एशियन गेम्स 2026: परवीन हुड्डा ने खमिदोवा को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, भारत का दूसरा बॉक्सिंग मेडल पक्का
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने 27 सितंबर 2026 को निशियो जिम्नेजियम में 65 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की नवबखोर खमिदोवा को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से मात देकर एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ परवीन ने भारत के लिए इस संस्करण में बॉक्सिंग का दूसरा मेडल सुनिश्चित कर दिया है।
मुकाबले का घटनाक्रम
खमिदोवा ने पहले राउंड में आक्रामक शुरुआत करते हुए अपने लेफ्ट हुक से कुछ सफलता हासिल की, जिससे परवीन को शुरुआत में बैक फुट पर आना पड़ा। हालाँकि, भारतीय मुक्केबाज ने तेज वन-टू कॉम्बिनेशन और चुनिंदा काउंटर-अटैक से पहले राउंड में बढ़त बना ली। जजों ने यह राउंड 4-1 से परवीन के पक्ष में दिया।
दूसरे राउंड में खमिदोवा ने दबाव बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन परवीन की रीच और मूवमेंट ने उज्बेक बॉक्सर को नजदीक आने का मौका नहीं दिया। भारतीय मुक्केबाज के तेज काउंटर-अटैक ने उन्हें यह राउंड 5-0 से जिताया। दो राउंड के बाद जजों के चार कार्ड पर परवीन 20-18 से आगे थीं, जबकि एक कार्ड पर स्कोर 19-19 बराबर था।
अंतिम राउंड में जीत के करीब होने के बावजूद परवीन ने संयम बनाए रखा। खमिदोवा ने रणनीति बदलते हुए काउंटर गेम अपनाया, लेकिन परवीन की सटीक पंचिंग और मूवमेंट हावी रही। आखिर में दोनों के बीच कई पंचों का आदान-प्रदान हुआ और अंत में परवीन ने 5-0 की सर्वसम्मत जीत दर्ज की।
परवीन की ताकत और रणनीति
परवीन ने पूरे मुकाबले में अपनी रीच और स्पीड का कुशलता से इस्तेमाल किया। उन्होंने खमिदोवा को दूरी पर रखते हुए सही मौकों पर सटीक प्रहार किए। गौरतलब है कि खमिदोवा वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 की सिल्वर मेडलिस्ट हैं, फिर भी वह परवीन की तेज गति और काउंटर-अटैक रणनीति के सामने अपनी छाप नहीं छोड़ पाईं।
परवीन की वापसी की पृष्ठभूमि
यह जीत परवीन के लिए निजी और खेल दोनों स्तरों पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 2022 हांग्जो एशियन गेम्स में जीता गया उनका ब्रॉन्ज मेडल 'डोपिंग वेयरअबाउट्स उल्लंघन' के कारण वापस ले लिया गया था — जो किसी भी एथलीट के करियर का सबसे कठिन दौर हो सकता है। इस झटके से उबरकर परवीन ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया और अब आइची-नागोया एशियन गेम्स में वह पोडियम पर वापसी सुनिश्चित कर चुकी हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाजी ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। परवीन की यह जीत न केवल व्यक्तिगत पुनर्वास की कहानी है, बल्कि भारतीय महिला बॉक्सिंग की गहराई को भी दर्शाती है।
आगे का सफर
सेमीफाइनल में परवीन का मुकाबला अब किसी अन्य शीर्ष एशियाई मुक्केबाज से होगा, और जीत की स्थिति में वह गोल्ड मेडल मुकाबले में उतरेंगी। एशियन गेम्स में 65 किलोग्राम वर्ग में उनका प्रदर्शन भारत की मेडल तालिका को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।