री-नीट यूजी 2026: पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा में छात्रों ने बताया — किसी को मिला नया मौका, किसी ने सहा दर्द
सारांश
मुख्य बातें
पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा आयोजित री-नीट यूजी 2026 परीक्षा में देशभर के छात्र और अभिभावक 21 जून 2026 को परीक्षा केंद्रों पर पहुँचे — हर चेहरे पर अलग-अलग भावनाएँ लिए। जहाँ कुछ अभ्यर्थियों ने इस दूसरे अवसर को नई उम्मीद की तरह देखा, वहीं कई छात्रों के लिए यह परीक्षा महीनों की मानसिक थकान और निराशा के बाद आई एक कठिन चुनौती थी।
मंगलुरु: दूसरे मौके को नई उम्मीद की तरह देखा
कर्नाटक के मंगलुरु में परीक्षा देने पहुँचे एक छात्र ने बताया कि जब पहली बार दोबारा परीक्षा की घोषणा हुई, तो वह खुश था — क्योंकि वह अपने पहले प्रयास में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया था। उसने कहा, 'इस बार मैंने पूरी तैयारी की है और मुझे विश्वास है कि मैं अच्छा प्रदर्शन करूँगा।' उसके लिए री-नीट एक दूसरा मौका था जिसे वह गँवाना नहीं चाहता था।
बेंगलुरु: दो साल की मेहनत के बाद टूटा मनोबल, फिर जुटाई हिम्मत
बेंगलुरु के एक अभ्यर्थी ने बताया कि परीक्षा रद्द होने की खबर सुनकर उसे गहरा आघात लगा था, क्योंकि उसने इसके लिए दो साल तक कड़ी मेहनत की थी। उसके अनुसार उस निराशा से उबरकर दोबारा पढ़ाई की लय में आने में काफी समय लगा। हालाँकि परीक्षा के दिन उसका पूरा ध्यान सिर्फ अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर था।
बेंगलुरु के ही एक अन्य छात्र ने कहा कि उसके मन में इस फैसले को लेकर मिली-जुली भावनाएँ थीं। एक ओर उसे लगा कि पेपर लीक का खुलासा होने के बाद दोबारा परीक्षा कराना निष्पक्षता के लिए अनिवार्य था, क्योंकि कुछ लोगों के पास पहले से प्रश्नपत्र पहुँच चुका था। दूसरी ओर उसे उन छात्रों के प्रति सहानुभूति भी थी, जिन्होंने नींद और आराम छोड़कर महीनों तैयारी की थी।
तिरुवनंतपुरम: 'एक की गलती की सज़ा पूरे देश के बच्चों को'
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक छात्र ने कहा कि एक व्यक्ति की गलती का खामियाजा पूरे देश के छात्रों को भुगतना पड़ता है। उसके अनुसार यह समस्या किसी एक राज्य या कुछ छात्रों की नहीं, बल्कि देशव्यापी है। वहीं एक अन्य अभ्यर्थी ने परीक्षा में दिए गए अतिरिक्त 15 मिनट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उत्तर लिखने में राहत मिली।
चेन्नई के अभिभावक: 'बेटे की पहली परीक्षा अच्छी थी, फिर भी रद्द हुई'
तमिलनाडु के चेन्नई में अभिभावक राजकुमार ने बताया कि उनके बेटे की पहली परीक्षा बेहद अच्छी रही थी, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद उनके बेटे को फिर से मानसिक और शैक्षणिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में भी उनका बेटा पूरे समय सकारात्मक बना रहा, जो उनके लिए गर्व की बात है।
चेन्नई में ही एक अन्य अभिभावक अम्मू शिबू ने बताया कि करीब डेढ़ महीने के लंबे इंतजार के बाद बच्चे हिम्मत जुटाकर दोबारा परीक्षा देने पहुँचे। उन्होंने परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि अभिभावकों के लिए भी सुविधाजनक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारू रही।
आगे क्या
री-नीट यूजी 2026 के परिणाम और उसके बाद की काउंसेलिंग प्रक्रिया पर अब लाखों छात्रों और उनके परिवारों की नज़रें टिकी हैं। पेपर लीक मामले में जाँच जारी है और परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग पूरे देश में उठ रही है।