एशियन गेम्स बॉक्सिंग: नरेंद्र बेरवाल सेमीफाइनल में, मेडल पक्का; सचिन सिवाच 0-5 से हारे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने 27 सितंबर 2026 को निशियो जिम्नेजियम में एशियन गेम्स के पुरुष 90+ किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड के अथापोंग सेंगटेप को रेफरी स्टॉपेज से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया। इसी दिन पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच को जापान के शुनसुके कितामोटो से सर्वसम्मत फैसले में 0-5 से पराजय झेलनी पड़ी और वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
नरेंद्र बेरवाल का दमदार प्रदर्शन
निशियो जिम्नेजियम में नरेंद्र ने पहले राउंड से ही आक्रामक रुख अपनाया। उनके सटीक और जोरदार मुक्कों के सामने अथापोंग को दो बार 'स्टैंडिंग काउंट' का सामना करना पड़ा। तीसरी बार जब रेफरी को मुकाबला रोकना पड़ा, तब नरेंद्र को विजेता घोषित कर दिया गया।
सेमीफाइनल में उनका सामना वर्ल्ड चैंपियन आइबेक ओरलबे से होगा, जो इस वर्ग के सबसे कड़े दावेदारों में से एक हैं। नरेंद्र पहले 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत चुके हैं और हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक हासिल किया था।
सचिन सिवाच की निराशाजनक विदाई
पुरुष 60 किग्रा क्वार्टर फाइनल में सचिन सिवाच — जो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के स्वर्ण पदक विजेता हैं — को जापान के शुनसुके कितामोटो ने 29-28 के अंतिम फैसले से हराया। कितामोटो विश्व चैंपियनशिप 2025 के कांस्य पदक विजेता हैं।
सचिन पहला राउंड 1-4 से और दूसरा 0-5 से हारे। तीसरे राउंड में उन्होंने वापसी की कोशिश की और उसे 4-1 से अपने पक्ष में किया, लेकिन समग्र फैसला बदलने के लिए यह पर्याप्त नहीं था।
परवीन हुड्डा का शानदार प्रदर्शन, मेडल पक्का
महिला 65 किग्रा वर्ग में परवीन हुड्डा ने क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की नवबखोर खामिदोवा को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेडल पक्का किया। उल्लेखनीय है कि खामिदोवा विश्व चैंपियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता हैं।
परवीन ने अपनी रीच और स्पीड का भरपूर उपयोग किया, खामिदोवा को दूरी पर रखा और सही अवसर पर तेज कॉम्बिनेशन व काउंटर-अटैक से सभी पाँच जजों के स्कोरकार्ड पर बढ़त बनाए रखी।
भारत का बॉक्सिंग मेडल अभियान
नरेंद्र और परवीन के साथ, एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह तीसरा बॉक्सिंग मेडल है। इससे पहले अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने भी मेडल सुनिश्चित किए थे। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाजी ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
नरेंद्र बेरवाल का सेमीफाइनल मुकाबला वर्ल्ड चैंपियन ओरलबे से होगा — यह भारतीय बॉक्सिंग का अब तक का सबसे बड़ा इम्तिहान होगा और रिंग के बाहर करोड़ों प्रशंसकों की निगाहें इस पर टिकी रहेंगी।