23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुणे: माता-पिता के सामने तेंदुआ उठा ले गया 5 वर्षीय भाग्यश्री को, गन्ने के खेत में मिला शव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुणे: माता-पिता के सामने तेंदुआ उठा ले गया 5 वर्षीय भाग्यश्री को, गन्ने के खेत में मिला शव

सारांश

पुणे के पिंपलसुटी गाँव में रात को गोठे में सो रही 5 वर्षीय भाग्यश्री को तेंदुआ उठा ले गया — माता-पिता देखते रह गए, पीछा किया, लेकिन बच्ची को बचा नहीं सके। शव गन्ने के खेत में मिला। जुन्नर क्षेत्र में मानव-तेंदुआ संघर्ष की यह घटना ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

23 जुलाई की रात पुणे के पिंपलसुटी गाँव में तेंदुए ने 5 वर्षीय भाग्यश्री को गोठे से उठाया।
माता-पिता ने शोर मचाकर तेंदुए का पीछा किया, लेकिन वह बच्ची को गन्ने के खेत में ले गया जहाँ शव बरामद हुआ।
वन विभाग की टीम घटना की सूचना के 15 मिनट के भीतर, रात 3:15 बजे मौके पर पहुँची।
उप वन संरक्षक प्रशांत खाडे , ACF स्मिता कुलकर्णी व अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे , कैमरा ट्रैप और ड्रोन तैनात; रात की गश्त बढ़ाई गई।
पीड़ित परिवार को शासन के नियमों के तहत तत्काल आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू।

पुणे जिले के शिरूर तालुका स्थित पिंपलसुटी गाँव में बुधवार, 23 जुलाई की रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी — गन्ना मज़दूर दंपति की 5 वर्षीय बेटी भाग्यश्री को एक तेंदुए ने घर के पास बने गोठे (पशुशाला) से उठा लिया, जब वह अपने माता-पिता के साथ वहीं सो रही थी। कुछ ही देर बाद बच्ची का शव पास के गन्ने के खेत से बरामद किया गया।

घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात

परिवार रात को गोठे में सो रहा था, तभी तेंदुआ वहाँ पहुँचा और भाग्यश्री को मुँह में दबाकर उठा ले गया। माता-पिता की नींद खुली तो उन्होंने अपनी बेटी को तेंदुए के जबड़े में देखा। दोनों ने तुरंत शोर मचाया और तेंदुए का पीछा किया, लेकिन वह बच्ची को लेकर निकटवर्ती गन्ने के खेत में घुस गया। कुछ समय बाद वहीं से बच्ची का शव बरामद हुआ।

वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया

सहायक वन संरक्षक स्मिता कुलकर्णी ने बताया कि घटना की सूचना वन विभाग को लगभग 15 मिनट के भीतर मिल गई और रात 3:15 बजे ही टीम घटनास्थल पर पहुँच गई। जुन्नर वन विभाग के उप वन संरक्षक प्रशांत खाडे, सहायक वन संरक्षक राजहंस तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी नीलकंठ गव्हाणे भी मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पंचनामा पूरा होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शासन के नियमों के तहत पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

तेंदुए की तलाश: सर्च ऑपरेशन जारी

घटना के बाद वन विभाग ने पूरे इलाके में तेंदुए की तलाश तेज़ कर दी है। तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। कई स्थानों पर पिंजरे और कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, ड्रोन की मदद से हवाई निगरानी की जा रही है और रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है।

आम जनता पर असर और वन विभाग की अपील

इस घटना के बाद पिंपलसुटी और आसपास के गाँवों में भय का माहौल है। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि रात के समय अकेले बाहर न निकलें, छोटे बच्चों को कभी अकेला न छोड़ें, और यदि कहीं तेंदुआ दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। गौरतलब है कि जुन्नर और उसके आसपास का क्षेत्र मानव-तेंदुआ संघर्ष के लिए पहले से संवेदनशील माना जाता है, और यह घटना उस चिंता को और गहरा करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी गोठों और खुले आवासों में रहने वाले प्रवासी मज़दूर परिवार आज भी बुनियादी सुरक्षा उपायों से वंचित हैं। वन विभाग की त्वरित उपस्थिति सराहनीय है, लेकिन सवाल यह है कि संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को पहले से सुरक्षित आश्रय और चेतावनी तंत्र क्यों नहीं मिलते। पिंजरे और ड्रोन तत्काल समाधान हैं — दीर्घकालिक नीति नहीं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे में तेंदुए के हमले में क्या हुआ?
23 जुलाई की रात पुणे के पिंपलसुटी गाँव में एक तेंदुए ने गोठे में सो रही 5 वर्षीय भाग्यश्री को उठा लिया। माता-पिता के जागने और पीछा करने के बावजूद तेंदुआ बच्ची को गन्ने के खेत में ले गया, जहाँ बाद में उसका शव बरामद हुआ।
वन विभाग ने घटना पर क्या कार्रवाई की?
सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर वन विभाग की टीम रात 3:15 बजे मौके पर पहुँची। उप वन संरक्षक प्रशांत खाडे सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण किया और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे, कैमरा ट्रैप व ड्रोन तैनात किए गए।
क्या तेंदुआ अभी तक पकड़ा गया है?
घटना के बाद वन विभाग ने सर्च ऑपरेशन तेज़ कर दिया है, लेकिन तेंदुआ अभी तक पकड़ा नहीं गया है। विशेष टीमें तैनात हैं और रात की गश्त बढ़ा दी गई है।
पीड़ित परिवार को क्या सहायता मिलेगी?
शासन के नियमों के तहत पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बच्ची का पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है।
ग्रामीणों को वन विभाग ने क्या सावधानियाँ बरतने को कहा है?
वन विभाग ने अपील की है कि रात के समय अकेले बाहर न निकलें, छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ें और तेंदुआ दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें। आसपास के गाँवों में भय का माहौल है और विभाग सतर्कता बरत रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले