17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शालीमार बाग में 150 अवैध निर्माण ध्वस्त, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दूसरे दिन भी चला बुलडोजर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शालीमार बाग में 150 अवैध निर्माण ध्वस्त, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दूसरे दिन भी चला बुलडोजर

सारांश

शालीमार बाग में चार दशक पुरानी अधिग्रहीत ज़मीन पर खड़े लगभग 150 अवैध निर्माण सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ध्वस्त किए जा रहे हैं। 10.5 मीटर तक अवरुद्ध सड़क को चौड़ा करने का यह अभियान दूसरे दिन भी जारी है।

मुख्य बातें

शालीमार बाग में अतिक्रमण-विरोधी अभियान सोमवार, 2 जून 2025 को लगातार दूसरे दिन जारी रहा।
सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए लगभग 150 अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा रहे हैं।
कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया 1980-81 में पूरी हो चुकी थी — चार दशक से अधिक पहले।
TSM तकनीक से हुए सर्वेक्षण में पाया गया कि 10.5 मीटर क्षेत्र अतिक्रमण से अवरुद्ध है।
अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक 30 मीटर का पूरा राइट-ऑफ-वे अतिक्रमण-मुक्त न हो जाए।

नई दिल्ली के शालीमार बाग में अतिक्रमण-विरोधी अभियान सोमवार, 2 जून 2025 को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा, जहाँ प्रशासन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए लगभग 150 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर रहा है। यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है और तब तक जारी रहेगी जब तक नामित क्षेत्र की सभी अनधिकृत संरचनाएँ हटा नहीं दी जातीं।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार सुबह शालीमार बाग से सामने आई तस्वीरों में कई भारी मशीनें अतिक्रमण हटाते हुए दिखीं। दो-तीन मंजिला पक्के मकान भी ध्वस्त होते नज़र आए। भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बीच अधिकारी इस अभियान को अनवरत चला रहे हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई तब तक नहीं रुकेगी जब तक 30 मीटर के निर्धारित राइट-ऑफ-वे के भीतर स्थित सभी अनधिकृत स्थायी निर्माण नहीं हटा दिए जाते और सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करा दी जाती।

भूमि अधिग्रहण का इतिहास

मध्य-उत्तर जिले के जिला मजिस्ट्रेट एस.एस. परिहार के अनुसार, संबंधित भूमि का अधिग्रहण दिल्ली के नियोजित विकास के लिए वर्ष 1959 और 1961 में अधिसूचनाओं के माध्यम से शुरू किया गया था। भूमि अधिग्रहण की घोषणा 1966 में जारी की गई, और अवार्ड संख्या 40/1980-81 तथा 50/1980-81 वर्ष 1980 में घोषित किए गए।

भूमि का कब्जा जुलाई 1980 में लिया गया था, और शेष मुआवजा राशि 1981 में जमा कर दी गई थी। इस प्रकार, भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की यह प्रक्रिया चार दशक से भी अधिक पहले पूरी हो चुकी थी — फिर भी इस भूमि पर अनधिकृत निर्माण होते रहे।

वैज्ञानिक सर्वेक्षण और अतिक्रमण के आँकड़े

2025 में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), राजस्व विभाग, भूमि व भवन विभाग और लोक निर्माण विभाग ने संयुक्त रूप से टोटल स्टेशन मेथड (TSM) तकनीक से भूमि का वैज्ञानिक सीमांकन किया। 10 जनवरी को हुए इस संयुक्त सर्वेक्षण में पाया गया कि 30 मीटर के राइट-ऑफ-वे के भीतर सैकड़ों अनधिकृत पक्के निर्माण मौजूद हैं।

वर्तमान में मौजूदा सड़क केवल लगभग 19.5 मीटर चौड़ी है, जबकि लगभग 10.5 मीटर का क्षेत्र अतिक्रमण के कारण अवरुद्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है और सड़क अवसंरचना का विस्तार एक प्राथमिकता बनी हुई है।

सरकार की स्थिति

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक एजेंडे से नहीं, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और दशकों पुरानी कानूनी प्रक्रिया के अनुपालन में की जा रही है। गौरतलब है कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया कानूनी रूप से पहले ही पूरी की जा चुकी थी।

आगे की राह

अधिकारियों के अनुसार, अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक 30 मीटर के निर्धारित राइट-ऑफ-वे को पूरी तरह अतिक्रमण-मुक्त नहीं कर लिया जाता। सड़क चौड़ीकरण परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में यातायात प्रवाह में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पक्के निर्माण होते रहे। असली सवाल यह है कि इतने वर्षों तक प्रशासनिक निगरानी कहाँ थी और जिन परिवारों ने इन संरचनाओं में निवेश किया, उन्हें पर्याप्त पूर्व-सूचना मिली या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन आवश्यक है, लेकिन पुनर्वास की पारदर्शी योजना के बिना ऐसे अभियान सामाजिक तनाव को और गहरा कर सकते हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शालीमार बाग में बुलडोजर अभियान क्यों चलाया जा रहा है?
यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए चलाया जा रहा है। 30 मीटर के निर्धारित राइट-ऑफ-वे के भीतर स्थित लगभग 150 अनधिकृत पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है।
शालीमार बाग की भूमि का अधिग्रहण कब हुआ था?
संबंधित भूमि का अधिग्रहण 1959 और 1961 में अधिसूचनाओं के माध्यम से शुरू हुआ था। भूमि का कब्जा जुलाई 1980 में लिया गया और मुआवजा राशि 1981 में जमा कर दी गई थी — यानी यह प्रक्रिया चार दशक से भी अधिक पहले पूरी हो चुकी थी।
सड़क चौड़ीकरण के लिए कितनी ज़मीन अतिक्रमण से मुक्त करानी है?
TSM तकनीक से हुए संयुक्त सर्वेक्षण के अनुसार, मौजूदा सड़क लगभग 19.5 मीटर चौड़ी है जबकि लगभग 10.5 मीटर क्षेत्र अतिक्रमण के कारण अवरुद्ध है। निर्धारित राइट-ऑफ-वे 30 मीटर है।
यह सर्वेक्षण कब और किसने कराया?
2025 में DDA, राजस्व विभाग, भूमि व भवन विभाग और लोक निर्माण विभाग ने संयुक्त रूप से टोटल स्टेशन मेथड (TSM) तकनीक से भूमि का वैज्ञानिक सीमांकन किया। 10 जनवरी को हुए इस संयुक्त सर्वेक्षण में सैकड़ों अनधिकृत पक्के निर्माण पाए गए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले