25 सितंबर 2026
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जयपुर के नव निर्वाचित मेयर सुनील कोठारी का संकल्प: विरासत संरक्षण के साथ स्वच्छ व विकसित शहर

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जयपुर के नव निर्वाचित मेयर सुनील कोठारी का संकल्प: विरासत संरक्षण के साथ स्वच्छ व विकसित शहर

सारांश

जयपुर के नव निर्वाचित मेयर सुनील कोठारी ने पहले दिन ही दो बड़े संकल्प लिए — आधुनिक नागरिक सुविधाएँ और यूनेस्को विरासत शहर की ऐतिहासिक पहचान का संरक्षण। 150 पार्षदों को साथ लेकर चलने की उनकी अपील बताती है कि गुलाबी नगरी के लिए यह कार्यकाल महत्त्वाकांक्षी शुरुआत का संकेत है।

मुख्य बातें

सुनील कोठारी 25 सितंबर 2026 को जयपुर के नव निर्वाचित महापौर बने।
प्राथमिकताओं में स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, जल आपूर्ति और ऐतिहासिक विरासत संरक्षण शामिल।
सभी 150 पार्षदों से मिलकर काम करने और सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।
महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय की दूरदृष्टि का उल्लेख करते हुए विरासत-आधारित विकास पर जोर।
विपक्षी दलों के चुनाव-प्रक्रिया संबंधी आरोपों को पारदर्शी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हवाला देकर खारिज किया।

जयपुर के नव निर्वाचित महापौर सुनील कोठारी ने 25 सितंबर 2026 को जयपुर नगर निगम मुख्यालय में पदभार ग्रहण के तुरंत बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए शहर के लिए अपनी प्राथमिकताएँ स्पष्ट कीं। उन्होंने स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, जल आपूर्ति और जयपुर की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को अपने कार्यकाल के केंद्र में रखने का संकल्प लिया। कोठारी ने 150 पार्षदों के सामूहिक प्रयास से शहर को एक नई दिशा देने का आह्वान किया।

मेयर की प्रमुख प्राथमिकताएँ

कोठारी ने स्पष्ट किया कि उनके प्रशासन की पहली प्राथमिकता नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करना होगी। स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और जल आपूर्ति को उन्होंने तत्काल ध्यान देने वाले क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पार्षदों और जनता के भरोसे को कायम रखना उनकी पहली जिम्मेदारी है।

महापौर ने जोर दिया कि शहर का विकास आधुनिक जरूरतों और दीर्घकालिक नियोजन को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा, लेकिन इसमें जयपुर की स्थापत्य और सांस्कृतिक पहचान से कोई समझौता नहीं होगा।

ऐतिहासिक विरासत और महाराजा की दूरदृष्टि

कोठारी ने जयपुर के संस्थापक महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय की दूरदर्शिता का स्मरण करते हुए कहा कि शहर का हर विकास-कार्य इसकी विरासत की नींव पर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुलाबी नगरी की स्थापत्य और सांस्कृतिक संपदा को संरक्षित व समृद्ध करना उनके एजेंडे का अभिन्न हिस्सा रहेगा। गौरतलब है कि जयपुर यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है, जिससे शहरी विकास और विरासत-संरक्षण के बीच संतुलन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

150 पार्षदों से एकजुट प्रयास का आह्वान

नव निर्वाचित महापौर ने सभी 150 पार्षदों से अपील की कि वे दलीय भावनाओं से ऊपर उठकर जयपुर के विकास और नागरिक सेवाओं में सुधार के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक इच्छाशक्ति के बिना शहर की समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

विपक्षी आरोपों पर कोठारी का जवाब

विपक्षी दलों ने महापौर चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। कोठारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने इस पर और अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया और प्रशासनिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।

आभार और आगे की राह

कोठारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा राजस्थान अध्यक्ष मदन राठौर, वरिष्ठ पार्टी नेताओं, पार्षदों और जयपुर के नागरिकों का धन्यवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्रशासन जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने और एक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और विकसित जयपुर के निर्माण पर केंद्रित रहेगा। आने वाले महीनों में उनकी प्राथमिकताओं का क्रियान्वयन ही तय करेगा कि ये संकल्प मूर्त रूप लेते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यातायात, विरासत — जो हर नए महापौर की जुबान पर होते हैं। असली सवाल यह है कि यूनेस्को दर्जे वाले शहर में तेज़ शहरीकरण और विरासत-संरक्षण का यह द्वंद्व किस नीति-ढाँचे से सुलझाया जाएगा। 150 पार्षदों के बीच समन्वय की बात आसान है, लेकिन जयपुर नगर निगम का इतिहास बताता है कि दलीय खींचतान अक्सर नागरिक एजेंडे पर भारी पड़ती है। विपक्षी आरोपों को सिर्फ खारिज करना काफी नहीं — पारदर्शिता तब साबित होती है जब कार्यकाल के पहले सौ दिनों में ठोस जवाबदेही दिखे।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर के नए मेयर सुनील कोठारी कौन हैं?
सुनील कोठारी 25 सितंबर 2026 को जयपुर नगर निगम के नव निर्वाचित महापौर बने। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हैं और उन्होंने पार्षदों के समर्थन से महापौर पद जीता।
मेयर कोठारी की जयपुर के लिए क्या प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं?
कोठारी ने स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, जल आपूर्ति और जयपुर की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को अपनी प्रमुख प्राथमिकताएँ बताया है। उन्होंने आधुनिक नागरिक सुविधाओं और दीर्घकालिक नियोजन पर भी जोर दिया।
जयपुर की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण पर कोठारी का क्या रुख है?
कोठारी ने महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय की दूरदृष्टि का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर का विकास उसकी ऐतिहासिक पहचान पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने जयपुर की स्थापत्य और सांस्कृतिक संपदा को संरक्षित और समृद्ध करने को अपने एजेंडे का अभिन्न हिस्सा बताया।
महापौर चुनाव पर विपक्षी दलों ने क्या आरोप लगाए?
विपक्षी दलों ने महापौर चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए, हालांकि उन्होंने विशिष्ट आरोपों का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया। कोठारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुआ।
जयपुर नगर निगम में कुल कितने पार्षद हैं?
जयपुर नगर निगम में कुल 150 पार्षद हैं। मेयर कोठारी ने सभी पार्षदों से शहर के विकास और नागरिक सेवाओं में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है।
राष्ट्र प्रेस
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