2 अगस्त 2026
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लवलीना बोरगोहेन का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 सिल्वर असम बाढ़ पीड़ितों को समर्पित, पिता बोले — 'गर्व है'

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लवलीना बोरगोहेन का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 सिल्वर असम बाढ़ पीड़ितों को समर्पित, पिता बोले — 'गर्व है'

सारांश

रिंग में सिल्वर, दिल में असम — लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के फाइनल में हार के बावजूद अपना पहला कॉमनवेल्थ पदक जीता और उसे बाढ़ से जूझ रहे असम के लोगों को समर्पित कर दिया। पिता टिकेन बोरगोहेन का कहना है — 'गर्व है।'

मुख्य बातें

लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीता — यह उनका कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला पदक है।
फाइनल में उन्हें ऑस्ट्रेलिया की अमासो ग्रीनटी से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।
लवलीना ने यह मेडल असम के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया; लवलीना अकादमी की ओर से राहत कार्य जारी है।
पिता टिकेन बोरगोहेन ने बेटी की उपलब्धि और समर्पण पर गर्व जताया।
PM नरेंद्र मोदी , राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और CM हिमंता बिस्वा सरमा ने लवलीना को बधाई दी।
लवलीना का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना है।

भारतीय महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा — और इस पदक को उन्होंने असम के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया। 2 अगस्त को ग्लासगो, स्कॉटलैंड में खेले गए फाइनल मुकाबले में लवलीना को ऑस्ट्रेलिया की बॉक्सर अमासो ग्रीनटी के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन यह उनके करियर का कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला पदक रहा।

पिता टिकेन बोरगोहेन की प्रतिक्रिया

लवलीना के पिता टिकेन बोरगोहेन ने बेटी की उपलब्धि पर गहरी खुशी जताई। उन्होंने कहा, 'लवलीना फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई बॉक्सर से हार गईं, लेकिन हमें उनके सिल्वर मेडल जीतने पर बहुत खुशी है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका पहला मेडल था, इस वजह से हमें काफी खुशी है।' टिकेन ने यह भी बताया कि लवलीना अकादमी की तरफ से वे बाढ़ पीड़ितों की लगातार मदद कर रहे हैं।

बाढ़ पीड़ितों को समर्पण — खेल से परे संदेश

टिकेन बोरगोहेन के अनुसार, लवलीना ने कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान ही उनसे कहा था कि जितना हो सके, असम के बाढ़ पीड़ितों की मदद करें। पिता ने बताया, 'लवलीना ने अपना यह मेडल असम में बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया, जिस पर हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है।' यह समर्पण तब आया जब असम के कई जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं — एक ऐसे समय में जब एक एथलीट का यह कदम सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल बन गया।

लवलीना ने खुद क्या कहा

ग्लासगो में मैच के बाद लवलीना ने कहा, 'थोड़ी निराशा जरूर है। मैंने गोल्ड मेडल जीतने की पूरी कोशिश की, लेकिन मैं सिल्वर मेडल से भी खुश हूं, क्योंकि हमारी टीम ने गेम्स में जबरदस्त प्रदर्शन किया। मुझे अपनी टीम के प्रदर्शन की ज्यादा खुशी है। यह मेरा कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला मेडल है। देश के लिए गोल्ड ला पाती तो और अच्छा होता। मैं एशियन गेम्स के लिए तैयारी करूंगी और वहां गोल्ड जीतने का प्रयास करूंगी।'

बधाइयों का सिलसिला

लवलीना की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बधाई दी। पिता टिकेन बोरगोहेन ने सभी के प्रति आभार जताया और बताया कि मैच के बाद बेटी से बात हुई और लवलीना सिल्वर मेडल से भी संतुष्ट हैं।

आगे का लक्ष्य

लवलीना की नज़र अब एशियन गेम्स पर है, जहाँ वे गोल्ड मेडल जीतने का संकल्प लेकर उतरेंगी। गौरतलब है कि लवलीना टोक्यो ओलंपिक 2020 में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं, और अब कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला पदक उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सामाजिक बयान है — जब देश के एक कोने में बाढ़ तबाही मचा रही हो और दूसरे कोने में एक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना पदक उन पीड़ितों को समर्पित करे, तो खेल की भूमिका राष्ट्रीय एकजुटता के प्रतीक के रूप में उभरती है। यह भी उल्लेखनीय है कि टोक्यो ओलंपिक ब्रॉन्ज के बाद लवलीना पर गोल्ड की उम्मीद का दबाव था, और फाइनल में हार के बावजूद उनका मनोबल और सामाजिक चेतना दोनों बरकरार हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर पदक के रंग पर रुक जाती है — लेकिन असली कहानी उस संकल्प में है जो रिंग के बाहर भी जारी रहता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन सा मेडल जीता?
लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में उन्हें ऑस्ट्रेलिया की अमासो ग्रीनटी से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन यह उनका कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला पदक रहा।
लवलीना ने अपना सिल्वर मेडल किसे समर्पित किया?
लवलीना बोरगोहेन ने अपना कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का सिल्वर मेडल असम के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया। उन्होंने गेम्स के दौरान ही पिता टिकेन बोरगोहेन से कहा था कि असम में बाढ़ पीड़ितों की जितनी हो सके मदद करें।
लवलीना के पिता टिकेन बोरगोहेन ने क्या कहा?
टिकेन बोरगोहेन ने कहा कि उन्हें लवलीना के सिल्वर मेडल जीतने और उसे बाढ़ पीड़ितों को समर्पित करने पर बहुत गर्व है। उन्होंने बताया कि लवलीना अकादमी की तरफ से वे बाढ़ राहत कार्य में लगातार मदद कर रहे हैं।
लवलीना बोरगोहेन का अगला लक्ष्य क्या है?
लवलीना बोरगोहेन ने कहा कि वे एशियन गेम्स के लिए तैयारी करेंगी और वहाँ गोल्ड मेडल जीतने का प्रयास करेंगी। कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर से संतुष्ट होते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि देश के लिए गोल्ड लाना उनका असली लक्ष्य है।
लवलीना को किन नेताओं ने बधाई दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने लवलीना बोरगोहेन को सिल्वर मेडल जीतने पर बधाई दी। पिता टिकेन बोरगोहेन ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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