नीट-यूजी 2026 दोबारा परीक्षा: शिमला-पटना में कड़ी सुरक्षा, नेताओं ने दी शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार, 21 जून को देशभर में आयोजित की गई, जिसमें शिमला, पटना और अन्य शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित इस पुनर्परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'सभी परीक्षार्थियों पर महाप्रभु जगन्नाथ का आशीर्वाद मिले। छात्र मानसिक तौर पर फिट रहें और परीक्षा को हिट करें, यही मेरी कामना है।'
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा, 'तैयारी पूरी की गई है। मेरा मानना है कि सकुशल परीक्षा संपन्न हो जाए तो लाखों बच्चों में आशा की किरण जागेगी।'
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि परीक्षा की पूरी तैयारी की गई है और आज की परीक्षा सफल होगी। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
एक परीक्षार्थी का केंद्र अबू-धाबी में होने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर BJP सांसद दिनेश शर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी खुद में एक सवाल हैं, क्योंकि कांग्रेस उनके नेतृत्व में 99 बार हार चुकी है, इसके बावजूद वे नेता हैं।'
अभ्यर्थियों की राय
परीक्षा देने पहुंची अभ्यर्थी सोनिया बी ने कहा कि वे परीक्षा के लिए काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, 'पेपर लीक के बाद और पढ़ने के लिए थोड़ा समय मिला। सरकार की ओर से ठीक व्यवस्थाएं की गई हैं।'
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जिले भर में नौ परीक्षा केंद्र बनाए गए। पुलिस और ITBP के जवानों की कड़ी निगरानी में सीलबंद हरे बक्सों में प्रश्न-पत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए।
बिहार की राजधानी पटना में ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार ने बताया कि बड़ी संख्या में उम्मीदवार और उनके अभिभावकों के आने से जाम की स्थिति उत्पन्न होती थी। उन्होंने कहा, 'इसे आसान बनाने के लिए हमने विशेष इंतजाम किए हैं ताकि रास्तों पर कोई दबाव न पड़े।' यह परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित की जा रही है, जिसने पिछले कुछ महीनों में पूरे देश में चिकित्सा प्रवेश प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।