जयपुर मेयर सुनील कोठारी ने रात में वॉल्ड सिटी में लगाई झाड़ू, सफाई व्यवस्था का किया जमीनी निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर नगर निगम के मेयर सुनील कोठारी ने 2 अक्टूबर 2026 की रात जयपुर के वॉल्ड सिटी (चारदीवारी क्षेत्र) में स्वयं सड़क पर उतरकर सफाई व्यवस्था का जमीनी निरीक्षण किया। व्यावसायिक गतिविधियाँ समाप्त होने के बाद बाज़ारों में जमा कचरे की स्थिति देखते हुए उन्होंने खुद झाड़ू उठाई और सफाई कर्मचारियों के साथ काम किया। यह निरीक्षण ऐसे समय में हुआ जब नगर निगम गांधी जयंती और आगामी दीपोत्सव से पहले शहर को स्वच्छ और आकर्षक बनाने के विशेष प्रयासों में जुटा है।
निरीक्षण का प्रारंभ और दल
देर रात के इस अभियान की शुरुआत सांगानेरी गेट के पास हनुमान मंदिर से हुई। मेयर कोठारी के साथ जयपुर की सांसद मंजू शर्मा, पार्षद अनुराधा माहेश्वरी, डिप्टी कमिश्नर बलराम मीणा, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य जन-प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। दल ने वॉल्ड सिटी के प्रमुख व्यावसायिक बाज़ारों में सफाई का जमीनी जायजा लिया।
मुख्य घटनाक्रम
निरीक्षण के दौरान कोठारी ने कचरा जमा होने की स्थिति, सफाई कर्मचारियों की तैनाती, उपकरणों की उपलब्धता और बाज़ार बंद होने के बाद कचरा उठाने की प्रक्रिया — इन सभी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। जब निरीक्षण के दौरान सड़क पर कचरा दिखा, तो मेयर ने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई शुरू कर दी।
कोठारी ने कहा, 'मैं खुद रात में सफाई के काम का जायजा ले रहा हूँ। सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सफाई कर्मचारियों की चुनौतियों को समझना जरूरी है। अधिकारी कर्मचारियों की तैनाती, संसाधनों की उपलब्धता और बाज़ार बंद होने के बाद कचरा उठाने की प्रक्रिया की जाँच कर रहे हैं। जाँच के नतीजों के आधार पर, सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी बदलाव किए जाएँगे।'
वॉल्ड सिटी की विशेष चुनौतियाँ
वॉल्ड सिटी (पुराना जयपुर) शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक और पर्यटन क्षेत्रों में से एक है। दिनभर के कारोबार के बाद बाज़ार बंद होने पर यहाँ भारी मात्रा में कचरा जमा हो जाता है। घनी आबादी, संकरी गलियाँ और लगातार व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यहाँ समय पर कचरा उठाना, दुकानों के बाहर सफाई करना और कर्मचारियों की सही तैनाती सुनिश्चित करना नगर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रही है।
गौरतलब है कि जयपुर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा प्राप्त है, और इस ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने की जिम्मेदारी नगर निगम पर है। कोठारी ने स्पष्ट किया कि यूनेस्को हेरिटेज स्टेटस किसी भी हाल में नहीं खोने दिया जाएगा, और इससे जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों के साथ निरंतर बातचीत चल रही है।
दीपोत्सव और गांधी जयंती की पृष्ठभूमि
कोठारी के अनुसार, 2 अक्टूबर से पहले जयपुर में सफाई के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। इसके अलावा, आगामी दीपोत्सव से पहले यह सुनिश्चित करना प्राथमिकता है कि दिवाली की सजावट के साथ-साथ शहर साफ-सुथरा और आकर्षक भी बना रहे। यह ऐसे समय में आया है जब नगर निगम के सामने वॉल्ड सिटी में सफाई सुधारने और ऐतिहासिक पहचान बचाए रखने की दोहरी चुनौती है।
आगे क्या होगा
मेयर ने संकेत दिया कि निरीक्षण के दौरान पहचानी गई कमियों के आधार पर सफाई व्यवस्था में ठोस बदलाव किए जाएँगे। रात्रिकालीन निरीक्षण अभियान का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि चिन्हित समस्याओं को जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी ढंग से सुधारा जाता है। नगर निगम के अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे कर्मचारी तैनाती और संसाधन वितरण में आवश्यक सुधार शीघ्र लागू करेंगे।