SP प्रभारी सिद्दीकी बोले: उत्तराखंड में संगठन मजबूती और चुनाव रणनीति पर हुई गहन चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (SP) के उत्तराखंड प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने 22 सितंबर 2026 को लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उत्तराखंड राज्य कार्यकारिणी की बैठक के नतीजों और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति का विस्तार से खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पार्टी का पूरा ध्यान अभी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और सीट-वार तैयारी पर केंद्रित है।
बैठक में क्या हुआ
सिद्दीकी के अनुसार, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तराखंड के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एक साथ बुलाकर विस्तृत बैठक की। बैठक में मुख्य रूप से तीन विषयों पर मंथन हुआ — संगठन को मजबूत करना, चुनाव लड़ने की रणनीति तय करना और किन सीटों पर पार्टी उम्मीदवार उतारे, यह निर्धारित करना। सिद्दीकी ने कहा कि अखिलेश यादव ने उत्तराखंड के नेताओं को 'काफी समय' दिया, जो पार्टी की इस राज्य के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
उत्तराखंड निर्माण में SP का दावा
सिद्दीकी ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में समाजवादी पार्टी की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने संसद के दोनों सदनों से प्रस्ताव पास कराकर दो बार भेजा था, जिसके बाद उत्तराखंड की स्थापना संभव हो सकी। इसके अलावा, मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल में पर्वतीय क्षेत्र में पिथौरागढ़ की हवाई पट्टी, स्कूलों और हैंडपंपों का निर्माण जैसे विकास कार्य भी हुए। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड बनने से पहले मुलायम सिंह यादव ने कौशिक समिति का गठन किया था, और यदि बाद की सरकारें उस समिति की रिपोर्ट पर अमल करतीं, तो उत्तराखंड आज देश का 'नंबर वन राज्य' होता।
यूसीसी और अल्पसंख्यक चिंताओं पर पार्टी का रुख
समान नागरिक संहिता (UCC) पर सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो चुका है, लेकिन इससे अल्पसंख्यकों को नुकसान होने की आशंकाओं को उन्होंने 'भ्रम' बताया। तीन तलाक और हलाला के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 'तीन तलाक एक साथ देना पहले भी हराम था और आज भी हराम है।' उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास विकास के एजेंडे से इतर केवल हिंदू-मुसलमान का मुद्दा बचा है, और आने वाला समय 'सेक्युलर राजनीति का है' जिसमें समाजवादी पार्टी की प्रमुख भागीदारी रहेगी।
प्रदेश अध्यक्ष नियुक्ति और संगठनात्मक बदलाव
स्थायी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सिद्दीकी ने संकेत दिया कि एक सप्ताह के भीतर निर्णय हो सकता है। उन्होंने बताया कि एक नेता को प्रदेश अध्यक्ष और एक-दो नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। साथ ही, प्रभारी के साथ एक या दो सह-प्रभारी बनाए जाने की भी संभावना उन्होंने जताई। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में अगला विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है और पार्टी जमीन तैयार करने में जुटी है।
गठबंधन और सनातन विवाद
उत्तराखंड में किसी दल के साथ गठबंधन के सवाल पर सिद्दीकी ने साफ कहा कि अभी तक कोई गठबंधन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की ओर से कोई प्रस्ताव आता है तो अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ही करेंगे। सनातन को लेकर उठने वाले सवालों के जवाब में उन्होंने अखिलेश यादव द्वारा इटावा में केदारनाथ मंदिर के निर्माण का हवाला देते हुए कहा कि 'अगर वे सनातन को नहीं मानते होते तो इटावा में इतना बड़ा केदारनाथ मंदिर नहीं बनवा रहे होते।' पार्टी की नज़र अब उत्तराखंड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पर है।