13 अगस्त 2026
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आजम खान को गृह मंत्री बनाने के वादे पर BJP का पलटवार, मौर्य बोले— 'तुष्टिकरण की राजनीति'

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आजम खान को गृह मंत्री बनाने के वादे पर BJP का पलटवार, मौर्य बोले— 'तुष्टिकरण की राजनीति'

सारांश

शिवपाल यादव के आजम खान को गृह मंत्री बनाने के वादे ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा ने इसे 2027 चुनाव से पहले 'एमवाई' समीकरण साधने की कोशिश बताया, जबकि उपमुख्यमंत्री मौर्य ने सपा सरकार बनने की संभावना को ही खारिज कर दिया।

मुख्य बातें

शिवपाल सिंह यादव ने वादा किया कि सपा सरकार बनने पर आजम खान को उत्तर प्रदेश का गृह मंत्री बनाया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसे मुस्लिम वोटबैंक के लिए तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने दावा किया कि भाजपा इस बार दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।
विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि 2027 चुनाव को ध्यान में रखकर 'एमवाई' समीकरण साधने की कोशिश हो रही है।
आजम खान अदालत द्वारा गंभीर मामलों में दोषसिद्ध हैं और उनकी चुनाव लड़ने की पात्रता पर प्रश्नचिह्न है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 13 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला, जब शिवपाल सिंह यादव ने यह वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर आजम खान को प्रदेश का गृह मंत्री बनाया जाएगा। मौर्य ने इस बयान को मुस्लिम वोटबैंक साधने की कोशिश करार दिया और स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

मौर्य का सीधा हमला

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'समाजवादी पार्टी का हिंदू-विरोधी रवैया, अपराधियों और दंगाइयों का समर्थन करने की उसकी आदत और गुंडों को बचाने का उसका रिकॉर्ड साफ है। शिवपाल सिंह यादव, कथित तौर पर अपने भतीजे अखिलेश यादव के कहने पर संभल जाते हैं और कहते हैं कि दंगाइयों के खिलाफ मामले वापस ले लिए जाएंगे। फिर वे रामपुर जाते हैं और आजम खान से मिलते हैं। उन्हें गंभीर मामलों में सजा मिली है और चुनाव लड़ने की भी हैसियत नहीं बची है। उन्हें सपा की सरकार बनने पर गृह मंत्री बनाने की बात करते हैं। यही उनका चरित्र है और जनता सब देख रही है।'

मौर्य ने आगे कहा, 'अभी समाजवादी पार्टी की सरकार बनने वाली नहीं है, लेकिन मुस्लिम वोटबैंक जुटाने के लिए वे तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं और गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का संदेश दे रहे हैं। यह प्रदेश की जनता को बर्दाश्त नहीं होगा। प्रदेश सुशासन के पथ पर आगे बढ़ रहा है।'

भाजपा सांसद और विधायकों की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'समाजवादी पार्टी लगता है कि दिन में सपना देख रही है। एक कहावत है ना — 'न नौ मन तेल होगा, ना सपा सरकार बनाएगी।' जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में पूरे प्रदेश का वातावरण है, इस बार भाजपा दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी। सपने सपने होते हैं।'

मंत्री दया शंकर मिश्र ने भी इस वादे को 'ख्यालि पुलाव' बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता पूरे दिल से डबल-इंजन सरकार के साथ है। उन्होंने कहा, 'जातियों के नाम पर समाज को बांटने वाले लोग सत्ता का ख्वाब देख रहे हैं। वे मंत्रालय बांट लें और मंत्री नियुक्त कर लें, लेकिन उनके सपने अधूरे ही रहेंगे।'

भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने कहा, 'एक कहावत है — 'अपना कुछ था नहीं और गांव को चले बयाना बांटने।' समाजवादी पार्टी में शिवपाल यादव की स्थिति सबको पता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा वहां किसी और की कोई बात नहीं चलती। जब आजम खान जेल में बंद थे, तब कितनी बार अखिलेश और शिवपाल यादव उनसे मिलने गए थे — यह सिर्फ लोक-लुभावनी बातें हैं।'

2027 चुनाव की पृष्ठभूमि

जायसवाल ने यह भी कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक है और अपने 'एमवाई' (मुस्लिम-यादव) समीकरण को ध्यान में रखकर शिवपाल यादव अभी मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सपा अपनी चुनावी रणनीति को नए सिरे से तैयार करने में जुटी है।

गौरतलब है कि आजम खान को अदालत ने गंभीर मामलों में दोषी ठहराया है, जिसके चलते उनकी चुनाव लड़ने की पात्रता पर भी प्रश्नचिह्न है। ऐसे में उन्हें गृह मंत्री बनाने का वादा विपक्ष के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन गया है।

आगे क्या होगा

भाजपा नेताओं के इस सामूहिक पलटवार से साफ है कि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीतिक जमीन अभी से गर्म होने लगी है। सपा और भाजपा दोनों अपने-अपने मतदाता आधार को मजबूत करने की कोशिश में हैं, और आने वाले महीनों में इस तरह के बयानों की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि आजम खान न्यायिक दोषसिद्धि के साए में हैं। भाजपा ने इस बयान को तुरंत भुनाया, जो दर्शाता है कि दोनों दल 2027 से पहले अपने-अपने आधार वोटरों को संकेत देने में व्यस्त हैं। असली सवाल यह है कि क्या इस तरह के प्रतीकात्मक वादे उन मतदाताओं को प्रभावित करेंगे जो रोजगार, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे ठोस मुद्दों पर वोट देते हैं। मुख्यधारा की कवरेज बयानबाजी पर केंद्रित है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि सपा इन वादों को जमीनी चुनावी संगठन में कैसे बदलती है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवपाल यादव ने आजम खान को गृह मंत्री बनाने का वादा क्यों किया?
शिवपाल सिंह यादव ने यह वादा किया कि यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा। भाजपा नेताओं के अनुसार यह 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम मतदाताओं को साधने की कोशिश है।
भाजपा ने शिवपाल यादव के बयान पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति बताया और कहा कि सपा की सरकार बनने का कोई सवाल नहीं है। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने दावा किया कि भाजपा इस बार दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।
आजम खान की कानूनी स्थिति क्या है?
आजम खान को अदालत ने गंभीर मामलों में दोषी ठहराया है, जिसके कारण उनकी चुनाव लड़ने की पात्रता भी प्रभावित हुई है। ऐसे में उन्हें गृह मंत्री बनाने का वादा राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से विवादास्पद माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव कब है?
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। भाजपा विधायक रमेश जायसवाल के अनुसार इसी चुनाव को ध्यान में रखकर सपा 'एमवाई' (मुस्लिम-यादव) समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
सपा में शिवपाल यादव की स्थिति क्या है?
भाजपा नेताओं के अनुसार समाजवादी पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा किसी और की विशेष चलती नहीं है। भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि शिवपाल यादव का यह बयान महज लोक-लुभावन है और पार्टी में उनकी वास्तविक स्थिति सीमित है।
राष्ट्र प्रेस
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