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यमुनोत्री धाम में रिचुअल वेस्ट निस्तारण अभियान तेज: 15 अतिरिक्त खच्चर तैनात, स्वच्छता पर विशेष ज़ोर

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यमुनोत्री धाम में रिचुअल वेस्ट निस्तारण अभियान तेज: 15 अतिरिक्त खच्चर तैनात, स्वच्छता पर विशेष ज़ोर

सारांश

यमुनोत्री धाम में पूजा सामग्री अवशेषों के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। 40 पर्यावरण मित्र, 4 सुपरवाइजर और 18 सितंबर से 15 अतिरिक्त खच्चरों की तैनाती के साथ यह अभियान यात्रा सत्र के अंत तक जारी रहेगा।

मुख्य बातें

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर सुलभ इंटरनेशनल ने यमुनोत्री धाम में रिचुअल वेस्ट निस्तारण अभियान तेज किया।
पैदल मार्ग पर 40 पर्यावरण मित्र और 4 सुपरवाइजर तैनात; कचरा जानकीचट्टी डंपिंग यार्ड तक पहुँचाया जा रहा है।
पूर्व अभियान में प्रतिदिन 15 खच्चरों के ज़रिए 30 कट्टे (प्रत्येक 45–50 किलोग्राम ) धार्मिक अवशेष जानकीचट्टी भेजे गए।
18 सितंबर 2026 से 15 अतिरिक्त खच्चर तैनात कर परिवहन क्षमता बढ़ाई गई।
अभियान यात्रा सत्र की समाप्ति तक निर्बाध जारी रखने के आदेश दिए गए हैं।

यमुनोत्री धाम और पैदल यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने रिचुअल वेस्ट (पूजा सामग्री अवशेष) निस्तारण अभियान को और तेज कर दिया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों पर अधिकृत कार्यदायी संस्था सुलभ इंटरनेशनल ने धाम क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से धार्मिक अवशेषों के संग्रहण और परिवहन की व्यवस्था को नई गति दी है। यह अभियान यात्रा सत्र की समाप्ति तक निर्बाध रूप से जारी रखने के आदेश दिए गए हैं।

स्थलीय निरीक्षण और शुरुआती समीक्षा

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने 11 सितंबर 2026 को यमुनोत्री धाम का स्थलीय निरीक्षण किया और यात्रा व्यवस्थाओं का समग्र जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल से मुलाकात कर मंदिर परिसर में जमा पूजा सामग्री एवं कूड़े के निस्तारण की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।

वर्षाकाल में धार्मिक अवशेषों के गीले हो जाने के कारण उनके परिवहन में आ रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने बारिश थमने के बाद विशेष रणनीति तैयार कर त्वरित कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि ऊँचाई पर स्थित तीर्थ स्थलों पर मानसून के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एक पुरानी चुनौती रही है।

मुख्य अभियान और तैनाती

पर्यटन विभाग के माध्यम से सुलभ इंटरनेशनल ने जानकीचट्टी बैरियर से लेकर यमुनोत्री मंदिर परिसर तक विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी के अनुसार पूरे पैदल मार्ग पर 40 पर्यावरण मित्र और 4 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।

यह दल नियमित सफाई, ठोस अपशिष्ट संग्रहण और उसे जानकीचट्टी स्थित डंपिंग यार्ड तक पहुँचाने का कार्य कर रहा है। सुलभ इंटरनेशनल के अनुसार पूर्व में संचालित एक माह के विशेष अभियान के दौरान प्रतिदिन लगभग 15 खच्चरों के माध्यम से 30 कट्टों में भरी पूजा सामग्री व अन्य धार्मिक अवशेषों को जानकीचट्टी तक पहुँचाया गया, जहाँ प्रत्येक कट्टे का औसत वजन 45 से 50 किलोग्राम रहा।

18 सितंबर से अतिरिक्त संसाधन तैनात

अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए 18 सितंबर 2026 से 15 अतिरिक्त खच्चर तैनात किए गए हैं। इससे मंदिर क्षेत्र से धार्मिक अवशेषों को नियमित रूप से प्रसंस्करण स्थल तक पहुँचाने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

यह ऐसे समय में आया है जब चारधाम यात्रा सत्र अपने अंतिम चरण में है और श्रद्धालुओं की संख्या अभी भी उल्लेखनीय बनी हुई है। पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में रिचुअल वेस्ट का वैज्ञानिक निस्तारण न केवल स्वच्छता बल्कि पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण माना जाता है।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

जिला प्रशासन ने सुलभ इंटरनेशनल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा सत्र की समाप्ति तक स्वच्छता, कचरा संग्रहण और परिवहन की यह विशेष व्यवस्था निर्बाध जारी रहे। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुगम और दिव्य वातावरण उपलब्ध कराना है।

यमुनोत्री धाम की पवित्रता और पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित करने की इस पहल से तीर्थयात्रियों को अधिक सुखद अनुभव मिलने की उम्मीद है। आगामी दिनों में अभियान की प्रगति की समीक्षा जिला प्रशासन स्तर पर की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस मॉडल को यदि टिकाऊ बनाना है तो केवल प्रशासनिक निर्देशों से आगे बढ़कर बजट और बुनियादी ढाँचे में स्थायी निवेश अनिवार्य है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमुनोत्री धाम में रिचुअल वेस्ट निस्तारण अभियान क्या है?
यह उत्तरकाशी जिला प्रशासन द्वारा सुलभ इंटरनेशनल के माध्यम से चलाया जा रहा विशेष स्वच्छता अभियान है, जिसमें यमुनोत्री धाम एवं पैदल मार्ग पर जमा पूजा सामग्री अवशेषों को वैज्ञानिक तरीके से एकत्र कर जानकीचट्टी डंपिंग यार्ड तक पहुँचाया जाता है। यह अभियान यात्रा सत्र की समाप्ति तक जारी रहेगा।
अभियान में कितने कर्मचारी और संसाधन तैनात हैं?
पूरे पैदल मार्ग पर 40 पर्यावरण मित्र और 4 सुपरवाइजर तैनात हैं। 18 सितंबर 2026 से 15 अतिरिक्त खच्चर भी लगाए गए हैं, जो पहले से तैनात 15 खच्चरों के अतिरिक्त हैं।
प्रतिदिन कितना कचरा जानकीचट्टी तक पहुँचाया जाता है?
पूर्व में संचालित अभियान के दौरान प्रतिदिन लगभग 15 खच्चरों के माध्यम से 30 कट्टों में भरी पूजा सामग्री और धार्मिक अवशेष जानकीचट्टी तक पहुँचाए जाते थे। प्रत्येक कट्टे का औसत वजन 45 से 50 किलोग्राम रहा।
इस अभियान की शुरुआत कब और किसके निर्देश पर हुई?
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने 11 सितंबर 2026 को यमुनोत्री धाम का स्थलीय निरीक्षण कर यह अभियान तेज करने के निर्देश दिए थे। 18 सितंबर से अतिरिक्त खच्चरों की तैनाती के साथ इसे और विस्तार दिया गया।
यह अभियान श्रद्धालुओं के लिए क्यों ज़रूरी है?
वर्षाकाल में धार्मिक अवशेषों के गीले होने से उनके परिवहन में कठिनाई होती है और पर्यावरण को नुकसान पहुँचने का खतरा रहता है। इस अभियान का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और दिव्य वातावरण उपलब्ध कराना तथा यमुनोत्री धाम की पवित्रता और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखना है।
राष्ट्र प्रेस
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