24 जुलाई 2026
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जयपुर में इंटरनेट सेवाएं बहाल: JDA ने जगतपुरा में 100+ अतिक्रमण ध्वस्त किए, 5 धार्मिक ढांचे भी हटाए

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जयपुर में इंटरनेट सेवाएं बहाल: JDA ने जगतपुरा में 100+ अतिक्रमण ध्वस्त किए, 5 धार्मिक ढांचे भी हटाए

सारांश

जयपुर में JDA का बड़ा ऑपरेशन — 19 घंटे इंटरनेट बंद, 3,000 पुलिसकर्मी तैनात, 100 से अधिक अवैध ढांचे और 5 धार्मिक संरचनाएं ध्वस्त। नंदपुरी-जगतपुरा मार्ग को 80 फीट की स्वीकृत चौड़ाई देने के लिए चलाया गया यह अभियान शांतिपूर्ण रहा।

मुख्य बातें

जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने 8 जून 2026 को जगतपुरा क्षेत्र में 100 से अधिक अवैध ढांचे ध्वस्त किए, जिनमें 5 धार्मिक संरचनाएं शामिल थीं।
सड़क को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज 80 फीट की स्वीकृत चौड़ाई तक लाने के लिए यह कार्रवाई की गई; अतिक्रमण से सड़क 25-30 फीट तक सिकुड़ गई थी।
कानून-व्यवस्था के मद्देनजर संभागीय आयुक्त वी.
सरवाना कुमार के आदेश पर 19 घंटे तक 2G, 3G, 4G, 5G मोबाइल इंटरनेट निलंबित रहा।
ऑपरेशन के शांतिपूर्ण समापन के बाद शाम 7 बजे इंटरनेट सेवाएं बहाल की गईं; 3,000 पुलिसकर्मी और ड्रोन निगरानी तैनात रहे।
परियोजना पूरी होने पर 50 से अधिक कॉलोनियों के निवासियों को हरे कृष्णा मार्ग पर यातायात सुगम होने का लाभ मिलने की उम्मीद है।

जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के जगतपुरा क्षेत्र में चलाए गए बड़े अतिक्रमण-विरोधी अभियान के बाद सोमवार, 8 जून 2026 की शाम लगभग 7 बजे जयपुर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं। करीब 19 घंटे के निलंबन के बाद यह बहाली तब हुई जब अधिकारियों ने पुष्टि की कि ऑपरेशन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। इस अभियान में नंदपुरी अंडरपास से जगतपुरा तक रेलवे लाइन के किनारे 100 से अधिक अवैध ढांचे ध्वस्त किए गए, जिनमें 5 धार्मिक संरचनाएं भी शामिल थीं।

अभियान का मुख्य घटनाक्रम

JDA ने 80 फीट की स्वीकृत चौड़ाई तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत यह कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमण के चलते सड़क के कई हिस्से सिकुड़कर महज 25-30 फीट रह गए थे, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में इसकी स्वीकृत चौड़ाई 80 फीट दर्ज है। यह लगभग 1.5 किलोमीटर का खंड नंदपुरी अंडरपास को जगतपुरा से जोड़ता है और छह प्रमुख आवासीय कॉलोनियों से होकर गुजरता है।

सुबह से ही बुलडोजर और JCB मशीनें मार्ग के किनारे तैनात कर दी गई थीं। हटाई गई संरचनाओं में वे 5 धार्मिक ढांचे भी शामिल थे जो सड़क के अधिकार क्षेत्र (Right of Way) में आते थे।

सुरक्षा प्रबंध और इंटरनेट निलंबन

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जयपुर के संभागीय आयुक्त वी. सरवाना कुमार ने रविवार की आधी रात से सोमवार की आधी रात तक शहर के कई हिस्सों में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का आदेश दिया था। हालांकि ऑपरेशन के शांतिपूर्ण समापन के बाद शाम करीब 7 बजे सेवाएं पहले ही बहाल कर दी गईं।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के तहत प्रशासन ने करीब 3,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया। नंदपुरी क्षेत्र की पूरी बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से काटी गई, सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए और जन-आवागमन प्रतिबंधित रहा। हवाई निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया गया, वहीं पुलिस कर्मियों ने लाउडस्पीकरों से निवासियों से छतों पर न चढ़ने और ऑपरेशन की वीडियोग्राफी न करने का अनुरोध किया।

