क्या बहराइच में आदमखोर जंगली जानवर का आतंक खत्म होगा?

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क्या बहराइच में आदमखोर जंगली जानवर का आतंक खत्म होगा?

सारांश

बहराइच में जंगली जानवर का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। एक बच्ची की दुखद मौत ने पूरे गांव में दहशत फैला दी है। वन विभाग की कोशिशें बेकार साबित हो रही हैं। जानिए क्या हो रहा है इस मामले में?

मुख्य बातें

बहराइच में आदमखोर जानवर का आतंक जारी है।
एक 3 माह की बच्ची की दुखद मौत हुई।
वन विभाग की कोशिशें अब तक बेकार साबित हुई हैं।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
लापरवाही के आरोप वन विभाग पर लग रहे हैं।

बहराइच, 16 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के महसी एवं कैसरगंज क्षेत्र में एक सप्ताह से आदमखोर जंगली जानवर का आतंक जारी है। वन विभाग पिछले एक सप्ताह से इस जानवर को पकड़ने के प्रयास में लगा हुआ है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।

आदमखोर जानवर के आतंक से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। महसी क्षेत्र के बहोरवा गांव में, जानवर ने सोमवार रात तीन माह की बच्ची संध्या को उसकी मां के पास से उठाकर ले गया। बच्ची का शव सुबह गन्ने के खेत में मिला, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।

वन विभाग की टीम लगातार पिंजरा लगा रही है और पिंजरे में बकरी रखी जा रही है, लेकिन आदमखोर जानवर टीम को चकमा देकर भाग जा रहा है। विभाग ने गांव के बाहर कैमरा लगाकर भी निगरानी रखी है।

ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी केवल खानापूर्ति के लिए गांव में आते हैं और फिर चले जाते हैं।

बच्ची की मां ने बताया कि वह अपनी बच्ची के साथ घर के बाहर बैठी थी, तभी एक जंगली जानवर आया और बच्ची को उठा ले गया। उन्होंने शोर मचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

बच्ची के पिता दिनेश ने बताया, "जानवर भेड़िया जैसा दिखाई दे रहा था। मेरी पत्नी ने शोर मचाया, लेकिन बच्ची को बचाने में काफी देर हो गई। रातभर खोजने पर बच्ची नहीं मिली, और सुबह चार बजे उसका शव खेत में मिला।"

ग्रामीण शोभित ने बताया, "गांव में डर का माहौल है, लोग घर से कम निकल रहे हैं। रात में कोई भी घर के बाहर नहीं सोता। सभी लोग छतों पर सोने के लिए मजबूर हैं। अधिकारी केवल आते हैं, घूमकर चले जाते हैं।"

ग्रामीण कुलदीप ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी सूचना मिलने पर ही गांव में आते हैं, केवल घूमकर वापस चले जाते हैं। अभी तक जानवर को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

वन संरक्षक डॉ. सम्मारन ने कहा, "हमने ड्रोन से इलाके की निगरानी की है, लेकिन कोई निशान नहीं मिला है। जानवर को पकड़ने के लिए 12 टीमों का गठन किया गया है और 24 घंटे निगरानी की जा रही है। बच्ची के शव के पास मिले सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है। इस इलाके से 25 किलोमीटर दूर हाल ही में भेड़िया पकड़ा गया है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वन विभाग तेजी से कार्रवाई करे और लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता हो।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बहराइच में जंगली जानवर का आतंक कब से चल रहा है?
यह आतंक पिछले एक सप्ताह से जारी है।
क्या वन विभाग ने जंगली जानवर को पकड़ने के लिए कोई कदम उठाए हैं?
हाँ, वन विभाग लगातार पिंजरे लगा रहा है और निगरानी रख रहा है।
जंगली जानवर ने किसे उठाया?
जंगली जानवर ने 3 माह की बच्ची संध्या को उठाया।
बच्ची का शव कहाँ मिला?
बच्ची का शव गन्ने के खेत में मिला।
क्या ग्रामीणों ने वन विभाग पर आरोप लगाया है?
हाँ, ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाया है।
राष्ट्र प्रेस
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