जयपुर में इंटरनेट सेवाएं बहाल: जेडीए ने जगतपुरा में 100+ अतिक्रमण ध्वस्त किए, 5 धार्मिक ढांचे भी हटाए
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने 8 जून 2026 को जगतपुरा क्षेत्र में नंदपुरी अंडरपास से जगतपुरा तक रेलवे लाइन के किनारे सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत 100 से अधिक अवैध ढांचे ध्वस्त किए, जिनमें 5 धार्मिक संरचनाएं भी शामिल थीं। इस अभियान के दौरान संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लगभग 19 घंटे तक निलंबित रहने के बाद सोमवार शाम करीब 7 बजे जयपुर में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं।
मुख्य घटनाक्रम
जयपुर के संभागीय आयुक्त वी. सरवाना कुमार ने रविवार की आधी रात से सोमवार की आधी रात तक शहर के कई हिस्सों में 2जी, 3जी, 4जी और 5जी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का आदेश दिया था। ऑपरेशन के शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त होने पर निर्धारित समय से पहले ही सेवाएं बहाल कर दी गईं।
अभियान के दौरान प्रशासन ने लगभग 3,000 पुलिस कर्मी तैनात किए। नंदपुरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित की गई, सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए और जन आवागमन प्रतिबंधित रहा। हवाई निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया गया, जबकि पुलिस ने लाउडस्पीकरों से निवासियों को छतों पर न जाने और ऑपरेशन की वीडियो रिकॉर्डिंग न करने की अपील की।
अतिक्रमण की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमण के कारण लगभग 1.5 किलोमीटर लंबे इस खंड पर सड़क की चौड़ाई कई जगह घटकर केवल 25-30 फीट रह गई थी, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में स्वीकृत चौड़ाई 80 फीट दर्ज है। यह खंड नंदपुरी अंडरपास को जगतपुरा से जोड़ता है और छह प्रमुख आवासीय कॉलोनियों से होकर गुजरता है।
सुबह से ही बुलडोजर और जेसीबी मशीनें मार्ग के किनारे तैनात कर दी गई थीं। हटाई गई संरचनाओं में 5 धार्मिक ढांचे भी शामिल थे जो सड़क के अधिकार क्षेत्र में आते थे।
प्रभावित इलाके
इंटरनेट सेवा निलंबन से जयपुर जिले का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ। जयपुर उत्तर में रामगंज, गलता गेट, माणक चौक, सुभाष चौक, आमेर, ब्रह्मपुरी, नाहरगढ़, कोतवाली, जालूपुरा, संजय सर्कल, शास्त्री नगर, भट्टा बस्ती, विद्याधर नगर और जयसिंहपुरा खोर पुलिस थाना सीमा के अंतर्गत आने वाले इलाके प्रभावित रहे।
जयपुर पूर्व में बस्सी, कानोता, तूंगा, आदर्श नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, जवाहर नगर, जामडोली, एसएमएस अस्पताल, गांधी नगर, लालकोठी, मोती डूंगरी, हवाई अड्डा, मालवीय नगर, जवाहर सर्कल, बजाज नगर, खो-नागोरियन, सांगानेर, प्रताप नगर, रामनगरिया और मालपुरा गेट पुलिस स्टेशनों के क्षेत्र भी इसमें शामिल रहे।
आम जनता पर असर
प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने से हरे कृष्णा मार्ग पर यातायात की भीड़भाड़ में उल्लेखनीय कमी आएगी और नंदपुरी तथा जगतपुरा के बीच संपर्क बेहतर होगा। 50 से अधिक कॉलोनियों के निवासियों को मालवीय नगर, प्रधान मार्ग और एपेक्स सर्किल जैसे प्रमुख इलाकों तक आसान पहुंच का लाभ मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि इस तरह के अतिक्रमण-विरोधी अभियानों के दौरान इंटरनेट सेवाएं निलंबित करना राजस्थान प्रशासन की एक स्थापित प्रक्रिया बन चुकी है, जिसका उद्देश्य अफवाहों और भीड़ जुटाने की आशंका को नियंत्रित करना होता है। ऑपरेशन के बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न होने के बाद अब सड़क चौड़ीकरण कार्य के अगले चरण की ओर ध्यान केंद्रित होगा।