3 अगस्त 2026
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केशव प्रसाद मौर्य पर सपा का तीखा पलटवार: 'अपनी ही सरकार में सम्मान नहीं, इसलिए बयानबाजी'

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केशव प्रसाद मौर्य पर सपा का तीखा पलटवार: 'अपनी ही सरकार में सम्मान नहीं, इसलिए बयानबाजी'

सारांश

सपा के शिवपाल यादव, अवधेश प्रसाद और राजीव राय ने एक सुर में केशव प्रसाद मौर्य को घेरा — 'अपनी ही पार्टी में उपेक्षित, कई चुनाव हारे, इसलिए बयानबाजी।' 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की सियासत में यह पलटवार ओबीसी मतदाताओं को साधने की बड़ी जंग का शुरुआती दौर है।

मुख्य बातें

सपा राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य चुनावी समीकरण न बैठा पाने की वजह से बयानबाजी कर रहे हैं।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि मौर्य की अपनी ही पार्टी और सरकार में कोई सम्मान नहीं है।
सपा सांसद राजीव राय ने मौर्य को 'मौसमी माननीय' और 'स्टूल माननीय मंत्री' कहकर व्यंग्य किया।
मौर्य ने पहले भविष्यवाणी की थी कि 2027 में सपा का 'बुरा हश्र' होगा — इसी पर सपा ने पलटवार किया।
नवंबर-दिसंबर 2026 में संभावित उपचुनावों को लेकर सियासी तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेताओं ने 18 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की हालिया टिप्पणियों पर कड़ा पलटवार किया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मौर्य अपनी ही पार्टी और सरकार में उपेक्षित हैं, और चुनावी समीकरण न बन पाने की वजह से वे बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं।

शिवपाल यादव का सीधा हमला

सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा, 'आप केशव प्रसाद मौर्य की बात कर रहे हैं, जो उपमुख्यमंत्री हैं। वह अपने जीतने के लिए समीकरण नहीं बैठा पा रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने उन्हें कई चुनावों में हराया है। इसलिए, जब वह ऐसे बयान देते हैं, तो इससे यही पता चलता है कि ये लोग झूठ बोलते हैं।' शिवपाल यादव ने यह भी कहा कि जो नेता खुद अपनी सीट नहीं जीत सकते, वे कुछ नहीं कर पाएंगे। उन्होंने आगे जोड़ा, 'भगवान राम के मंदिर पर कितनी बड़ी चोरी हुई है। जब भगवान राम को नहीं छोड़ सकते हैं, तो इनसे बड़ा अधर्मी कौन होगा।'

सांसद अवधेश प्रसाद की प्रतिक्रिया

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, 'केशव प्रसाद मौर्य जिस पार्टी और सरकार में हैं, उसी में उनका सम्मान नहीं है। जिन इलाकों में चुनाव हुए हैं, वहाँ के लोगों का उन पर से भरोसा उठ गया है।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आगामी नवंबर या दिसंबर 2026 में संभावित उपचुनावों को लेकर कुछ नेता भयभीत हैं, और यही डर उनकी बयानबाजी में झलक रहा है।

राजीव राय का व्यंग्यात्मक वार

सपा सांसद राजीव राय ने तीखे व्यंग्य में कहा, 'वे बड़े उछल-कूद मचाए थे कि मंत्रिमंडल के फेरबदल में बाबा कुछ ढंग का मंत्रालय दे दें। एक मौसमी माननीय हैं तो एक स्टूल माननीय मंत्री हैं, जो बौखलाहट और बदहवासी में कुछ भी बोले जा रहे हैं।' राय ने कहा कि मौर्य को डर है कि उनका 'स्टूल न खींच लिया जाए' और वे अपने बच्चों को चुनाव लड़ाने की जुगत में हैं। उन्होंने कहा, 'ऐसे लोगों पर तरस खाना चाहिए।'

मौर्य ने क्या कहा था

इससे पहले केशव प्रसाद मौर्य ने एक कार्यक्रम में सपा पर हमला बोलते हुए कहा था, 'बिहार और पश्चिम बंगाल में कमल खिलने के बाद सैफई वालों के हाल-बेहाल हैं। मैं भविष्यवाणी कर सकता हूँ कि 2027 में समाजवादी पार्टी का बुरा हश्र होगा।' मौर्य के इसी बयान के जवाब में सपा नेताओं ने यह पलटवार किया।

आगे क्या

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और सपा के बीच बयानबाजी का यह दौर तेज होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह वाकयुद्ध पिछड़ा वर्ग मतदाताओं को साधने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिस पर दोनों दल अपना दावा ठोकते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

सपा उन्हीं का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि मौर्य कुर्मी समुदाय के बड़े नेता माने जाते हैं, और सपा का यह हमला उसी समुदाय में सेंध लगाने की रणनीति का हिस्सा लगता है। असली सवाल यह है कि क्या यह वाकयुद्ध ज़मीनी समीकरण बदलेगा, या फिर यह महज़ चुनाव-पूर्व शोर बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा ने केशव प्रसाद मौर्य पर हमला क्यों किया?
केशव प्रसाद मौर्य ने एक कार्यक्रम में कहा था कि 2027 में सपा का बुरा हश्र होगा। इसी बयान के जवाब में सपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि मौर्य खुद कई चुनाव हार चुके हैं और अपनी ही सरकार में उनका सम्मान नहीं है।
शिवपाल सिंह यादव ने केशव मौर्य के बारे में क्या कहा?
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य अपने जीतने के लिए समीकरण नहीं बैठा पा रहे, इसलिए बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सपा ने मौर्य को कई चुनावों में हराया है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने क्या आरोप लगाए?
अवधेश प्रसाद ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य जिस पार्टी और सरकार में हैं, उसी में उनका सम्मान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नवंबर-दिसंबर 2026 में संभावित चुनावों को लेकर डर के कारण मौर्य ऐसे बयान दे रहे हैं।
राजीव राय ने केशव मौर्य को 'मौसमी माननीय' क्यों कहा?
सपा सांसद राजीव राय ने व्यंग्य करते हुए मौर्य को 'मौसमी माननीय' कहा, यह इशारा करते हुए कि उनकी राजनीतिक स्थिति अस्थिर है और वे मंत्रिमंडल फेरबदल में बेहतर मंत्रालय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
2027 उत्तर प्रदेश चुनाव में इस विवाद का क्या असर होगा?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह बयानबाजी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ओबीसी, खासकर कुर्मी समुदाय के मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है। भाजपा और सपा दोनों इस वर्ग पर अपना दावा मज़बूत करने की होड़ में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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