30 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: लवलीना बोरगोहेन ने 3-2 से जीतकर फाइनल में जगह बनाई, सिल्वर पक्का

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एशियन गेम्स 2026: लवलीना बोरगोहेन ने 3-2 से जीतकर फाइनल में जगह बनाई, सिल्वर पक्का

सारांश

लवलीना बोरगोहेन ने रोमांचक वापसी करते हुए एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बनाई — पहला राउंड हारने के बाद अगले दोनों राउंड जीते। वे लगातार दो एशियन गेम्स फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज़ बन गई हैं। परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल भी फाइनल में, भारत के लिए यह ऐतिहासिक मुक्केबाज़ी अभियान है।

मुख्य बातें

लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम सेमीफाइनल में नताल्या बोगदानोवा को 3-2 स्प्लिट फैसले में हराकर एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में प्रवेश किया।
लवलीना सिल्वर मेडल पक्का कर चुकी हैं; लगातार दो एशियन गेम्स फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज़ बनीं।
परवीन हुड्डा ने 65 किलोग्राम सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
अंकुश पंघाल 80 किलोग्राम पुरुष फाइनल में पहुँचे; नरेंद्र ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
प्रिया घंघस को सेमीफाइनल में 1-4 से हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल से संतोष।

भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने 30 सितंबर 2026 को ओकाजाकी में एशियन गेम्स 2026 के 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को स्प्लिट फैसले में 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ लवलीना ने कम-से-कम सिल्वर मेडल सुनिश्चित कर लिया है, जबकि देश की नज़रें अब उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद पर टिकी हैं।

मुकाबले का घटनाक्रम

पहला राउंड लवलीना के लिए कठिन रहा और उन्हें यह राउंड 2-3 के स्कोर से गँवाना पड़ा। हालाँकि, दूसरे राउंड में उन्होंने अपनी रणनीति बदली और आक्रामक पंचों की झड़ी लगा दी। पाँचों जजों ने दूसरे राउंड में लवलीना को 10-10 अंक दिए।

तीसरे और निर्णायक राउंड में दो जजों ने लवलीना को 10 अंक और तीन जजों ने 9 अंक दिए, जो कजाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी के स्कोर से बेहतर रहा। लवलीना के एक के बाद एक दमदार पंचों के सामने बोगदानोवा रक्षात्मक मुद्रा में दिखीं और अंततः स्प्लिट फैसले में हार गईं।

ऐतिहासिक उपलब्धि

यह जीत लवलीना को लगातार दो एशियन गेम्स के फाइनल तक पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनाती है। गौरतलब है कि उन्होंने इससे पहले भी एशियन गेम्स में पदक जीते हैं और ओलिंपिक पदक विजेता के रूप में यह उनकी निरंतर श्रेष्ठता का प्रमाण है।

भारत के अन्य मुक्केबाज़ों का प्रदर्शन

महिला मुक्केबाज प्रिया घंघस को 54 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंग्यू से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा, और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। प्रिया ने शुरुआत आक्रामक अंदाज़ में की, लेकिन यांग का मजबूत डिफेंस उन पर भारी पड़ा।

पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल 80 किलोग्राम के फाइनल में जगह बना चुके हैं। वहीं, नरेंद्र को सेमीफाइनल में ओरलबे के हाथों 0-5 के एकतरफा स्कोर से हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। महिला वर्ग में परवीन हुड्डा ने 65 किलोग्राम सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है।

आगे क्या होगा

भारत के पास लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा — दोनों महिला मुक्केबाज़ों के फाइनल में होने से कम-से-कम 2 सिल्वर मेडल पक्के हैं, जबकि अंकुश पंघाल के साथ पुरुष फाइनल में भी गोल्ड की दावेदारी बनती है। मुक्केबाज़ी में भारत का यह प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में देश के सर्वश्रेष्ठ अभियानों में से एक बनने की ओर अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और वह भी एशियन गेम्स के दबाव में, उनकी परिपक्वता को रेखांकित करता है। साथ ही परवीन हुड्डा का 5-0 की जीत के साथ फाइनल में पहुँचना और अंकुश पंघाल की उपस्थिति यह संकेत देती है कि भारतीय मुक्केबाज़ी एक ऐसे दौर में है जहाँ व्यक्तिगत प्रतिभा प्रणालीगत निवेश में तब्दील हो रही है — हालाँकि पदक-तालिका में चीन और उज़्बेकिस्तान के दबदबे को चुनौती देना अभी भी एक दीर्घकालिक लक्ष्य बना हुआ है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में कैसे जगह बनाई?
लवलीना ने 75 किलोग्राम सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को स्प्लिट फैसले में 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पहला राउंड 2-3 से हारने के बाद उन्होंने रणनीति बदली और दूसरा व तीसरा राउंड अपने नाम किया।
एशियन गेम्स 2026 में लवलीना बोरगोहेन का कौन-सा रिकॉर्ड बना?
लवलीना लगातार दो एशियन गेम्स के फाइनल तक पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज़ बन गई हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने कम-से-कम सिल्वर मेडल भी पक्का कर लिया है।
परवीन हुड्डा का एशियन गेम्स 2026 में क्या प्रदर्शन रहा?
परवीन हुड्डा ने 65 किलोग्राम सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। वे भी कम-से-कम सिल्वर मेडल की हकदार बन चुकी हैं।
भारत के अन्य मुक्केबाज़ों का एशियन गेम्स 2026 में क्या हाल रहा?
अंकुश पंघाल 80 किलोग्राम पुरुष वर्ग के फाइनल में पहुँचे हैं। नरेंद्र को सेमीफाइनल में ओरलबे के हाथों 0-5 से हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल मिला, जबकि प्रिया घंघस को सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंग्यू से 1-4 से हार के बाद ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ी का फाइनल कब होगा?
लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल के फाइनल मुकाबले ओकाजाकी में एशियन गेम्स 2026 के शेड्यूल के अनुसार होने हैं। सटीक तारीख व समय आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित है।
राष्ट्र प्रेस
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