यमुनोत्री धाम में उत्तरकाशी पुलिस का विशेष स्वच्छता अभियान, यमुना तटों और घाटों की हुई सफाई
सारांश
मुख्य बातें
चारधाम यात्रा के चरम सीजन में उत्तरकाशी पुलिस ने शुक्रवार, 3 जुलाई को यमुनोत्री धाम में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया, जिसमें एसडीआरएफ, आईआरबी, एटीएस, फायर सर्विस, होमगार्ड और पीआरडी के जवानों ने मिलकर धाम परिसर, स्नान घाटों और यमुना नदी के तटों को स्वच्छ किया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में आयोजित किया गया और इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ तीर्थयात्रियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना था।
अभियान में क्या हुआ
सुरक्षा बलों के जवानों ने यमुना नदी में प्रवाहित किए गए वस्त्रों, प्लास्टिक और अन्य कचरे को बाहर निकालकर एकत्रित किया और उसका सुरक्षित निस्तारण किया। धाम परिसर के विभिन्न स्थलों पर फैले कूड़े को भी साफ किया गया। सफाई अभियान के साथ-साथ जवानों ने श्रद्धालुओं को यह संदेश भी दिया कि पूजा सामग्री, वस्त्र, प्लास्टिक अथवा कोई भी अपशिष्ट नदी में न प्रवाहित करें।
तीर्थयात्रियों से अपील
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि कूड़ा-करकट केवल निर्धारित डस्टबिन में ही डालें और स्वच्छता को अपनी यात्रा का अभिन्न हिस्सा बनाएं। सुरक्षा बलों ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि यमुनोत्री धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। यह ऐसे समय में आया है जब चारधाम यात्रा के चरम दौर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में देश-विदेश के श्रद्धालु यहाँ पहुँच रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यावरण पर दबाव बढ़ता है।
आगे की योजना
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के जनसहभागिता-आधारित स्वच्छता अभियान भविष्य में भी निरंतर चलाए जाएंगे, ताकि यमुनोत्री धाम स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बना रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं और यात्रा के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूक रहें।