आजम खान को गृह मंत्री बनाने के वादे पर BJP का पलटवार, मौर्य बोले— 'तुष्टिकरण की राजनीति'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 13 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला, जब शिवपाल सिंह यादव ने यह वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर आजम खान को प्रदेश का गृह मंत्री बनाया जाएगा। मौर्य ने इस बयान को मुस्लिम वोटबैंक साधने की कोशिश करार दिया और स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
मौर्य का सीधा हमला
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'समाजवादी पार्टी का हिंदू-विरोधी रवैया, अपराधियों और दंगाइयों का समर्थन करने की उसकी आदत और गुंडों को बचाने का उसका रिकॉर्ड साफ है। शिवपाल सिंह यादव, कथित तौर पर अपने भतीजे अखिलेश यादव के कहने पर संभल जाते हैं और कहते हैं कि दंगाइयों के खिलाफ मामले वापस ले लिए जाएंगे। फिर वे रामपुर जाते हैं और आजम खान से मिलते हैं। उन्हें गंभीर मामलों में सजा मिली है और चुनाव लड़ने की भी हैसियत नहीं बची है। उन्हें सपा की सरकार बनने पर गृह मंत्री बनाने की बात करते हैं। यही उनका चरित्र है और जनता सब देख रही है।'
मौर्य ने आगे कहा, 'अभी समाजवादी पार्टी की सरकार बनने वाली नहीं है, लेकिन मुस्लिम वोटबैंक जुटाने के लिए वे तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं और गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का संदेश दे रहे हैं। यह प्रदेश की जनता को बर्दाश्त नहीं होगा। प्रदेश सुशासन के पथ पर आगे बढ़ रहा है।'
भाजपा सांसद और विधायकों की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'समाजवादी पार्टी लगता है कि दिन में सपना देख रही है। एक कहावत है ना — 'न नौ मन तेल होगा, ना सपा सरकार बनाएगी।' जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में पूरे प्रदेश का वातावरण है, इस बार भाजपा दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी। सपने सपने होते हैं।'
मंत्री दया शंकर मिश्र ने भी इस वादे को 'ख्यालि पुलाव' बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता पूरे दिल से डबल-इंजन सरकार के साथ है। उन्होंने कहा, 'जातियों के नाम पर समाज को बांटने वाले लोग सत्ता का ख्वाब देख रहे हैं। वे मंत्रालय बांट लें और मंत्री नियुक्त कर लें, लेकिन उनके सपने अधूरे ही रहेंगे।'
भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने कहा, 'एक कहावत है — 'अपना कुछ था नहीं और गांव को चले बयाना बांटने।' समाजवादी पार्टी में शिवपाल यादव की स्थिति सबको पता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा वहां किसी और की कोई बात नहीं चलती। जब आजम खान जेल में बंद थे, तब कितनी बार अखिलेश और शिवपाल यादव उनसे मिलने गए थे — यह सिर्फ लोक-लुभावनी बातें हैं।'
2027 चुनाव की पृष्ठभूमि
जायसवाल ने यह भी कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक है और अपने 'एमवाई' (मुस्लिम-यादव) समीकरण को ध्यान में रखकर शिवपाल यादव अभी मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सपा अपनी चुनावी रणनीति को नए सिरे से तैयार करने में जुटी है।
गौरतलब है कि आजम खान को अदालत ने गंभीर मामलों में दोषी ठहराया है, जिसके चलते उनकी चुनाव लड़ने की पात्रता पर भी प्रश्नचिह्न है। ऐसे में उन्हें गृह मंत्री बनाने का वादा विपक्ष के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन गया है।
आगे क्या होगा
भाजपा नेताओं के इस सामूहिक पलटवार से साफ है कि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीतिक जमीन अभी से गर्म होने लगी है। सपा और भाजपा दोनों अपने-अपने मतदाता आधार को मजबूत करने की कोशिश में हैं, और आने वाले महीनों में इस तरह के बयानों की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।