इंटरनेट बंदी से प्रभावित क्षेत्र

जयपुर उत्तर में रामगंज, गलता गेट, माणक चौक, सुभाष चौक, आमेर, ब्रह्मपुरी, नाहरगढ़, कोतवाली, जालूपुरा, संजय सर्कल, शास्त्री नगर, भट्टा बस्ती, विद्याधर नगर और जयसिंहपुरा खोर पुलिस थाना क्षेत्रों में सेवाएं निलंबित रहीं।

जयपुर पूर्व में यह बंदी बस्सी, कानोता, तूंगा, आदर्श नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, जवाहर नगर, जामडोली, SMS अस्पताल, गांधी नगर, लालकोठी, मोती डूंगरी, हवाई अड्डा, मालवीय नगर, जवाहर सर्कल, बजाज नगर, खो-नागोरियन, सांगानेर, प्रताप नगर, रामनगरिया और मालपुरा गेट पुलिस थाना क्षेत्रों तक विस्तारित रही। इस प्रकार जयपुर जिले का एक बड़ा हिस्सा इस निलंबन से प्रभावित हुआ।

आम जनता पर असर और आगे की राह

प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने पर हरे कृष्णा मार्ग पर यातायात की भीड़भाड़ में उल्लेखनीय कमी आएगी और नंदपुरी व जगतपुरा के बीच आवागमन सुगम होगा। 50 से अधिक कॉलोनियों के निवासियों को मालवीय नगर, प्रधान मार्ग और एपेक्स सर्किल जैसे प्रमुख क्षेत्रों तक बेहतर पहुंच का लाभ मिलने की उम्मीद है। यह अभियान राजस्थान में सड़क चौड़ीकरण के लिए चलाए जा रहे व्यापक प्रयासों की कड़ी में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसीलिए 3,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती और इंटरनेट निलंबन जैसे असाधारण उपाय किए गए। गौरतलब है कि इंटरनेट शटडाउन एक कुंठित करने वाला उपाय है जो पारदर्शिता पर सवाल उठाता है — जब ऑपरेशन 'शांतिपूर्ण' रहा, तो क्या 19 घंटे का शटडाउन आवश्यक था? भविष्य में इस तरह की कार्रवाइयों में प्रशासन को जवाबदेही और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन साधना होगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में इंटरनेट सेवाएं क्यों बंद की गई थीं?
जयपुर के संभागीय आयुक्त वी. सरवाना कुमार के आदेश पर जगतपुरा क्षेत्र में JDA के अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रविवार आधी रात से सोमवार आधी रात तक 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट निलंबित किया गया था। ऑपरेशन शांतिपूर्ण रहने पर शाम 7 बजे सेवाएं बहाल कर दी गईं।
JDA ने जगतपुरा में कितने और कौन-से ढांचे ध्वस्त किए?
JDA ने नंदपुरी अंडरपास से जगतपुरा तक रेलवे लाइन के किनारे 100 से अधिक अवैध ढांचे ध्वस्त किए, जिनमें 5 धार्मिक संरचनाएं भी शामिल थीं। ये सभी ढांचे सड़क के अधिकार क्षेत्र (Right of Way) में आते थे।
नंदपुरी-जगतपुरा सड़क चौड़ीकरण परियोजना का उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का उद्देश्य लगभग 1.5 किलोमीटर लंबे इस खंड को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज 80 फीट की स्वीकृत चौड़ाई तक लाना है, जो अतिक्रमण के कारण 25-30 फीट तक सिकुड़ गई थी। इससे हरे कृष्णा मार्ग पर यातायात सुगम होगा और 50 से अधिक कॉलोनियों के निवासियों को लाभ मिलेगा।
इस ऑपरेशन में कितने पुलिसकर्मी तैनात थे और क्या-क्या सुरक्षा उपाय किए गए?
अभियान के दौरान करीब 3,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। इसके अलावा नंदपुरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से काटी गई, सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए, जन-आवागमन प्रतिबंधित रहा और हवाई निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया गया।
इंटरनेट बंदी से जयपुर के कौन-से इलाके प्रभावित हुए?
जयपुर उत्तर में रामगंज, गलता गेट, माणक चौक, आमेर, ब्रह्मपुरी सहित कई थाना क्षेत्र और जयपुर पूर्व में बस्सी, मालवीय नगर, सांगानेर, प्रताप नगर सहित दर्जनों थाना क्षेत्र इस निलंबन से प्रभावित हुए। कुल मिलाकर जयपुर जिले का एक बड़ा हिस्सा इस बंदी की जद में रहा।
राष्ट्र प्रेस
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