जंतर-मंतर पर 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया: एनडीएमसी का रातभर चला विशेष सफाई अभियान
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने 26 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन समाप्त होते ही युद्धस्तर पर विशेष स्वच्छता, मरम्मत और सौंदर्यीकरण अभियान शुरू किया, जिसमें 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल पूरी रात मौके पर मौजूद रहे और सफाई तथा पुनर्स्थापन कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी की।
अभियान का दायरा और तैनाती
एनडीएमसी के अनुसार, शनिवार रात से रविवार तक चले इस अभियान में 500 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग ने रातभर 75 सफाई कर्मचारी और सुबह से 35 अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए। अभियान में 8 ऑटो टिपर, 2 भारी ट्रक, 1 जेसीबी और 3 हाई-प्रेशर जेटिंग मशीनें लगाई गईं।
सिविल इंजीनियरिंग और उद्यान विभाग का योगदान
सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने 50 कर्मचारियों और 4 जेटिंग मशीनों की मदद से सड़कों व फुटपाथों की धुलाई की। दीवारों पर लिखे नारों को हटाकर दोबारा रंगाई-पुताई की गई तथा क्षतिग्रस्त कर्ब स्टोन और फुटपाथों की मरम्मत की गई। उद्यान विभाग ने हरित पट्टियों, डिवाइडरों और उद्यान क्षेत्रों की सफाई, रखरखाव और पुनर्स्थापन का कार्य संपन्न किया।
कवर किए गए क्षेत्र
जंतर-मंतर, टॉलस्टॉय रोड, संसद मार्ग, जयसिंह रोड, जनपथ और कनॉट प्लेस के आसपास के इलाकों में सफाई, धुलाई और मरम्मत का कार्य किया गया। चहल ने बताया कि परिषद ने पूरे प्रदर्शन स्थल की सफाई किसी भी अन्य प्रतीकात्मक गतिविधि से पहले ही पूरी कर ली थी, ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो।
एनडीएमसी उपाध्यक्ष का बयान
कुलजीत सिंह चहल ने अभियान में शामिल अधिकारियों, अभियंताओं और सफाई कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
आगे की योजना
चहल ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी किसी बड़े सार्वजनिक आयोजन या प्रदर्शन के बाद एनडीएमसी सार्वजनिक स्थानों को शीघ्र स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई करती रहेगी। रविवार दोपहर उपाध्यक्ष ने स्वयं जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों का पुनर्निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।