांव में 9 साल की बच्ची राधा पर हमला हुआ।

5 अक्टूबर: धौरहरा रेंज (बफर जोन) के अंतर्गत लोकाई पुरवा गांव में मुन्ना लाल (35) की मौत।

7 अक्टूबर: सरदानगर रेंज के खंभरखेड़ा गांव में 7 वर्षीय बालिका अनाया पर जानलेवा हमला किया गया।

9 अक्टूबर: उत्तरी निघासन रेंज के रन नगर गांव के पास प्रीत कौर (12) की मौत।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूं कि इस प्रकार की घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखीमपुर खीरी में तेंदुए के हमले की वजह क्या है?
गन्ने की फसल के कारण तेंदुए आसानी से छिपने की जगह पा रहे हैं, जिससे उनकी गतिविधि बढ़ी है।
क्या वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए सक्रिय है?
जी हां, वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल और कैमरे लगाए हैं।
क्या यह पहली घटना है?
नहीं, यह पिछले 10 दिनों में चौथी ऐसी घटना है।
क्या स्थानीय लोग सुरक्षित हैं?
स्थानीय लोगों में डर का माहौल है, और उनकी सुरक्षा के लिए उपाय किए जा रहे हैं।
तेंदुए के हमलों की संख्या कितनी है?
पिछले 10 दिनों में लखीमपुर खीरी में तेंदुओं के चार हमले हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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