17 जुलाई 2026
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सेंसेक्स 801 अंक उछला, निफ्टी 24,277 पर; IT और बड़े बैंकों ने संभाला बाजार

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सेंसेक्स 801 अंक उछला, निफ्टी 24,277 पर; IT और बड़े बैंकों ने संभाला बाजार

सारांश

वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को दमदार वापसी की — सेंसेक्स 801 अंक उछला। टेक महिंद्रा के शानदार नतीजों और बड़े बैंकों की खरीदारी ने बाजार को थामे रखा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी और रुपये की गिरावट ने सतर्कता की याद दिलाई।

मुख्य बातें

सेंसेक्स शुक्रवार दोपहर 801 अंक (1.04%) की बढ़त के साथ 77,999 पर; निफ्टी 205 अंक (0.85%) चढ़कर 24,277 पर।
निफ्टी IT 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष गेनर; टेक महिंद्रा के उम्मीद से बेहतर नतीजों से IT सेक्टर को बल मिला।
कोटक महिंद्रा बैंक , एक्सिस बैंक , आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक में खरीदारी से बाजार को अतिरिक्त सहारा।
निफ्टी मिडकैप 100 452 अंक (0.72%) और निफ्टी स्मॉलकैप 100 178 अंक (0.92%) की गिरावट में।
FII ने गुरुवार को ₹4,205.56 करोड़ की बिकवाली की; DII ने ₹2,986.41 करोड़ की खरीदारी की।
रुपया इस सप्ताह एशिया की सबसे खराब मुद्रा , 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स शुक्रवार, 17 जुलाई को दोपहर 12 बजे 801 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,999 पर कारोबार कर रहा था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 205 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,277 पर था। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-ईरान तनाव के चलते वैश्विक बाजारों में दबाव बना हुआ है और एशियाई प्रमुख सूचकांक लाल निशान में हैं।

किन कारकों से मिला बाजार को सहारा

टेक महिंद्रा के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों ने निफ्टी IT को 1 प्रतिशत की बढ़त दिलाई, जिससे यह सूचकांक शीर्ष लाभ में रहा। इसके साथ ही कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों में सक्रिय खरीदारी ने बाजार को ऊपर बनाए रखा।

गौरतलब है कि IT क्षेत्र के नतीजे इस तिमाही बाजार की धारणा के लिए निर्णायक साबित हो रहे हैं, और टेक महिंद्रा के आँकड़ों ने पूरे सेक्टर में आत्मविश्वास बढ़ाया है।

व्यापक बाजार में कमजोरी जारी

हालाँकि बड़े सूचकांकों में तेजी रही, लेकिन व्यापक बाजार का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 452 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 62,236 पर था, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 178 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,156 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि तेजी का दायरा सीमित है और खरीदारी चुनिंदा बड़े शेयरों तक ही केंद्रित है।

रुपये की कमजोरी और वैश्विक दबाव

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस हफ्ते गिरते रुपये का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊँचे स्तर के चलते वाणिज्यिक बैंकों द्वारा FCNR-B डिपॉजिट जुटाने का काम अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा। इस सप्ताह रुपया एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।

वैश्विक मोर्चे पर टोक्यो, शंघाई और हांगकांग के बाजार लाल निशान में बने रहे, जो अमेरिका-ईरान तनाव से उपजी अनिश्चितता को दर्शाता है।

FII बिकवाली बनाम DII खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को इक्विटी बाजार में ₹4,205.56 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,986.41 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया। FII का बिकवाली का यह सिलसिला जारी है, जो वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशकों की सतर्क मनोस्थिति को दर्शाता है।

आगे क्या उम्मीद

बाजार जानकारों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार एक सीमित दायरे में बना रह सकता है। रुपये की चाल, FII प्रवाह और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम अगले सत्रों में बाजार की दिशा तय करेंगे। IT कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजे भी बाजार के लिए अहम संकेत देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह तेजी महज मुट्ठीभर IT और बैंकिंग दिग्गजों पर टिकी है — व्यापक बाजार अभी भी दबाव में है। मिडकैप और स्मॉलकैप की गिरावट यह स्पष्ट करती है कि खुदरा निवेशकों का पोर्टफोलियो इस रैली का हिस्सा नहीं बन पाया। रुपये का एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन और FII की लगातार बिकवाली संकेत देती है कि विदेशी पूँजी का भरोसा अभी पूरी तरह नहीं लौटा। DII की खरीदारी राहत देती है, लेकिन यह FII के निकास की भरपाई नहीं कर पा रही — और जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की मजबूती बनी रहेगी, यह असंतुलन बाजार की छत को सीमित रखेगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी तेजी आई?
17 जुलाई को दोपहर 12 बजे सेंसेक्स 801 अंक (1.04%) की बढ़त के साथ 77,999 पर और निफ्टी 205 अंक (0.85%) की मजबूती के साथ 24,277 पर कारोबार कर रहा था। यह बढ़त मुख्यतः IT और बड़े निजी बैंक शेयरों की वजह से आई।
बाजार में तेजी के पीछे मुख्य कारण क्या रहे?
टेक महिंद्रा के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों ने निफ्टी IT को 1 प्रतिशत की बढ़त दिलाई। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक में सक्रिय खरीदारी ने भी बाजार को ऊपर बनाए रखा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
व्यापक बाजार में कमजोरी रही — निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 452 अंक (0.72%) गिरकर 62,236 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 178 अंक (0.92%) की गिरावट के साथ 19,156 पर था। यह दर्शाता है कि तेजी का दायरा सीमित और चुनिंदा रहा।
FII और DII की गतिविधि कैसी रही?
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को इक्विटी बाजार में ₹4,205.56 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,986.41 करोड़ की खरीदारी की। FII की बिकवाली का सिलसिला जारी रहने से बाजार पर दबाव बना हुआ है।
इस हफ्ते रुपये का प्रदर्शन क्यों खराब रहा?
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊँचे स्तर के कारण वाणिज्यिक बैंकों द्वारा FCNR-B डिपॉजिट जुटाना अपेक्षाओं से कम रहा, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा। इस सप्ताह रुपया एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।
राष्ट्र प्रेस
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