लवलीना बोरगोहेन की देशभक्ति पर PM मोदी ने की तारीफ, कॉमनवेल्थ 2026 सिल्वर के बाद गलत नक्शे पर उठाई थी आवाज़
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान बॉक्सिंग में सिल्वर मेडल जीतने वालीं लवलीना बोरगोहेन से भी प्रधानमंत्री ने विशेष बातचीत की और उनकी देशभक्ति एवं सूझबूझ की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
रेस्टोरेंट में गलत नक्शे पर उठाई आवाज़
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने मजाकिया लहजे में लवलीना से पूछा, 'क्या हुआ, वह रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थीं?' इस पर लवलीना ने स्पष्ट किया, 'खुशी का मौका था सर, हम जश्न मना रहे थे। मुझे अपने देश का गलत नक्शा देखना पसंद नहीं आया। मैंने उन्हें प्यार से बताया और उन्होंने बदलाव भी कर दिए।'
लवलीना की इस प्रतिक्रिया ने प्रधानमंत्री को स्पष्ट रूप से प्रभावित किया। मोदी ने कहा, 'जब आप जश्न मना रही थीं और गेम्स खत्म हो गए थे, उस समय उस मानचित्र की अहमियत को पहचान पाना कोई आम बात नहीं थी। यह सोच-समझकर किया गया काम था। इसे लोग बहुत लंबे समय तक याद रखेंगे।'
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने लवलीना के इस कदम को युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरक उदाहरण करार दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, 'अगर आप लोगों की ओर से खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाई जाती है तो यह बड़ा योगदान होगा। अभी हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाने हैं।'
मोदी ने मजाकिया अंदाज़ में यह भी पूछा कि 'क्या अब दुनिया भर के खिलाड़ी हमारे बॉक्सर्स से डरने लगे हैं?' — यह टिप्पणी भारतीय मुक्केबाज़ों के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कद को रेखांकित करती है।
खेलो इंडिया की भूमिका पर लवलीना का बयान
लवलीना ने इस मुलाकात में खेलो इंडिया योजना की सराहना करते हुए कहा, 'हम लोगों को जिस तरह से सपोर्ट मिल रहा है और बैक टू बैक प्रतिस्पर्धा करने को मिल रही है, यह बड़ी बात है। जितने भी युवा एथलीट हैं वे सभी खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं। इससे बड़ा बदलाव हो रहा है।' यह टिप्पणी सरकार की खेल नीति की ज़मीनी सफलता की ओर इशारा करती है।
फाइनल मुकाबले का घटनाक्रम
गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बॉक्सिंग फाइनल में लवलीना बोरगोहेन का सामना ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से हुआ था। पहले राउंड में ऑस्ट्रेलियाई बॉक्सर ने 4 जजों से 10-10 अंक हासिल कर दबदबा बनाया। लवलीना ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा राउंड 4-1 से अपने नाम किया। हालाँकि तीसरे राउंड में फिर 4 जजों ने एम्मा के पक्ष में फैसला सुनाया, और लवलीना को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाज़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान मजबूत कर रही है। लवलीना का यह प्रदर्शन और उनका राष्ट्रीय स्वाभिमान दोनों मिलकर उन्हें एक आदर्श खिलाड़ी के रूप में स्थापित करते हैं।