एशियन गेम्स 2026: प्रिया घंघास को महिला 60 किग्रा सेमीफाइनल में चीन की यांग से 1-4 की हार, ब्रॉन्ज से करना पड़ा संतोष
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मुक्केबाज प्रिया घंघास का एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक का सपना 30 सितंबर को निशियो में उस वक्त टूट गया, जब महिलाओं की 60 किग्रा कैटेगरी के सेमीफाइनल में चीन की अनुभवी मुक्केबाज यांग चेंगयु ने उन्हें 4-1 के स्प्लिट डिसीजन से पराजित किया। इस हार के साथ प्रिया का अभियान कांस्य पदक पर जाकर थमा, जो भारतीय मुक्केबाजी के लिए फिर भी एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
सेमीफाइनल तक का सफर
प्रिया ने क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान की मिजगोना समदोवा को 5-0 की एकमत जीत से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। उस शानदार प्रदर्शन के बाद वे फाइनल में जगह बनाने की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं। गौरतलब है कि उनकी प्रतिद्वंद्वी यांग चेंगयु 2025 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता हैं — यानी यह मुकाबला शुरू से ही कड़ी चुनौती वाला था।
मुख्य घटनाक्रम: राउंड-दर-राउंड विश्लेषण
पहले राउंड में यांग ने आक्रामक शुरुआत की, जिससे प्रिया को शुरुआत में काउंटर पंचिंग पर निर्भर रहना पड़ा। हालाँकि प्रिया ने जल्द ही अपनी लय पकड़ी और राउंड के दूसरे हाफ में कॉम्बिनेशन पंच लगाए। बावजूद इसके, जजों ने पहला राउंड 3-2 से यांग के पक्ष में दिया।
दूसरे राउंड में प्रिया और आक्रामक होकर उतरीं और अंतर पाटने की कोशिश की। लेकिन यांग का संतुलन अटूट रहा — उन्होंने प्रिया के लिए क्लीन लैंडिंग मुश्किल बना दी और खुद कई असरदार पंच भी जड़े। दूसरा राउंड 4-1 से यांग के नाम रहा, जिससे प्रिया तीसरे राउंड में काफी पीछे हो गईं।
तीसरे और अंतिम राउंड में प्रिया ने टेम्पो बढ़ाने की पूरी कोशिश की, लेकिन यांग का अनुशासित डिफेंस अभेद्य रहा। चीनी मुक्केबाज ने बार-बार दूरी कम की और भारतीय मुक्केबाज के हमलों को झेला या रोका। अंतिम राउंड भी 4-1 से यांग के नाम रहा और उन्होंने 4-1 के स्प्लिट डिसीजन से मुकाबला जीत लिया।
प्रिया का ब्रॉन्ज — भारत के लिए अहम उपलब्धि
यह हार निराशाजनक ज़रूर है, लेकिन एशियन गेम्स में महिला 60 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक भारतीय मुक्केबाजी के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशियाई स्तर पर महिला मुक्केबाजी में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
प्रिया की इस यात्रा ने यह साबित किया कि वे महाद्वीप के शीर्ष मुक्केबाजों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। आलोचकों का कहना है कि अगर जजों का निर्णय थोड़ा भिन्न होता, तो पहले राउंड में नतीजा अलग हो सकता था।
आगे क्या: फाइनल में यांग बनाम लिन
यांग चेंगयु अब फाइनल में चीनी ताइपे की लिन यू-टिंग से भिड़ेंगी। लिन पेरिस ओलंपिक की मौजूदा चैंपियन हैं, जिससे महिला 60 किग्रा गोल्ड मेडल का मुकाबला एशियाई खेलों के सबसे हाई-प्रोफाइल बाउट्स में से एक बन गया है। यह मुकाबला एशियाई मुक्केबाजी में चीन और चीनी ताइपे के बीच वर्चस्व की लड़ाई का प्रतीक भी होगा।