एशियन गेम्स 2026: जदुमणि सिंह ने नेपाली बॉक्सर को 5-0 से हराया, प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मुक्केबाज जदुमणि सिंह ने एशियन गेम्स 2026 के पुरुषों के 55 किग्रा प्रिलिमिनरी राउंड में 22 सितंबर को निशियो जिम्नेजियम में नेपाल के चंद्र बहादुर थापा को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से मात दी और प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सिल्वर मेडलिस्ट जदुमणि ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट थापा को तीनों राउंड में सटीक पंचिंग से नियंत्रित किया।
मुकाबले का घटनाक्रम
जदुमणि ने शुरुआत धीमी की, लेकिन जल्द ही रिंग पर अपना दबदबा स्थापित कर लिया। पहले दो राउंड में उन्होंने थापा के हमलों को नाकाम करते हुए सटीक पंच से तीनों जजों को प्रभावित किया। तीसरे और अंतिम राउंड में एक जोरदार लेफ्ट हुक ने थापा को 'स्टैंडिंग काउंट' तक पहुँचा दिया, जिससे मुकाबले का रुख पूरी तरह भारतीय बॉक्सर के पक्ष में हो गया।
अंतिम स्कोरकार्ड में तीन जजों ने 30-27 और दो जजों ने 29-28 का फैसला जदुमणि के नाम किया। यह जीत इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि थापा वर्ल्ड चैंपियनशिप के पदक विजेता हैं और एशियाई सर्किट में मज़बूत प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं।
आगे की चुनौती
जदुमणि अब शनिवार को प्री-क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के कार्लो पालाम से भिड़ेंगे। पालाम 2020 टोक्यो ओलंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट हैं और एशियन गेम्स 2018 में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। यह मुकाबला जदुमणि के लिए एशियाई स्तर पर सबसे कड़ी परीक्षा होगी।
साक्षी चौधरी का भी शानदार आगाज़
इसी दिन ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट साक्षी चौधरी ने एशियन गेम्स 2026 में अपने डेब्यू पर पेरिस ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट फिलीपींस की आइरा विलेगास को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से पराजित कर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
साक्षी की राह आसान नहीं होगी — वे गुरुवार को मौजूदा 51 किग्रा वर्ल्ड चैंपियन अलुआ बाल्किबेकोवा से भिड़ेंगी। गौरतलब है कि साक्षी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल्स में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन निखत जरीन और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा दोनों को मात देकर टीम में जगह बनाई थी।
भारतीय मुक्केबाज़ी का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाज़ी एशियाई स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत करने की कोशिश में है। दोनों बॉक्सरों की एक ही दिन सर्वसम्मत जीत भारतीय दल के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है। एशियन गेम्स 2026 में आगे के मुकाबले तय करेंगे कि भारत इस बार पदक तालिका में कहाँ खड़ा होता है।