उत्तरकाशी में भारी बारिश-बर्फबारी: डीएम प्रशांत आर्य ने कंट्रोल रूम से संभाली कमान, चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोकी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरकाशी जनपद में 27 सितंबर 2026 को लगातार हो रही भारी बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जारी बर्फबारी के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। बिगड़ते मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने रविवार को जिला मुख्यालय स्थित स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुँचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायज़ा लिया और सभी संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए। साथ ही चारधाम यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्मार्ट कंट्रोल रूम से विभिन्न तहसीलों में वर्षा, भूस्खलन और मार्गों की स्थिति से संबंधित सूचनाओं की सघन समीक्षा की। उन्होंने लाइव सीसीटीवी के माध्यम से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की वास्तविक समय में स्थिति का अवलोकन किया तथा चारधाम यात्रा से जुड़े सभी प्रबंधों की जानकारी ली। अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सड़क मार्गों को हर हाल में सुचारू बनाए रखने और भूस्खलन अथवा मलबे से बंद होने वाले मार्गों को तत्काल खोलने के स्पष्ट निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग, बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइज़ेशन (BRO), लोक निर्माण विभाग और PMGSY के अधिकारियों को मशीनरी और मानव संसाधन पूर्ण तत्परता से तैनात रखने को कहा गया।
ट्रैकर्स की सुरक्षा पर विशेष निर्देश
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग और अन्य गतिविधियों के लिए गए ट्रैकर्स की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को ट्रैकर्स के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने तथा मौसम की स्थिति के अनुसार उन्हें समय पर सुरक्षित स्थानों पर रुकने अथवा सुरक्षित क्षेत्रों की ओर जाने की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखने के भी निर्देश दिए गए।
चारधाम यात्रा पर असर
लगातार बारिश और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी को देखते हुए चारधाम यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जिलाधिकारी ने धामों में दर्शन कर चुके तथा वापस लौटने के इच्छुक श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मौसम की अद्यतन जानकारी श्रद्धालुओं तक निरंतर पहुँचाने और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश भी जारी किए गए।
समन्वय एवं तैनाती
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम को लगातार सक्रिय रखते हुए सभी तहसीलों से नियमित सूचनाएं प्राप्त करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कंट्रोल रूम निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, डीएफओ जीवन मोहन दगाड़े, उपनिदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क मयंक गर्ग, एसडीआरएफ के जगदंबा प्रसाद, डीडीएमओ शार्दूल गुस्साई के साथ-साथ सेना, एनडीआरएफ (NDRF) तथा अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के पर्वतीय ज़िलों में मानसून के अंतिम चरण में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जिससे भूस्खलन और मार्ग अवरोध का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम में सुधार होने पर ही चारधाम यात्रा पुनः शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सभी संसाधन और बचाव दल उच्च सतर्कता की स्थिति में तैनात हैं।