क्या धामी सरकार ने काशीपुर में अवैध मजारों पर बुलडोजर चलाया? 5 संरचनाएं ढहाई गईं

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क्या धामी सरकार ने काशीपुर में अवैध मजारों पर बुलडोजर चलाया? 5 संरचनाएं ढहाई गईं

सारांश

उत्तराखंड की धामी सरकार ने काशीपुर में अवैध मजारों को हटाने के अभियान के तहत पांच मजारों को ध्वस्त किया। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों द्वारा सरकार के सख्त रुख के रूप में देखी जा रही है। जानिए क्या है इस कार्रवाई का पूरा विवरण।

मुख्य बातें

सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजारों को हटाया गया।
यह कार्रवाई अवैध धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ राज्य सरकार के अभियान का हिस्सा है।
प्रशासन ने मजारों के खादिमों को नोटिस भेजा था।
मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।
भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

काशीपुर, 3 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में कुंडेश्वरी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बनी पांच अवैध मजारों को गुरुवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।

यह कार्रवाई अवैध धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ राज्य सरकार के अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत अब तक अवैध तरीके से बनाई गई 537 मजारों को हटाया जा चुका है।

काशीपुर के एसडीएम अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में प्रशासन ने कुंडेश्वरी स्थित सरकारी आम बाग की सीलिंग भूमि पर बनी इन संरचनाओं को हटाया।

उनके मुताबिक, प्रशासन ने 15 दिन पहले इन मजारों के खादिमों को नोटिस जारी कर निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था। दस्तावेज न मिलने पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर इन संरचनाओं को पूरी तरह हटा दिया। कार्रवाई के दौरान किसी तरह के अवशेष नहीं मिले। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की नीयत से बनाई गई ऐसी संरचनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि 'देवभूमि' में हरी-नीली चादरें डालकर जमीन हड़पने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान उत्तराखंड में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए शुरू किया गया है। काशीपुर में हुई इस कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने सरकार के कड़े रुख के तौर पर देखा।

प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी ऐसी अवैध संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।

इससे पहले, छह अप्रैल को उत्तराखंड के हरिद्वार में अवैध मजारों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया था।

इस कार्रवाई के बारे में एसडीएम अजयवीर सिंह ने बताया था कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के तहत जिले में अवैध धार्मिक संरचनाओं को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। सराय क्षेत्र में बनी इस मजार को अवैध रूप से बनाया गया था, जिसके खिलाफ पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का कोई जवाब न मिलने पर हरिद्वार के जिलाधिकारी ने इसे हटाने का आदेश दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन करें। यह कदम न केवल कानून व्यवस्था को बनाए रखने में मदद करेगा, बल्कि यह समाज में अनुशासन और सच्चाई की भावना को भी बढ़ावा देगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ये मजारें वास्तव में अवैध थीं?
हाँ, प्रशासन ने इन मजारों को अवैध रूप से बनाई गई संरचनाएं मानते हुए कार्रवाई की।
सरकार का इस कार्रवाई के पीछे क्या उद्देश्य था?
सरकार का उद्देश्य सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जों को समाप्त करना है।
क्या इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी?
हाँ, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी अवैध संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था कैसे बनाए रखी गई?
इस दौरान क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे कानून व्यवस्था बनी रही।
क्या इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों पर कोई असर पड़ा?
स्थानीय लोगों ने इसे सरकार के सख्त रुख के रूप में देखा है और कई ने इसका समर्थन किया है।
राष्ट्र प्रेस