जयपुर: जेडीए का न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण-विरोधी अभियान, 260 संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण-विरोधी अभियान शुरू किया, जिसके तहत लगभग 260 घरों और दुकानों के अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश के अनुपालन में चलाया जा रहा है जिसमें सड़क को उसकी निर्धारित चौड़ाई में बहाल करने का निर्देश दिया गया था।
अभियान का दायरा और वर्तमान स्थिति
जेडीए की कार्रवाई गुर्जर की थड़ी चौराहे से सोडाला तक लगभग तीन किलोमीटर के हिस्से में की जानी है, हालांकि फिलहाल एक किलोमीटर तक अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा है। तोड़फोड़ अभियान शुरू होते ही गुर्जर की थड़ी से संजीवनी अस्पताल तक का हिस्सा बंद कर दिया गया और यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा गया। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
हाईकोर्ट का आदेश और अनुपालन की समय सीमा
न्यू सांगानेर रोड की निर्धारित चौड़ाई 100 फीट है, लेकिन वर्षों के अतिक्रमण और अवैध निर्माण के कारण यह घटकर मात्र 40 से 60 फीट रह गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़क को उसकी तय चौड़ाई में बहाल करने का आदेश दिया था और जेडीए को 6 अक्टूबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी है। इसी समय सीमा के मद्देनज़र जेडीए ने अभियान में तेज़ी लाई है।
व्यापारियों और निवासियों पर असर
जेडीए ने पहले ही संबंधित संपत्ति मालिकों को अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे। अभियान शुरू होने से पहले ही कई व्यापारियों और निवासियों ने स्वयं अतिक्रमण हटाना और दुकानें-घर खाली करना शुरू कर दिया। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में — जब व्यापारिक गतिविधियाँ अपने चरम पर होती हैं — यह कार्रवाई उनकी आजीविका और कारोबार पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही है। कुछ व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन से त्योहारी अवधि में राहत देने की अपील भी की है।
विधायक की प्रतिक्रिया और आरोप
जेडीए का अभियान शुरू होने के समय सिविल लाइंस के विधायक गोपाल शर्मा अपने समर्थकों के साथ मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सोमवार की कार्रवाई गुर्जर की थड़ी से लगभग एक किलोमीटर तक सड़क की सीमा में फैले अतिक्रमण को हटाने पर केंद्रित थी और उनके अनुसार दिनभर की कार्रवाई में कोई बड़ा पक्का निर्माण नहीं तोड़ा गया। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि जेडीए ने कुछ इलाकों को गलत तरीके से चिह्नित किया, जिससे स्थानीय लोगों में विवाद पैदा हुआ। शर्मा ने कहा कि उन्होंने इन आपत्तियों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शहरी विकास एवं आवास मंत्री झाबर सिंह खर्रा तक पहुँचाया है।
मुआवजे और पुनर्वास का सवाल
विधायक गोपाल शर्मा ने अवैध निर्माण होने देने और फिर बाद में उन्हें गिराने की समूची प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग सालों से उस इलाके में रह रहे हैं और कारोबार कर रहे हैं, उनके मुआवजे से जुड़ी चिंताओं का समाधान किए बिना ढाँचों को नहीं गिराया जाना चाहिए। गौरतलब है कि न्यू सांगानेर रोड को चौड़ा करने और अतिक्रमण हटाने का मुद्दा लंबे समय से लंबित था। 6 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट पेश होने के बाद आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।