क्या यमुना की स्वच्छता अब जनआंदोलन बन रही है: सीएम रेखा गुप्ता
सारांश
Key Takeaways
- यमुना की सफाई अब एक जनआंदोलन बन चुकी है।
- सरकार और समाज का मिलकर काम करना आवश्यक है।
- युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
- यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का प्रतीक है।
- स्वच्छ यमुना, स्वच्छ दिल्ली का आधार है।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को आईटीओ के पास यमुना नदी के छठ घाट पर आयोजित यमुना नदी सफाई अभियान का निरीक्षण किया। सीएम ने कहा कि यमुना की स्वच्छता अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मां यमुना हमारी आस्था, संस्कृति और सभ्यता की शाश्वत जीवनधारा हैं।
इस कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति यूथ फ़ाउंडेशन ने किया। सीएम रेखा गुप्ता ने उसके स्वयंसेवकों की सराहना की और अभियान में शामिल नागरिकों, युवाओं और यमुना टास्क फोर्स (137 सीईटीएफ बटालियन टेरिटोरियल आर्मी) के जवानों की सक्रिय सहभागिता को प्रेरणादायी बताया।
सीएम ने कहा कि रविवार के दिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों का स्वेच्छा से यमुना सफाई अभियान में जुटना यह दर्शाता है कि अब यमुना की स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप ले रही है। उन्होंने बताया कि युवाओं की भागीदारी किसी भी सामाजिक और पर्यावरणीय परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां यमुना सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और सभ्यता की शाश्वत जीवनधारा हैं। यमुना मैया को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हम सभी की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली सरकार यमुना सफाई अभियान को युद्धस्तर पर, चरणबद्ध, वैज्ञानिक और सुनियोजित तरीकों से संचालित कर रही है। गाद व अन्य सामग्री का निस्तारण, कचरा प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, जैविक उपचार और निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए यमुना के पुनर्जीवन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसे जनभागीदारी आधारित अभियानों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। जब समाज और सरकार एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तभी स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने यमुना के संरक्षण और स्वच्छता के लिए नागरिकों से निरंतर जागरूकता, अनुशासन और सहभागिता बनाए रखने का आह्वान किया और कहा कि स्वच्छ यमुना ही स्वच्छ, स्वस्थ और सशक्त दिल्ली की पहचान बनेगी।