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क्या जुन्नर में तेंदुए की खोज तेज हो गई है, गोली मारने की अनुमति मिली?

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क्या जुन्नर में तेंदुए की खोज तेज हो गई है, गोली मारने की अनुमति मिली?

सारांश

जुन्नर में तेंदुए की तलाश जारी है, जिसने एक 13 वर्षीय लड़के पर हमला कर उसे मार डाला। वन विभाग ने तेंदुए को गोली मारने की अनुमति दी है। शार्प शूटर तैनात हैं और अलार्म सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। क्या जल्दी ही तेंदुआ पकड़ा जाएगा?

मुख्य बातें

वन विभाग ने तेंदुए की तलाश तेज कर दी है।
उच्च अधिकारियों ने गोली मारने की अनुमति दी है।
शार्प शूटर तैनात किए गए हैं।
अलार्म सिस्टम से लोगों को सतर्क किया जाएगा।
ग्रामीणों से सुरक्षा के लिए अपील की गई है।

जुन्नर, 3 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। वन विभाग उस खतरनाक तेंदुए की खोज में लगा है, जिसने 13 साल के रोहन पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। उच्च अधिकारियों ने तेंदुए को देखते ही गोली मारने की अनुमति जारी कर दी है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शार्प शूटर तैनात कर दिए गए हैं और क्षेत्र में पिंजरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। साथ ही, लोगों को तुरंत सतर्क करने के लिए अलार्म सिस्टम लगाने का कार्य आरंभ किया गया है।

सहायक वन संरक्षक स्मिता राजहंस ने कहा कि घटना के बाद से विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है। रोहन की मौत के बाद गांववालों में दहशत है और वे घर से बाहर निकलने में डर रहे हैं। इसी कारण तेंदुए को जल्द पकड़ने या समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। शार्प शूटर दिन-रात जंगल और आस-पास के क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं, जहां-जहां तेंदुए के पगमार्क या शिकार के निशान मिले हैं। वहां अतिरिक्त पिंजरे लगाए गए हैं। विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही सही तेंदुए का पता चल जाएगा।

अलार्म सिस्टम गांव के प्रमुख स्थलों पर लगाया जा रहा है। जैसे ही तेंदुआ नजर आएगा या पिंजरे में फंसेगा, अलार्म बजेगा और पूरे क्षेत्र के लोग तुरंत सतर्क हो जाएंगे। इससे समय रहते लोग सुरक्षित स्थान पर पहुँच सकेंगे। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि शाम होते ही अकेले बाहर न निकलें और बच्चों का विशेष ध्यान

इस बीच, अब तक पकड़े गए नौ तेंदुओं को मानिकदोह रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। ये तेंदुए रोहन पर हमला करने वाले नहीं हैं, लेकिन इन्हें भी खतरा मानकर पकड़ा गया था। गुजरात के वनतारा केंद्र से अनुमति मिलते ही इन्हें वहां भेज दिया जाएगा। वहां इनकी देखभाल और पुनर्वास की उचित व्यवस्था है। वन विभाग का कहना है कि निर्दोष तेंदुओं को मारना अंतिम विकल्प है, लेकिन लोगों की जान बचाना पहली प्राथमिकता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोग राहत की सांस ले रहे हैं कि विभाग ने तेजी से कदम उठाए हैं। वे उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही तेंदुआ पकड़ा या खत्म हो जाएगा और सामान्य जीवन बहाल हो सकेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्वाभाविक है कि हम वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ मानव जीवन की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें। तेंदुए की तलाश में वन विभाग के तेज कदमों से यह स्पष्ट होता है कि वे मानव जीवन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेंदुआ क्यों खतरनाक है?
तेंदुआ खतरनाक होता है क्योंकि यह मानव पर हमला कर सकता है, विशेषकर जब यह भूखा हो या अपने क्षेत्र की रक्षा कर रहा हो।
क्या तेंदुए को मारना सही है?
यह अंतिम उपाय होना चाहिए। वन विभाग निर्दोष तेंदुओं को मारने के खिलाफ है, लेकिन मानव जीवन की सुरक्षा सबसे पहले आती है।
गांववालों को क्या सलाह दी गई है?
गांववालों को शाम के समय अकेले बाहर न निकलने और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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