एशियन गेम्स 2026: परवीन वॉकओवर से क्वार्टर फाइनल में, साक्षी मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन से हारकर बाहर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बॉक्सर परवीन ने 24 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 के निशियो जिम्नेजियम में महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग के 'राउंड ऑफ 16' में ताजिकिस्तान की मलिका नोजिमोवा से वॉकओवर मिलने के बाद क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। परवीन अब एशियन गेम्स मेडल पक्का करने से केवल एक जीत दूर हैं। दूसरी ओर, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की गोल्ड मेडलिस्ट साक्षी चौधरी महिलाओं के 51 किग्रा प्री-क्वार्टर फाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अलुआ बाल्किबेकोवा से 2-3 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
परवीन का सफर और आगामी चुनौती
सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए क्वार्टर फाइनल में परवीन का मुकाबला उज्बेकिस्तान की मौजूदा वर्ल्ड सिल्वर मेडलिस्ट नवबखोर खमिदोवा से होगा। यह मुकाबला कड़ी परीक्षा साबित होगा, क्योंकि खमिदोवा अपने वजन वर्ग में एशिया की शीर्षस्थ बॉक्सरों में शामिल हैं।
हरियाणा में जन्मी परवीन 63 किग्रा कैटेगरी में 2022 की एशियन चैंपियन रह चुकी हैं। गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2023 के लिए वह 57 किग्रा कैटेगरी में उतरी थीं और भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल तथा ओलंपिक कोटा हासिल किया था। हालांकि, 12 महीनों के भीतर तीन बार 'वेयरअबाउट्स' नियमों का उल्लंघन करने पर वाडा (WADA) द्वारा सस्पेंशन मिलने के बाद उनसे ये दोनों उपलब्धियाँ छीन ली गई थीं। इस बार वह मेडल जीतकर अपना पुनर्वापसी का सफर पूरा करना चाहेंगी।
साक्षी की विदाई — कड़े मुकाबले में हार
साक्षी चौधरी ने प्री-क्वार्टर फाइनल में करंट वर्ल्ड चैंपियन अलुआ बाल्किबेकोवा के खिलाफ जोरदार टक्कर दी, लेकिन तीन जजों के स्कोरकार्ड (27-30) उनके खिलाफ रहे, जबकि दो जजों के कार्ड (30-27 और 29-28) उनके पक्ष में थे। अंतिम फैसला 2-3 से उनके विरुद्ध रहा।
यह ऐसे समय में आया है जब साक्षी ने एशियन गेम्स के शुरुआती राउंड में पेरिस ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट आइरा विलेगास को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया था — निशियो जिम्नेजियम में उनका यह पहला अंतरराष्ट्रीय एशियन मंच था। साक्षी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन निखत जरीन और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा को हराकर इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में जगह बनाई थी।
सुमित की चोट के कारण हार
पुरुषों के 79 किग्रा वर्ग में भारतीय बॉक्सर सुमित शुरुआती दो राउंड जीतने के बाद मुकाबले में आगे चल रहे थे, लेकिन तीसरे राउंड की शुरुआत में ही वह चोटिल हो गए। उन्हें ठीक से चलने में भी परेशानी हो रही थी और कथित तौर पर घुटने में चोट लगी दिखी। रेफरी द्वारा मुकाबला रोकने के निर्णय के साथ सुमित का एशियन गेम्स सफर समाप्त हो गया।
भारतीय बॉक्सिंग का आगे का रास्ता
परवीन की क्वार्टर फाइनल में उपस्थिति भारतीय बॉक्सिंग दल के लिए एक उम्मीद की किरण है। खमिदोवा के खिलाफ जीत परवीन को न केवल मेडल दिलाएगी, बल्कि उनकी पूर्ण पेशेवर वापसी को भी रेखांकित करेगी। साक्षी और सुमित की विदाई के बाद भारतीय दल की उम्मीदें अब मुख्यतः परवीन पर टिकी हैं।