सेंसेक्स 440 अंक उछला, निफ्टी 24,175 पर; बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स बुधवार, 6 मई को शुरुआती कारोबार में 440 अंक (0.57%) की बढ़त के साथ 77,458 पर पहुँच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 142 अंक (0.59%) की मजबूती के साथ 24,175 पर कारोबार कर रहा था। सुबह 9:18 बजे IST के आँकड़ों के अनुसार, मजबूत वैश्विक संकेतों और अमेरिका-ईरान तनाव में कमी की उम्मीद ने भारतीय बाज़ार को रफ्तार दी।
बैंकिंग शेयरों की अगुवाई
शुरुआती कारोबारी सत्र में तेजी की कमान निफ्टी बैंक ने सँभाली, जो 707 अंक (1.30%) की छलांग लगाकर 55,254 पर पहुँच गया। एसबीआई, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस समेत प्रमुख बैंकिंग काउंटर हरे निशान में रहे। बजाज फिनसर्व भी गेनर्स की सूची में शामिल था।
गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, इंडिगो, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, इटरनल, टीसीएस, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, बीईएल, इन्फोसिस, अदाणी पोर्ट्स और एचसीएल टेक प्रमुख गेनर्स रहे। दूसरी ओर, एलएंडटी, एचयूएल, पावर ग्रिड, आईटीसी और एनटीपीसी लाल निशान में रहे।
सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस, निफ्टी मेटल, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी कंजप्शन बढ़त में थे, जबकि निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी एनर्जी दबाव में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी
व्यापक बाज़ार में भी उत्साह देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 558 अंक (0.94%) की बढ़त के साथ 60,832 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 157 अंक (0.86%) की मजबूती के साथ 18,339 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि तेजी केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं, बल्कि बाज़ार की चौड़ाई भी मज़बूत है।
वैश्विक संकेत और ईरान कारक
वैश्विक बाज़ारों में तेजी की प्रमुख वजह अमेरिका का 'फ्रीडम प्रोजेक्ट' रोकना बताया जा रहा है, जिससे ईरान के साथ तनाव में कमी के संकेत मिले। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से यह ऑपरेशन रोकने की अपील की गई थी और ईरान के साथ समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ी है। इस पृष्ठभूमि में शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाज़ार भी हरे निशान में खुले। अमेरिकी शेयर बाज़ार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
एफआईआई और डीआईआई का रुख
संस्थागत निवेश के मोर्चे पर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को इक्विटी में ₹3,621.58 करोड़ की बिकवाली की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,602.62 करोड़ का निवेश कर बाज़ार को सहारा दिया। गौरतलब है कि FII की बिकवाली के बावजूद DII की खरीदारी ने बाज़ार को टिकाए रखा — यह हाल के हफ्तों में बार-बार देखा गया पैटर्न है। आगे की दिशा वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और FII प्रवाह पर निर्भर करेगी।