2 अक्टूबर 2026
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जयपुर मेयर सुनील कोठारी ने रात में वॉल्ड सिटी में लगाई झाड़ू, सफाई व्यवस्था का किया जमीनी निरीक्षण

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जयपुर मेयर सुनील कोठारी ने रात में वॉल्ड सिटी में लगाई झाड़ू, सफाई व्यवस्था का किया जमीनी निरीक्षण

सारांश

गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर जयपुर के मेयर सुनील कोठारी रात में वॉल्ड सिटी की सड़कों पर उतरे — झाड़ू हाथ में, अधिकारी साथ। यूनेस्को हेरिटेज दर्जे की रक्षा और दीपोत्सव से पहले शहर को चमकाने की दोहरी ज़िम्मेदारी के बीच यह जमीनी पहल नगर प्रशासन के लिए एक सार्वजनिक संदेश भी है।

मुख्य बातें

जयपुर नगर निगम के मेयर सुनील कोठारी ने 2 अक्टूबर 2026 की रात वॉल्ड सिटी में सफाई व्यवस्था का जमीनी निरीक्षण किया।
निरीक्षण की शुरुआत सांगानेरी गेट के पास हनुमान मंदिर से हुई; सांसद मंजू शर्मा और डिप्टी कमिश्नर बलराम मीणा भी मौजूद रहे।
सड़क पर कचरा मिलने पर मेयर ने खुद झाड़ू उठाई और सफाई की।
कोठारी ने कहा कि गांधी जयंती और दीपोत्सव से पहले शहर में सफाई के विशेष उपाय किए जा रहे हैं।
मेयर ने जयपुर के यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज स्टेटस को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर सफाई व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जाएँगे।

जयपुर नगर निगम के मेयर सुनील कोठारी ने 2 अक्टूबर 2026 की रात जयपुर के वॉल्ड सिटी (चारदीवारी क्षेत्र) में स्वयं सड़क पर उतरकर सफाई व्यवस्था का जमीनी निरीक्षण किया। व्यावसायिक गतिविधियाँ समाप्त होने के बाद बाज़ारों में जमा कचरे की स्थिति देखते हुए उन्होंने खुद झाड़ू उठाई और सफाई कर्मचारियों के साथ काम किया। यह निरीक्षण ऐसे समय में हुआ जब नगर निगम गांधी जयंती और आगामी दीपोत्सव से पहले शहर को स्वच्छ और आकर्षक बनाने के विशेष प्रयासों में जुटा है।

निरीक्षण का प्रारंभ और दल

देर रात के इस अभियान की शुरुआत सांगानेरी गेट के पास हनुमान मंदिर से हुई। मेयर कोठारी के साथ जयपुर की सांसद मंजू शर्मा, पार्षद अनुराधा माहेश्वरी, डिप्टी कमिश्नर बलराम मीणा, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य जन-प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। दल ने वॉल्ड सिटी के प्रमुख व्यावसायिक बाज़ारों में सफाई का जमीनी जायजा लिया।

मुख्य घटनाक्रम

निरीक्षण के दौरान कोठारी ने कचरा जमा होने की स्थिति, सफाई कर्मचारियों की तैनाती, उपकरणों की उपलब्धता और बाज़ार बंद होने के बाद कचरा उठाने की प्रक्रिया — इन सभी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। जब निरीक्षण के दौरान सड़क पर कचरा दिखा, तो मेयर ने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई शुरू कर दी।

कोठारी ने कहा, 'मैं खुद रात में सफाई के काम का जायजा ले रहा हूँ। सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सफाई कर्मचारियों की चुनौतियों को समझना जरूरी है। अधिकारी कर्मचारियों की तैनाती, संसाधनों की उपलब्धता और बाज़ार बंद होने के बाद कचरा उठाने की प्रक्रिया की जाँच कर रहे हैं। जाँच के नतीजों के आधार पर, सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी बदलाव किए जाएँगे।'

वॉल्ड सिटी की विशेष चुनौतियाँ

वॉल्ड सिटी (पुराना जयपुर) शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक और पर्यटन क्षेत्रों में से एक है। दिनभर के कारोबार के बाद बाज़ार बंद होने पर यहाँ भारी मात्रा में कचरा जमा हो जाता है। घनी आबादी, संकरी गलियाँ और लगातार व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यहाँ समय पर कचरा उठाना, दुकानों के बाहर सफाई करना और कर्मचारियों की सही तैनाती सुनिश्चित करना नगर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रही है।

