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सतना में तालाब डूबने से भाई-बहन की मौत: 7 वर्षीय शुभम और 5 वर्षीय अक्षिता की दर्दनाक जलसमाधि

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सतना में तालाब डूबने से भाई-बहन की मौत: 7 वर्षीय शुभम और 5 वर्षीय अक्षिता की दर्दनाक जलसमाधि

सारांश

मध्य प्रदेश के सतना जिले के पिपरा गांव में 11 जुलाई को एक दर्दनाक हादसे में अरुण सिंह गोंड के दो मासूम बच्चे — 7 वर्षीय शुभम और 5 वर्षीय अक्षिता — घर के पास तालाब में नहाते वक्त डूब गए। पूरा गांव शोक में है।

मुख्य बातें

सतना जिले के पिपरा गांव में 11 जुलाई को तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई।
मृतक 7 वर्षीय शुभम गोंड और 5 वर्षीय अक्षिता गोंड , पिता अरुण सिंह गोंड के बच्चे थे।
ग्रामीणों की मदद से दोनों को तालाब से निकाला गया, लेकिन तब तक जान जा चुकी थी।
परसमनिया चौकी प्रभारी संतोष धुर्वे ने पंचनामा कर शव उचेहरा अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
इससे पहले 29 जून को रांची के चन्द्राटोली गांव में भी दो सगे भाई कुएं में डूबकर मारे गए थे।

मध्य प्रदेश के सतना जिले के पिपरा गांव में 11 जुलाई को एक हृदयविदारक हादसे में दो मासूम भाई-बहन की तालाब में डूबने से मौत हो गई। उचेहरा थाना और परसमनिया चौकी क्षेत्र की ग्राम पंचायत महाराजपुर के इस गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

पिपरा निवासी अरुण सिंह गोंड के 7 वर्षीय पुत्र शुभम गोंड और 5 वर्षीय पुत्री अक्षिता गोंड घर के नज़दीक स्थित तालाब में नहाने गए थे। नहाते समय दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। काफी देर तक बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई और तलाश शुरू की गई।

ग्रामीणों की सहायता से दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। इस दुर्घटना की खबर फैलते ही पूरे पिपरा गांव में मातम छा गया।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही परसमनिया चौकी प्रभारी संतोष धुर्वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी की और दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए उचेहरा अस्पताल भेज दिया। मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पृष्ठभूमि: डूबने की घटनाओं का सिलसिला

यह ऐसे समय में आया है जब देश में पानी में डूबने से होने वाली मौतों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले 29 जून को झारखंड की राजधानी रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र के चन्द्राटोली गांव में भी दो सगे भाइयों की कुएं में डूबने से मौत हो गई थी।

पुलिस के अनुसार, उस घटना में विनोद मुंडा खेत में स्थित कुएं से पानी निकालने गए थे, तभी उनका संतुलन बिगड़ा और वे कुएं में गिर गए। छोटे भाई को डूबते देख सुखराम मुंडा ने बिना अपनी जान की परवाह किए कुएं में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों की जान चली गई।

आम जनता पर असर

ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों और कुओं के पास बच्चों की सुरक्षा को लेकर इस तरह की घटनाएं गंभीर सवाल खड़े करती हैं। गौरतलब है कि ग्रामीण इलाकों में अक्सर तालाबों के पास कोई सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी संकेत नहीं होते, जिससे छोटे बच्चे आसानी से खतरे में पड़ जाते हैं। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन से ऐसे जलस्रोतों के पास सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग उठने लगी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कुएं और नहरें बिना किसी बाड़, चेतावनी बोर्ड या निगरानी के खुले पड़े हैं, और हर मानसून में ऐसी मौतें दोहराई जाती हैं। 29 जून को रांची और 11 जुलाई को सतना — दो हफ्तों में दो राज्यों में एक जैसी त्रासदी बताती है कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि नीतिगत उदासीनता का नतीजा है। जब तक ग्राम पंचायत स्तर पर जल-स्रोतों की सुरक्षा अनिवार्य नहीं की जाती, ये खबरें बदलती नहीं — केवल नाम बदलते हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतना के पिपरा गांव में तालाब हादसे में कौन-कौन से बच्चे मारे गए?
पिपरा गांव निवासी अरुण सिंह गोंड के 7 वर्षीय पुत्र शुभम गोंड और 5 वर्षीय पुत्री अक्षिता गोंड की तालाब में डूबने से मौत हुई। दोनों बच्चे घर के पास स्थित तालाब में नहाने गए थे।
यह हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह घटना 11 जुलाई को मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा थाना व परसमनिया चौकी क्षेत्र की ग्राम पंचायत महाराजपुर के पिपरा गांव में हुई।
बच्चों को बचाने की कोशिश क्यों नाकाम रही?
बच्चे गहरे पानी में चले गए और काफी देर तक परिजनों को उनकी खबर नहीं मिली। जब ग्रामीणों की मदद से दोनों को तालाब से बाहर निकाला गया, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
परसमनिया चौकी प्रभारी संतोष धुर्वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, पंचनामा कार्रवाई पूरी की और दोनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए उचेहरा अस्पताल भेजे।
हाल ही में डूबने की ऐसी कोई अन्य घटना भी हुई है?
हाँ, 29 जून को झारखंड के रांची जिले के चन्द्राटोली गांव में दो सगे भाई — सुखराम मुंडा और विनोद मुंडा — कुएं में डूबकर मारे गए थे। विनोद के डूबने पर सुखराम ने उसे बचाने के लिए छलांग लगाई, लेकिन दोनों की जान चली गई।
राष्ट्र प्रेस
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