26 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर पर 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया: एनडीएमसी का रातभर चला विशेष सफाई अभियान

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जंतर-मंतर पर 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया: एनडीएमसी का रातभर चला विशेष सफाई अभियान

सारांश

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म होते ही एनडीएमसी ने मोर्चा संभाल लिया — 500 से अधिक कर्मचारी, रातभर काम और 60 मीट्रिक टन कचरे की सफाई। उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल खुद मौके पर डटे रहे।

मुख्य बातें

एनडीएमसी ने 26 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन समाप्त होते ही विशेष सफाई अभियान शुरू किया।
रातभर चले अभियान में 500 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
60 मीट्रिक टन कचरा हटाने के लिए 8 ऑटो टिपर, 2 भारी ट्रक, 1 जेसीबी और 3 हाई-प्रेशर जेटिंग मशीनें लगाई गईं।
सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने 4 जेटिंग मशीनों से सड़कें धोईं, दीवारों की पुताई की और फुटपाथ मरम्मत की।
एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल पूरी रात मौके पर मौजूद रहे और रविवार दोपहर पुनर्निरीक्षण भी किया।
जंतर-मंतर, संसद मार्ग, जनपथ और कनॉट प्लेस के आसपास के क्षेत्र अभियान में शामिल रहे।

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने 26 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन समाप्त होते ही युद्धस्तर पर विशेष स्वच्छता, मरम्मत और सौंदर्यीकरण अभियान शुरू किया, जिसमें 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल पूरी रात मौके पर मौजूद रहे और सफाई तथा पुनर्स्थापन कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी की।

अभियान का दायरा और तैनाती

एनडीएमसी के अनुसार, शनिवार रात से रविवार तक चले इस अभियान में 500 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग ने रातभर 75 सफाई कर्मचारी और सुबह से 35 अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए। अभियान में 8 ऑटो टिपर, 2 भारी ट्रक, 1 जेसीबी और 3 हाई-प्रेशर जेटिंग मशीनें लगाई गईं।

सिविल इंजीनियरिंग और उद्यान विभाग का योगदान

सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने 50 कर्मचारियों और 4 जेटिंग मशीनों की मदद से सड़कों व फुटपाथों की धुलाई की। दीवारों पर लिखे नारों को हटाकर दोबारा रंगाई-पुताई की गई तथा क्षतिग्रस्त कर्ब स्टोन और फुटपाथों की मरम्मत की गई। उद्यान विभाग ने हरित पट्टियों, डिवाइडरों और उद्यान क्षेत्रों की सफाई, रखरखाव और पुनर्स्थापन का कार्य संपन्न किया।

कवर किए गए क्षेत्र

जंतर-मंतर, टॉलस्टॉय रोड, संसद मार्ग, जयसिंह रोड, जनपथ और कनॉट प्लेस के आसपास के इलाकों में सफाई, धुलाई और मरम्मत का कार्य किया गया। चहल ने बताया कि परिषद ने पूरे प्रदर्शन स्थल की सफाई किसी भी अन्य प्रतीकात्मक गतिविधि से पहले ही पूरी कर ली थी, ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो।

एनडीएमसी उपाध्यक्ष का बयान

कुलजीत सिंह चहल ने अभियान में शामिल अधिकारियों, अभियंताओं और सफाई कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

आगे की योजना

चहल ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी किसी बड़े सार्वजनिक आयोजन या प्रदर्शन के बाद एनडीएमसी सार्वजनिक स्थानों को शीघ्र स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई करती रहेगी। रविवार दोपहर उपाध्यक्ष ने स्वयं जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों का पुनर्निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल को भी रेखांकित करती है — बार-बार होने वाले प्रदर्शनों के बाद सार्वजनिक संपत्ति की मरम्मत का खर्च आखिरकार करदाताओं पर पड़ता है। 60 मीट्रिक टन कचरा और 500 से अधिक कर्मचारियों की रातभर तैनाती दर्शाती है कि बड़े प्रदर्शनों का नगरीय संसाधनों पर असर कितना गहरा होता है। एनडीएमसी की प्रतिक्रिया की गति सराहनीय है, परंतु यह सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी भी उतनी ही ज़रूरी है कि प्रदर्शनकारी संगठन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाएँ।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर पर एनडीएमसी का विशेष सफाई अभियान क्या था?
यह 26 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन समाप्त होने के तुरंत बाद शुरू किया गया रातभर का विशेष स्वच्छता, मरम्मत और सौंदर्यीकरण अभियान था। इसमें 500 से अधिक कर्मचारियों ने 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया।
एनडीएमसी के अभियान में कितने कर्मचारी शामिल थे?
अभियान में 500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग ने रातभर 75 और सुबह 35 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी तैनात किए, जबकि सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने करीब 50 कर्मचारी लगाए।
जंतर-मंतर सफाई अभियान में किन मशीनों का उपयोग हुआ?
अभियान में 8 ऑटो टिपर, 2 भारी ट्रक, 1 जेसीबी और 3 हाई-प्रेशर जेटिंग मशीनें लगाई गईं। सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने अलग से 4 जेटिंग मशीनों से सड़कों और फुटपाथों की धुलाई की।
एनडीएमसी के सफाई अभियान में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल थे?
जंतर-मंतर के अलावा टॉलस्टॉय रोड, संसद मार्ग, जयसिंह रोड, जनपथ और कनॉट प्लेस के आसपास के क्षेत्रों में सफाई, धुलाई और मरम्मत की गई। दीवारों पर लिखे नारे हटाकर पुताई भी की गई।
क्या भविष्य में भी एनडीएमसी इस तरह के अभियान चलाएगी?
हाँ, एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन या प्रदर्शन के बाद परिषद त्वरित सफाई और पुनर्स्थापन कार्रवाई करती रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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