गौरतलब है कि जयपुर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा प्राप्त है, और इस ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने की जिम्मेदारी नगर निगम पर है। कोठारी ने स्पष्ट किया कि यूनेस्को हेरिटेज स्टेटस किसी भी हाल में नहीं खोने दिया जाएगा, और इससे जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों के साथ निरंतर बातचीत चल रही है।

दीपोत्सव और गांधी जयंती की पृष्ठभूमि

कोठारी के अनुसार, 2 अक्टूबर से पहले जयपुर में सफाई के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। इसके अलावा, आगामी दीपोत्सव से पहले यह सुनिश्चित करना प्राथमिकता है कि दिवाली की सजावट के साथ-साथ शहर साफ-सुथरा और आकर्षक भी बना रहे। यह ऐसे समय में आया है जब नगर निगम के सामने वॉल्ड सिटी में सफाई सुधारने और ऐतिहासिक पहचान बचाए रखने की दोहरी चुनौती है।

आगे क्या होगा

मेयर ने संकेत दिया कि निरीक्षण के दौरान पहचानी गई कमियों के आधार पर सफाई व्यवस्था में ठोस बदलाव किए जाएँगे। रात्रिकालीन निरीक्षण अभियान का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि चिन्हित समस्याओं को जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी ढंग से सुधारा जाता है। नगर निगम के अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे कर्मचारी तैनाती और संसाधन वितरण में आवश्यक सुधार शीघ्र लागू करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इस निरीक्षण के बाद वॉल्ड सिटी की सफाई व्यवस्था में कोई स्थायी सुधार आता है या यह एक बार का जनसंपर्क अभ्यास बनकर रह जाता है। जयपुर का यूनेस्को हेरिटेज दर्जा शहर के नागरिक प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव डालता है — क्योंकि खराब सफाई न केवल स्वास्थ्य, बल्कि पर्यटन और विरासत-संरक्षण की साख को भी प्रभावित करती है। नगर निगम को चाहिए कि इन रात्रिकालीन दौरों में मिली कमियों की सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए और कर्मचारी तैनाती व संसाधन आवंटन में किए गए बदलावों को मापने योग्य मानकों के साथ सामने रखा जाए।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर मेयर सुनील कोठारी ने रात में सड़कों पर क्यों निरीक्षण किया?
मेयर सुनील कोठारी ने 2 अक्टूबर 2026 की रात वॉल्ड सिटी में सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत जाँचने के लिए निरीक्षण किया। गांधी जयंती और आगामी दीपोत्सव से पहले शहर को स्वच्छ बनाने के विशेष अभियान के तहत यह पहल की गई।
मेयर कोठारी के निरीक्षण में क्या-क्या देखा गया?
निरीक्षण में कचरा जमा होने की स्थिति, सफाई कर्मचारियों की तैनाती, उपकरणों की उपलब्धता और बाज़ार बंद होने के बाद कचरा उठाने की प्रक्रिया का जायजा लिया गया। सड़क पर कचरा मिलने पर मेयर ने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई की।
जयपुर के वॉल्ड सिटी में सफाई की इतनी बड़ी चुनौती क्यों है?
वॉल्ड सिटी जयपुर का सबसे व्यस्त व्यावसायिक और पर्यटन क्षेत्र है, जहाँ दिनभर के कारोबार के बाद भारी मात्रा में कचरा जमा होता है। घनी आबादी, संकरी गलियाँ और यूनेस्को हेरिटेज दर्जे की जिम्मेदारी इस क्षेत्र की सफाई को विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बनाती है।
जयपुर के यूनेस्को हेरिटेज स्टेटस पर मेयर ने क्या कहा?
मेयर कोठारी ने स्पष्ट किया कि जयपुर का यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज स्टेटस किसी भी हाल में नहीं खोने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हेरिटेज से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों के साथ निरंतर बातचीत जारी है और असरदार कदम उठाए जाएँगे।
इस निरीक्षण के बाद सफाई व्यवस्था में क्या बदलाव आएँगे?
मेयर के अनुसार, निरीक्षण के दौरान पहचानी गई कमियों के आधार पर कर्मचारी तैनाती, संसाधन वितरण और कचरा उठाने की प्रक्रिया में जरूरी बदलाव किए जाएँगे। ये बदलाव कितने प्रभावी होंगे, यह क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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