क्या महाराष्ट्र के बोर्डी में बिजली के तारों में तेंदुआ एक घंटे तक फंसा रहा?

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क्या महाराष्ट्र के बोर्डी में बिजली के तारों में तेंदुआ एक घंटे तक फंसा रहा?

सारांश

पालघर जिले के बोर्डी में एक तेंदुआ बिजली के तारों में फंस गया, जो स्थानीय लोगों के लिए एक चौंकाने वाली घटना बनी। वह लगभग एक घंटे तक फंसा रहा लेकिन खुद को मुक्त करने में सफल रहा। इस घटना ने वन विभाग की तत्परता पर सवाल उठाए हैं।

Key Takeaways

  • तेंदुए की घटना ने स्थानीय लोगों को चौंकाया।
  • विभाग की सहायता की कमी पर सवाल उठे।
  • मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या सामने आई।
  • तेंदुए को कोई चोट नहीं आई।
  • स्थानीय लोग प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

पालघर, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के पालघर जिले के बोर्डी-घोलवड क्षेत्र में एक तेंदुआ बिजली के तारों में फंस गया। यह घटना स्थानीय निवासियों के लिए अत्यधिक चौंकाने वाली रही।

तेंदुआ ऊँचाई पर तारों में उलझा हुआ था और अपनी आज़ादी के लिए प्रयासरत था। लगभग एक घंटे तक वह इसी स्थिति में रहा। इस दौरान, आस-पास के गांवों से सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और तेंदुए को देखने लगे। भीड़ इतनी बड़ी थी कि पूरा क्षेत्र खचाखच भर गया।

लगभग एक घंटे की मेहनत के बाद, तेंदुआ अंततः खुद ही तारों से बाहर निकलने में सफल हो गया। जैसे ही वह आज़ाद हुआ, वह तेजी से जंगल की ओर भाग गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि तेंदुआ जंगल में गायब हो गया और उसके बाद उसकी कोई सूचना नहीं मिली। इस पूरी घटना में तेंदुए को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

हालांकि, ग्रामीणों में नाराजगी है, क्योंकि वन विभाग की ओर से इस दौरान कोई टीम नहीं पहुंची। लोगों का कहना है कि तेंदुआ इतने लंबे समय तक तारों में फंसा रहा, लेकिन वनकर्मियों ने उसे बचाने या पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से बोर्डी और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की उपस्थिति लगातार देखी जा रही है। कभी वह खेतों के पास दिखता है, तो कभी गांव की गलियों में। इससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। खासकर महिलाएं और बच्चे बाहर निकलने से हिचकिचाते हैं। कई बार पशुओं पर भी तेंदुए के हमले की आशंका जताई जाती रही है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में तेंदुओं का आना सामान्य है, क्योंकि यहाँ जंगल और बस्तियाँ निकट हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। फिर भी, ग्रामीणों की मांग है कि ऐसी घटनाओं में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए ताकि जानवर और इंसान दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यह घटना एक बार फिर पालघर जिले में बढ़ते मानव-तेंदुआ संघर्ष की समस्या को उजागर करती है। स्थानीय लोग आशा कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही ठोस कदम उठाएगा।

Point of View

NationPress
08/02/2026

Frequently Asked Questions

तेंदुआ क्यों बिजली के तारों में फंसा?
तेंदुआ अपनी शिकार की तलाश में ऊँचाई पर स्थित तारों के पास पहुंचा और फंस गया।
क्या तेंदुए को चोट आई?
नहीं, तेंदुए को इस घटना में कोई गंभीर चोट नहीं आई।
वन विभाग ने इस मामले में क्या किया?
इस घटना के समय वन विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
क्या बोर्डी में तेंदुओं की और भी घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, पिछले कुछ महीनों में बोर्डी और उसके आसपास तेंदुओं की उपस्थिति देखी गई है।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया क्या थी?
ग्रामीणों ने घटना को लेकर नाराजगी व्यक्त की और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
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