लवलीना बोरगोहेन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 सेमीफाइनल में, स्वर्ण पदक और एशियन गेम्स गोल्ड पर नज़र
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सेमीफाइनल में जगह बनाकर कम से कम एक पदक सुनिश्चित कर लिया है। ग्लासगो में 24 जुलाई को मीडिया से बातचीत में लवलीना ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य अब पदक नहीं, बल्कि स्वर्ण पदक है। इस जीत के साथ वह इस टूर्नामेंट में भारत की सबसे चर्चित मुक्केबाज बन गई हैं।
सेमीफाइनल में पहुँचना 'हैरानी भरा' रहा
लवलीना ने कहा, 'मैंने नहीं सोचा था कि मुझे पहले ही सेमीफाइनल में क्वालीफिकेशन मिल जाएगी। मेरे लिए भी यह हैरानी भरा था।' उन्होंने बताया कि पिछले दो कॉमनवेल्थ गेम्स में वह पदक नहीं जीत सकी थीं। इस बार सीधे सेमीफाइनल में जगह मिलने को वह अपनी कठिन मेहनत का परिणाम मान रही हैं।
पेरिस ओलंपिक के बाद खेल में आया बदलाव
पेरिस ओलंपिक के बाद अपनी तैयारी पर लवलीना ने कहा, 'मेरे खेल में बहुत बदलाव आया है। मैंने कई टूर्नामेंट में हिस्सा लिया — वर्ल्ड चैंपियनशिप भी खेला। बैक-टू-बैक कंपटिशन मिला और हर जगह मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा।' गौरतलब है कि यह निरंतर प्रतिस्पर्धा उनके आत्मविश्वास की बड़ी वजह बनी है।
बेलफास्ट ट्रेनिंग कैंप ने बढ़ाया हौसला
लवलीना ने बताया कि ग्लासगो आने से पहले बेलफास्ट में एक ट्रेनिंग कैंप आयोजित हुआ था, जिसमें 20 देशों के मुक्केबाज शामिल थे। उन्होंने कोच सेंटियागो (नीवा) की सराहना करते हुए कहा, 'सेंटियागो सर बहुत ही अच्छे कोच हैं। टोक्यो ओलंपिक में भी वह हमारे साथ गए थे।' इस कैंप ने उनमें स्वर्ण पदक जीतने का आत्मविश्वास और मज़बूत किया।
एशियन गेम्स में भी गोल्ड का इरादा
लवलीना ने कहा कि आगामी एशियन गेम्स उनके लिए बेहद अहम है। पिछली बार उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था, जब चीन की मुक्केबाज ने उन्हें हराया था — उसी मुक्केबाज ने बाद में ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कहा, 'इस बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने की पूरी कोशिश करूंगी।' यह ध्यान देने योग्य है कि कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के बीच केवल एक महीने का अंतर है, जो शारीरिक और मानसिक दोनों दृष्टि से एक बड़ी चुनौती है।
फ्लैग बियरर के रूप में दूसरी बार नेतृत्व
लवलीना ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की ध्वजवाहक के रूप में नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि यह उनके लिए दूसरा मौका था — इससे पहले वह एशियन गेम्स में भी फ्लैग बियरर रह चुकी हैं। पूरी भारतीय मुक्केबाजी टीम के बेहतर प्रदर्शन का भरोसा जताते हुए लवलीना ने कहा कि इस बार टीम का आत्मविश्वास उच्च स्तर पर है।