3 नवंबर 2026
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इंडिया गठबंधन के लिए अखिलेश यादव का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए: स्वामी प्रसाद मौर्य का पलटवार

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इंडिया गठबंधन के लिए अखिलेश यादव का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए: स्वामी प्रसाद मौर्य का पलटवार

सारांश

अखिलेश यादव के बाहर रखने वाले बयान पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने साफ कह दिया — इंडिया गठबंधन कांग्रेस का है, सपा का नहीं। यह टकराव दिखाता है कि विपक्षी एकता की परत के नीचे दरारें गहरी हैं।

मुख्य बातें

स्वामी प्रसाद मौर्य ने 3 नवंबर 2026 को लखनऊ में यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात की।
मौर्य ने कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल होने के लिए अखिलेश यादव से कोई 'सर्टिफिकेट' लेने की ज़रूरत नहीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन का फैसला कांग्रेस नेतृत्व करेगा, किसी अन्य दल का इस पर अधिकार नहीं।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बयान पर मौर्य ने आरोप लगाया कि ऐसे नेता BJP को फायदा पहुँचाना चाहते हैं।
रामलीला मैदान रैली में 60% भीड़ कांग्रेस की और 40% सहयोगी दलों की होने का दावा किया।

अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने 3 नवंबर 2026 को लखनऊ में यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात की और इसके बाद इंडिया गठबंधन में शामिल होने की संभावनाओं पर अपनी राय रखी। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन में रहने या न रहने का निर्णय किसी एक दल का नहीं, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व का विशेषाधिकार है।

अखिलेश के बयान पर सीधा पलटवार

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि स्वामी प्रसाद मौर्य उनके गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं और न ही उनकी सीटों की गिनती में शामिल हैं। इस पर मौर्य ने कड़े शब्दों में जवाब दिया: 'हम गठबंधन में रहेंगे या नहीं रहेंगे, इसके लिए हमें अखिलेश यादव से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है।'

उन्होंने आगे कहा कि पूरा इंडिया गठबंधन कांग्रेस के नेतृत्व में बना है और इस विषय पर निर्णय लेने का अधिकार केवल कांग्रेस नेतृत्व को है। किसी अन्य दल के नेता को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।

सपा सांसद के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के उस बयान पर भी मौर्य ने निशाना साधा, जिसमें कहा गया था कि वे इंडिया गठबंधन में शामिल नहीं हो सकते। मौर्य ने आरोप लगाया कि जो लोग ऐसे बयान दे रहे हैं, वे वास्तव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिताने में मदद करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, 'ये लोग चाहते हैं कि भाजपा सत्ता में बनी रहे, इसलिए जानबूझकर इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।' मौर्य ने यह भी जोड़ा कि जनता ऐसे नेताओं को नकार रही है।

रामलीला मैदान रैली को बताया बदलाव का प्रतीक

राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात के दौरान मौर्य ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने इस रैली को 'बदलाव का प्रतीक' बताते हुए कहा कि यह संकेत देती है कि देश एक बड़े परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है।

मौर्य के अनुसार यह रैली लोकतंत्र की रक्षा के लिए आयोजित की गई थी और इसने पूरे देश को यह संदेश दिया कि लोग लोकतंत्र बचाने के लिए सड़कों पर उतरने को तैयार हैं।

राहुल गांधी को बताया देश का नेता

स्वामी प्रसाद मौर्य ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 'पूरे देश का नेता और हीरो' बताया। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान की रैली राहुल गांधी के आह्वान पर और कांग्रेस के नेतृत्व में हुई थी। मौर्य के दावे के अनुसार उस रैली में 60 प्रतिशत भीड़ कांग्रेस की थी और शेष 40 प्रतिशत गठबंधन के सहयोगी दलों की।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब इंडिया गठबंधन के भीतर सीट बँटवारे और समन्वय को लेकर तनाव की खबरें सामने आती रही हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य के ताज़ा बयानों से स्पष्ट है कि वे सपा से नहीं, बल्कि सीधे कांग्रेस नेतृत्व से अपनी गठबंधन की स्थिति तय करना चाहते हैं। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस मामले में क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की ज़मीन सपा के मुकाबले कहीं कम है। रामलीला मैदान रैली में 60-40 के अनुपात का दावा जाँचा जाना चाहिए — यह संख्या गठबंधन के भीतर वर्चस्व की राजनीति का हिस्सा लगती है। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस नेतृत्व मौर्य को औपचारिक रूप से गठबंधन में जगह देगा, या यह विवाद यूपी में विपक्षी एकता को और खंडित करेगा।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के बयान पर क्या कहा?
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल होने के लिए उन्हें अखिलेश यादव से किसी 'सर्टिफिकेट' की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गठबंधन का नेतृत्व कांग्रेस के पास है और फैसला भी कांग्रेस ही करेगी।
इंडिया गठबंधन में स्वामी प्रसाद मौर्य की स्थिति क्या है?
अखिलेश यादव ने कहा था कि मौर्य उनके गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। इस पर मौर्य ने कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात कर अपनी गठबंधन में भागीदारी की संभावना जताई, हालाँकि कांग्रेस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बयान पर मौर्य की क्या प्रतिक्रिया थी?
मौर्य ने आरोप लगाया कि जो लोग उनके गठबंधन में शामिल होने का विरोध कर रहे हैं, वे दरअसल BJP को सत्ता में बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाजी जानबूझकर की जा रही है और जनता ऐसे नेताओं को नकार रही है।
रामलीला मैदान रैली पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने क्या कहा?
मौर्य ने रामलीला मैदान रैली को 'बदलाव का प्रतीक' बताया और कहा कि यह लोकतंत्र की रक्षा के लिए आयोजित की गई थी। उनके अनुसार रैली में 60 प्रतिशत भीड़ कांग्रेस की थी और 40 प्रतिशत सहयोगी दलों की।
क्या यह विवाद इंडिया गठबंधन की एकता को प्रभावित कर सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार यह विवाद गठबंधन के भीतर सीट बँटवारे और समन्वय की उन कठिनाइयों को दर्शाता है जो विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में स्पष्ट हैं। कांग्रेस नेतृत्व का रुख इस मामले में निर्णायक होगा।
राष्ट्र प्रेस
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