शालीमार बाग में दो माह में दूसरी दर्दनाक मौत, अवैध अतिक्रमण बना काल — CM रेखा गुप्ता ने जताया दुख

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शालीमार बाग में दो माह में दूसरी दर्दनाक मौत, अवैध अतिक्रमण बना काल — CM रेखा गुप्ता ने जताया दुख

सारांश

शालीमार बाग में दो माह के भीतर दूसरी जानलेवा दुर्घटना — टेम्पो की टक्कर से नाबालिग की मौत। CM रेखा गुप्ता ने अवैध अतिक्रमण को जिम्मेदार ठहराया। दिल्ली हाई कोर्ट ने रोड नंबर 320 पर 140 से अधिक अवैध इकाइयां हटाने का आदेश दिया है।

Key Takeaways

  • शालीमार बाग में शनिवार, 25 अप्रैल को टेम्पो की टक्कर से एक नाबालिग की मौके पर मृत्यु हो गई।
  • यह इसी इलाके में दो माह के भीतर दूसरी जानलेवा दुर्घटना है — पहली घटना में 5 वर्षीय बालिका डंपर से कुचली गई थी।
  • CM रेखा गुप्ता ने सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण को हादसे का प्रमुख कारण बताया और पूर्व सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने रोड नंबर 320 पर 140 से अधिक अवैध इकाइयों को हटाने का आदेश दिया है।
  • इस क्षेत्र में दिल्ली सरकार द्वारा एक बड़ा अंडरपास बनाया गया है जो आजादपुर से आउटर रिंग रोड, मुकरबा चौक तक यातायात को सुगम बनाएगा।
  • अतिक्रमण हटने के बाद उत्तरी दिल्ली से रिंग रोड तक का यातायात सीधा और सुरक्षित होगा।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल: शालीमार बाग में सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। शनिवार शाम एक टेम्पो ने मोटरसाइकिल सवार दो नाबालिगों को टक्कर मार दी, जिसमें एक नाबालिग की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस क्षेत्र में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे समय रहते हटाए गए होते, तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी।

घटना का विवरण: कैसे हुआ हादसा

शालीमार बाग पुलिस के अनुसार, शनिवार की शाम मोटरसाइकिल पर सवार दो नाबालिग उस मार्ग से गुजर रहे थे जहां नाले और सड़क के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे किए गए हैं। इन कब्जों के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है, जिससे वाहनों को चलाने में भारी कठिनाई होती है।

इसी संकरे मार्ग पर पीछे से आ रहे एक टेम्पो ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अंबेडकर नगर, हैदरपुर निवासी एक नाबालिग की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। दूसरे नाबालिग की स्थिति के बारे में पुलिस जांच जारी है।

दो माह में दूसरी दर्दनाक घटना — पैटर्न चिंताजनक

यह हादसा अकेला नहीं है। लगभग दो माह पूर्व इसी शालीमार बाग क्षेत्र में एक तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आकर पांच वर्षीय मासूम बालिका की जान चली गई थी। यानी दो महीने के भीतर इसी इलाके में दो जानें जा चुकी हैं — और दोनों बार अवैध अतिक्रमण को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

यह पैटर्न बताता है कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक व्यवस्थागत विफलता है। जब सड़कें संकरी होती हैं, वाहन तेज रफ्तार में होते हैं और रास्ता अवरुद्ध होता है, तो दुर्घटनाएं अवश्यंभावी हो जाती हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मृतक नाबालिग के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि ये अवैध कब्जे पूर्व सरकार के कार्यकाल में सरकारी भूमि पर किए गए थे। इनके कारण लंबे समय से यातायात बाधित हो रहा है और स्थानीय निवासियों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस क्षेत्र के रोड नंबर 320 पर स्थित 140 से अधिक अवैध इकाइयों को हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

अंडरपास और यातायात सुधार की योजना

दिल्ली सरकार ने इस क्षेत्र में एक बड़ा अंडरपास भी निर्मित किया है। इस अंडरपास के माध्यम से आजादपुर से आने वाला यातायात सीधे आउटर रिंग रोड और मुकरबा चौक तक पहुंच सकेगा, जिससे इस मार्ग पर वाहनों का दबाव उल्लेखनीय रूप से कम होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस क्षेत्र में दो बड़े अस्पताल, कई शैक्षिक संस्थान और पुलिस से संबंधित संस्थान स्थित हैं, जिसके कारण यहां यातायात का दबाव वैसे भी अधिक रहता है। अवैध कब्जों के चलते यह दबाव और भी असहनीय हो गया है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

अवैध अतिक्रमण हटाए जाने के बाद उत्तरी दिल्ली से आने-जाने वाला यातायात अधिक सुगम होगा। वाहन सीधे रिंग रोड से आउटर रिंग रोड तक पहुंच सकेंगे, जिससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी कम होगी।

गौरतलब है कि इस तरह की घटनाएं दिल्ली में अवैध अतिक्रमण और यातायात प्रबंधन के बीच गहरे संकट को उजागर करती हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कितनी तेजी से और कितनी पारदर्शिता से अमल में लाई जाती है।

Point of View

बल्कि दशकों की प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। सवाल यह है कि जब पहली मौत — एक पांच वर्षीय बच्ची की — हो चुकी थी, तो उसके बाद भी अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया? हाई कोर्ट का आदेश आया, अंडरपास बना, याचिका दायर हुई — लेकिन जमीन पर कब्जे जस के तस रहे। यह विडंबना है कि जिस सरकार पर पूर्व सरकार को दोष मढ़ा जा रहा है, उसी कार्यकाल में भी यह कार्रवाई नहीं हुई जो एक जान बचा सकती थी। जवाबदेही सिर्फ बयानों से नहीं, बल्कि समयबद्ध कार्रवाई से तय होती है।
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

शालीमार बाग में नाबालिग की मौत कैसे हुई?
शनिवार शाम मोटरसाइकिल पर सवार दो नाबालिग शालीमार बाग के उस मार्ग से गुजर रहे थे जहां सड़क किनारे अवैध कब्जे हैं। पीछे से आए एक टेम्पो ने मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, जिससे अंबेडकर नगर, हैदरपुर निवासी एक नाबालिग की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
CM रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यदि सड़क किनारे अवैध कब्जे न होते तो यातायात सुचारु रहता और यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने इन कब्जों को पूर्व सरकार के कार्यकाल की देन बताया।
दिल्ली हाई कोर्ट ने शालीमार बाग अतिक्रमण पर क्या आदेश दिया?
दिल्ली हाई कोर्ट ने रोड नंबर 320 पर स्थित 140 से अधिक अवैध इकाइयों को हटाने का आदेश दिया है। यह आदेश दिल्ली सरकार द्वारा दायर याचिका के आधार पर पारित किया गया।
शालीमार बाग में पहले भी कोई दुर्घटना हुई थी?
हां, लगभग दो माह पहले इसी क्षेत्र में एक तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आकर पांच वर्षीय बालिका की मृत्यु हो गई थी। दो महीने में यह इस इलाके में दूसरी जानलेवा दुर्घटना है।
शालीमार बाग में बना अंडरपास किस काम आएगा?
दिल्ली सरकार द्वारा निर्मित इस अंडरपास से आजादपुर से आने वाला यातायात सीधे आउटर रिंग रोड और मुकरबा चौक तक पहुंचेगा। इससे इस मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा और दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी।
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