सेंसेक्स 801 अंक उछला, निफ्टी 24,277 पर; IT और बड़े बैंकों ने संभाला बाजार
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स शुक्रवार, 17 जुलाई को दोपहर 12 बजे 801 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,999 पर कारोबार कर रहा था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 205 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,277 पर था। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-ईरान तनाव के चलते वैश्विक बाजारों में दबाव बना हुआ है और एशियाई प्रमुख सूचकांक लाल निशान में हैं।
किन कारकों से मिला बाजार को सहारा
टेक महिंद्रा के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों ने निफ्टी IT को 1 प्रतिशत की बढ़त दिलाई, जिससे यह सूचकांक शीर्ष लाभ में रहा। इसके साथ ही कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों में सक्रिय खरीदारी ने बाजार को ऊपर बनाए रखा।
गौरतलब है कि IT क्षेत्र के नतीजे इस तिमाही बाजार की धारणा के लिए निर्णायक साबित हो रहे हैं, और टेक महिंद्रा के आँकड़ों ने पूरे सेक्टर में आत्मविश्वास बढ़ाया है।
व्यापक बाजार में कमजोरी जारी
हालाँकि बड़े सूचकांकों में तेजी रही, लेकिन व्यापक बाजार का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 452 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 62,236 पर था, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 178 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,156 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि तेजी का दायरा सीमित है और खरीदारी चुनिंदा बड़े शेयरों तक ही केंद्रित है।
रुपये की कमजोरी और वैश्विक दबाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस हफ्ते गिरते रुपये का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊँचे स्तर के चलते वाणिज्यिक बैंकों द्वारा FCNR-B डिपॉजिट जुटाने का काम अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा। इस सप्ताह रुपया एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।
वैश्विक मोर्चे पर टोक्यो, शंघाई और हांगकांग के बाजार लाल निशान में बने रहे, जो अमेरिका-ईरान तनाव से उपजी अनिश्चितता को दर्शाता है।
FII बिकवाली बनाम DII खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को इक्विटी बाजार में ₹4,205.56 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,986.41 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया। FII का बिकवाली का यह सिलसिला जारी है, जो वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशकों की सतर्क मनोस्थिति को दर्शाता है।
आगे क्या उम्मीद
बाजार जानकारों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार एक सीमित दायरे में बना रह सकता है। रुपये की चाल, FII प्रवाह और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम अगले सत्रों में बाजार की दिशा तय करेंगे। IT कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजे भी बाजार के लिए अहम संकेत देंगे।