5 अक्टूबर 2026
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जयपुर: जेडीए का न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण-विरोधी अभियान, 260 संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू

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जयपुर: जेडीए का न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण-विरोधी अभियान, 260 संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू

सारांश

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश और 6 अक्टूबर की अनुपालन समय सीमा के बीच जेडीए ने न्यू सांगानेर रोड पर 260 संपत्तियों के खिलाफ अतिक्रमण अभियान शुरू किया। त्योहारी मौसम में कार्रवाई से व्यापारी नाराज़ हैं और विधायक गोपाल शर्मा ने मुआवजे व गलत चिह्नांकन के सवाल उठाए हैं।

मुख्य बातें

जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने 5 अक्टूबर 2026 को न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण-विरोधी अभियान शुरू किया।
लगभग 260 घरों और दुकानों के अवैध निर्माण निशाने पर हैं; कार्रवाई गुर्जर की थड़ी से सोडाला तक 3 किलोमीटर के दायरे में होनी है।
सड़क की निर्धारित चौड़ाई 100 फीट है, लेकिन अतिक्रमण के चलते यह 40-60 फीट रह गई है।
राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर जेडीए को 6 अक्टूबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी है।
सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने गलत चिह्नांकन और मुआवजे की अनदेखी के आरोप लगाए; मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्री झाबर सिंह खर्रा को आपत्तियाँ भेजी गई हैं।
व्यापारियों ने त्योहारी मौसम में कार्रवाई से आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए राहत की माँग की है।

जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण-विरोधी अभियान शुरू किया, जिसके तहत लगभग 260 घरों और दुकानों के अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश के अनुपालन में चलाया जा रहा है जिसमें सड़क को उसकी निर्धारित चौड़ाई में बहाल करने का निर्देश दिया गया था।

अभियान का दायरा और वर्तमान स्थिति

जेडीए की कार्रवाई गुर्जर की थड़ी चौराहे से सोडाला तक लगभग तीन किलोमीटर के हिस्से में की जानी है, हालांकि फिलहाल एक किलोमीटर तक अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा है। तोड़फोड़ अभियान शुरू होते ही गुर्जर की थड़ी से संजीवनी अस्पताल तक का हिस्सा बंद कर दिया गया और यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा गया। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

हाईकोर्ट का आदेश और अनुपालन की समय सीमा

न्यू सांगानेर रोड की निर्धारित चौड़ाई 100 फीट है, लेकिन वर्षों के अतिक्रमण और अवैध निर्माण के कारण यह घटकर मात्र 40 से 60 फीट रह गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़क को उसकी तय चौड़ाई में बहाल करने का आदेश दिया था और जेडीए को 6 अक्टूबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी है। इसी समय सीमा के मद्देनज़र जेडीए ने अभियान में तेज़ी लाई है।

व्यापारियों और निवासियों पर असर

जेडीए ने पहले ही संबंधित संपत्ति मालिकों को अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे। अभियान शुरू होने से पहले ही कई व्यापारियों और निवासियों ने स्वयं अतिक्रमण हटाना और दुकानें-घर खाली करना शुरू कर दिया। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में — जब व्यापारिक गतिविधियाँ अपने चरम पर होती हैं — यह कार्रवाई उनकी आजीविका और कारोबार पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही है। कुछ व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन से त्योहारी अवधि में राहत देने की अपील भी की है।

विधायक की प्रतिक्रिया और आरोप

जेडीए का अभियान शुरू होने के समय सिविल लाइंस के विधायक गोपाल शर्मा अपने समर्थकों के साथ मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सोमवार की कार्रवाई गुर्जर की थड़ी से लगभग एक किलोमीटर तक सड़क की सीमा में फैले अतिक्रमण को हटाने पर केंद्रित थी और उनके अनुसार दिनभर की कार्रवाई में कोई बड़ा पक्का निर्माण नहीं तोड़ा गया। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि जेडीए ने कुछ इलाकों को गलत तरीके से चिह्नित किया, जिससे स्थानीय लोगों में विवाद पैदा हुआ। शर्मा ने कहा कि उन्होंने इन आपत्तियों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शहरी विकास एवं आवास मंत्री झाबर सिंह खर्रा तक पहुँचाया है।

मुआवजे और पुनर्वास का सवाल

विधायक गोपाल शर्मा ने अवैध निर्माण होने देने और फिर बाद में उन्हें गिराने की समूची प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग सालों से उस इलाके में रह रहे हैं और कारोबार कर रहे हैं, उनके मुआवजे से जुड़ी चिंताओं का समाधान किए बिना ढाँचों को नहीं गिराया जाना चाहिए। गौरतलब है कि न्यू सांगानेर रोड को चौड़ा करने और अतिक्रमण हटाने का मुद्दा लंबे समय से लंबित था। 6 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट पेश होने के बाद आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ अधिकारी वर्षों तक अवैध निर्माण को नज़रअंदाज़ करते हैं और फिर अदालती समय सीमा के दबाव में एकाएक तोड़फोड़ पर उतर आते हैं। असली सवाल यह है कि जेडीए ने इन अतिक्रमणों को बनते समय क्यों नहीं रोका — त्योहारी मौसम में एकमुश्त कार्रवाई से व्यापारियों का नुकसान और प्रशासन की विश्वसनीयता दोनों दाँव पर हैं। विधायक द्वारा गलत चिह्नांकन के आरोप और मुआवजे की माँग दर्शाती है कि ज़मीन पर पारदर्शिता की कमी है। जब तक नियमित निगरानी और अतिक्रमण की रोकथाम की व्यवस्थागत प्रणाली नहीं बनती, ऐसे अभियान हर कुछ वर्षों में दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेडीए का न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण अभियान क्या है?
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने 5 अक्टूबर 2026 को न्यू सांगानेर रोड पर लगभग 260 घरों और दुकानों के अवैध निर्माणों के खिलाफ अतिक्रमण-विरोधी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश के अनुपालन में की जा रही है जिसमें सड़क को उसकी 100 फीट की निर्धारित चौड़ाई में बहाल करने का निर्देश दिया गया था।
जेडीए को यह अभियान अभी क्यों चलाना पड़ा?
राजस्थान हाईकोर्ट ने जेडीए को 6 अक्टूबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इस कड़ी समय सीमा के चलते जेडीए ने चिह्नित अतिक्रमणों को हटाने का काम तेज़ कर दिया है।
न्यू सांगानेर रोड पर ट्रैफिक की क्या स्थिति है?
अभियान के दौरान गुर्जर की थड़ी से संजीवनी अस्पताल तक का सड़क मार्ग बंद कर दिया गया है और यातायात को वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ा गया है। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात है।
स्थानीय व्यापारियों और विधायक की क्या प्रतिक्रिया रही?
व्यापारियों ने त्योहारी मौसम में कार्रवाई से भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताते हुए राहत की माँग की है। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने जेडीए पर गलत चिह्नांकन के आरोप लगाए और कहा कि मुआवजे की चिंताओं का समाधान किए बिना ढाँचे नहीं गिराए जाने चाहिए।
क्या संपत्ति मालिकों को पहले नोटिस दिया गया था?
हाँ, जेडीए ने पहले ही संबंधित प्रॉपर्टी मालिकों को अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे। अभियान शुरू होने से पहले कई व्यापारियों और निवासियों ने स्वयं अतिक्रमण हटाना और अपनी संपत्तियाँ खाली करना शुरू कर दिया था।
राष्ट्र प्रेस
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