परवीन हुड्डा एशियन गेम्स बॉक्सिंग फाइनल में, चीन की ली शू को 5-0 से रौंदा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने 29 सितंबर 2026 को निशियो जिम्नेजियम में चीन की ली शू को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से परास्त कर एशियन गेम्स की महिला 65 किग्रा भार वर्ग स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश किया। सभी पाँचों जजों ने परवीन के पक्ष में मतदान किया — तीन ने 29-28 और दो ने 30-27 का स्कोरकार्ड दिया।
मुकाबले का घटनाक्रम
पहले राउंड में परवीन ने सतर्क रणनीति अपनाई और काउंटर पंच के दम पर 3-2 के करीबी अंतर से राउंड अपने नाम किया। दूसरे राउंड में उन्होंने आक्रामकता बढ़ाई और सटीक हिट्स से दबदबा कायम करते हुए राउंड 5-0 से जीत लिया, हालाँकि चीनी बॉक्सर ने भी कुछ पंच जड़े।
तीसरे और अंतिम राउंड में परवीन की गति और सटीकता चरम पर थी। उन्होंने एक बार फिर 5-0 से राउंड अपने नाम किया और कुल मिलाकर मुकाबले पर अपनी मज़बूत पकड़ साबित की।
फाइनल में कड़ी चुनौती
गोल्ड मेडल मुकाबले में परवीन का सामना चाइनीज़ ताइपे की चेन निएन-चिन से होगा। निएन-चिन मौजूदा ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और वर्ल्ड ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं। उन्होंने 2023 एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
यह मुकाबला अनुभव बनाम जोश की परीक्षा होगी। परवीन की आक्रामक शैली और निएन-चिन की अंतर्राष्ट्रीय अनुभव की पूँजी — दोनों के बीच यह भिड़ंत एशियन गेम्स बॉक्सिंग की सबसे रोमांचक जंगों में से एक होने की उम्मीद है।
भारत के अन्य मुक्केबाजों का हाल
अंकुश पंघाल और नरेंद्र भी मंगलवार को अपने-अपने सेमीफाइनल में उतरे। मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रूज सालिमोव को 5-0 से हराकर पदक पक्का किया था।
नरेंद्र ने पुरुषों के +90 किग्रा क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड के अदथापोंग सेंगटेप को हराकर अपना पदक सुनिश्चित किया।
भारत का मेडल खाता
इन नतीजों के साथ भारत ने एशियन गेम्स की बॉक्सिंग स्पर्धा में कुल छह पदक पक्के कर लिए हैं। सोमवार को कपिल पोखरिया, प्रिया घनघस और लवलीना बोरगोहेन ने अपने-अपने मुकाबले जीते।
प्रिया ने महिलाओं की 60 किग्रा क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान की मिजगोना समदोवा को 5-0 से हराकर पदक सुनिश्चित किया। लवलीना ने महिलाओं के 75 किग्रा क्वार्टर फाइनल में कोरिया की सियोंग सुयोन को 5-0 से हराकर अपना पदक पक्का किया।
आगे क्या होगा
परवीन का फाइनल मुकाबला भारत के लिए गोल्ड का सबसे प्रबल मौका है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाजी दल का सामूहिक प्रदर्शन एशियन गेम्स के इतिहास में देश की सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग पारियों में से एक बनने की राह पर है।