री-नीट यूजी 2026: पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा में उम्मीद और दबाव दोनों साथ लेकर पहुंचे लाखों छात्र
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित री-नीट यूजी 2026 परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को देशभर के केंद्रों पर संपन्न हुई। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा आयोजित इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लेकर पहुंचे, लेकिन उनके चेहरों पर मानसिक दबाव और अनिश्चितता भी स्पष्ट दिखी। परीक्षा केंद्रों पर इस बार त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई, जिसमें पुलिस, सीआरपीएफ और सीसीटीवी निगरानी शामिल रही।
अभ्यर्थियों का अनुभव: उम्मीद के साथ घबराहट भी
पंजाब के अमृतसर में एक अभ्यर्थी ने बताया कि वह पहली परीक्षा की तुलना में इस बार अधिक घबराया हुआ है। उसके अनुसार पिछला पेपर अपेक्षाकृत आसान था, लेकिन अब यह आशंका है कि दोबारा होने वाली परीक्षा कठिन हो सकती है। उसने कहा कि पेपर लीक जैसी घटना नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन अब NTA अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।
पटियाला के एक अभ्यर्थी ने कहा कि जब पेपर लीक की खबर सामने आई तो उसे बहुत बुरा लगा, क्योंकि उसके पास परीक्षा पास करने का अच्छा अवसर था। मोहाली के एक छात्र ने कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था काफी मज़बूत दिखाई दे रही है और पेपर लीक की संभावना बहुत कम लगती है। उसने यह भी जोड़ा कि यदि दोबारा कोई गड़बड़ी होती है तो यह गंभीर चिंता का विषय होगा, क्योंकि यह परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी है।
चंडीगढ़: 'दोबारा परीक्षा देना पहली कोशिश जैसा लगा'
चंडीगढ़ के एक अभ्यर्थी ने बताया कि यह उसका पहला प्रयास है और उसने पहले भी नीट 2026 की परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक के कारण वह प्रयास प्रभावित हो गया। उसने कहा कि 'दोबारा परीक्षा देना एक तरह से फिर से पहली कोशिश जैसा महसूस हो रहा है।' उसके अनुसार पेपर अच्छा गया, लेकिन उसने कभी नहीं सोचा था कि पेपर लीक जैसी स्थिति पैदा होगी।
सुरक्षा व्यवस्था: त्रिस्तरीय घेरा और सीसीटीवी निगरानी
चंडीगढ़ में NTA के पर्यवेक्षक अनुज कुमार ने बताया कि परीक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। कंट्रोल रूम में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं तथा पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले पेपर लीक विवाद ने NTA की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
करनाल से आई आवाज़: 'दोबारा तैयारी आसान नहीं थी'
हरियाणा के करनाल में एक अभ्यर्थी ने कहा कि पहली बार पेपर लीक होने पर उसे निराशा हुई थी, क्योंकि उसकी परीक्षा अच्छी गई थी। दोबारा तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन सभी छात्रों ने फिर से मेहनत की। गौरतलब है कि नीट यूजी परीक्षा देश में मेडिकल प्रवेश का एकमात्र राष्ट्रीय द्वार है और इसमें हर वर्ष 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी भाग लेते हैं। आने वाले दिनों में परिणाम और काउंसलिंग प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।