एशियन गेम्स 2026: प्रीति पवार 54 किग्रा राउंड ऑफ 16 में हारीं, सचिन 4-1 से जीतकर क्वार्टर फाइनल में
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला बॉक्सर प्रीति पवार का एशियन गेम्स 2026 में मेडल जीतने का सपना 25 सितंबर को उस वक्त टूट गया, जब निशियो में खेले गए 54 किलोग्राम भार वर्ग के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में उत्तर कोरिया की दो बार की विश्व चैंपियन पैंग चोल-मी ने उन्हें 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से पराजित किया। वहीं, भारत के सचिन ने जॉर्डन के मोहम्मद अबू जाजेह को 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
प्रीति पवार का सफर यहीं थमा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर सुर्खियाँ बटोरने वाली प्रीति पवार को इस बार राउंड ऑफ 16 में ही प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा। उल्लेखनीय है कि प्रीति इससे पहले हांग्जो एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी थीं, इसलिए इस बार उनसे पदक की उम्मीदें भी अधिक थीं।
प्रीति को टूर्नामेंट में पहले राउंड में बाई मिला था, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी पैंग चोल-मी ने राउंड ऑफ 32 में इंडोनेशिया की नबीला महारानी को हराकर क्वालीफाई किया था। दो बार की विश्व चैंपियन चोल-मी ने पहले राउंड से ही मुकाबले पर पकड़ बना ली और भारतीय बॉक्सर को अपनी लय में खेलने का अवसर नहीं दिया।
चोल-मी ने पहला और दूसरा राउंड अपने नाम किया। प्रीति ने अंतिम राउंड में वापसी की कोशिश की, लेकिन उत्तर कोरियाई खिलाड़ी के सधे हुए और सोच-समझकर मारे गए पंचों के सामने वे संघर्ष करती नज़र आईं। तीसरा राउंड भी 5-0 से चोल-मी के पक्ष में रहा और उन्होंने सर्वसम्मत फैसले से मुकाबला जीता।
सचिन की क्वार्टर फाइनल में धमाकेदार एंट्री
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के गोल्ड मेडलिस्ट सचिन ने जॉर्डन के पूर्व एशियन चैंपियन और विश्व ब्रॉन्ज मेडलिस्ट मोहम्मद अबू जाजेह को कड़े मुकाबले में 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराया। सचिन को दो 30-27 कार्ड और दो 29-28 कार्ड मिले, जबकि एक कार्ड 28-29 का रहा।
मुकाबले की शुरुआत धीमी रही, किंतु सचिन ने पहला राउंड 3-2 के करीबी अंतर से अपने नाम किया। दूसरे राउंड में उन्होंने अपनी गेमप्लान को और धारदार बनाया और सटीक पंच लगाकर 4-1 की बढ़त ले ली। तीसरे राउंड में जॉर्डन के बॉक्सर ने वापसी का प्रयास किया, लेकिन उनके कई पंच निशाने से चूक गए। सचिन ने यह राउंड भी 4-1 से जीतकर मुकाबले पर अपनी मुहर लगाई।
क्वार्टर फाइनल में कड़ी परीक्षा
क्वार्टर फाइनल में सचिन का सामना जापान के विश्व ब्रॉन्ज मेडलिस्ट शुनसुके कितामोटो से होगा। यह मुकाबला सचिन के लिए आसान नहीं होगा, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके स्वर्णिम प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय खेमे में पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं। यह एशियन गेम्स में उनका पहला पदक जीतने का सुनहरा मौका होगा।
भारतीय मुक्केबाज़ी पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाज़ी एशियाई स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत करने की कोशिश में है। प्रीति पवार की विदाई निराशाजनक ज़रूर है, लेकिन उत्तर कोरिया जैसे शक्तिशाली प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ उनकी हार को संदर्भ में देखना ज़रूरी है। सचिन का क्वार्टर फाइनल में पहुँचना भारत के लिए उम्मीद की किरण बनाए हुए है। आने वाले दिनों में उनका प्रदर्शन तय करेगा कि भारत इस बार बॉक्सिंग में कितने पदक अपने नाम कर पाता है।