क्या इंदौर में सुरक्षित पेयजल के लिए प्रशासन सचेत है? कलेक्टर शिवम वर्मा ने भगीरथपुरा का निरीक्षण किया
सारांश
Key Takeaways
- इंदौर में जल प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन सक्रिय है।
- कलेक्टर शिवम वर्मा ने भगीरथपुरा क्षेत्र का दौरा किया।
- नए पाइपलाइन कार्य से जल आपूर्ति में सुधार होगा।
- स्थानीय लोगों को जल जनित बीमारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
- सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इंदौर, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के इंदौर में हाल ही में जल प्रदूषण की घटनाओं के कारण जिला प्रशासन और नगर निगम पूरी तरह से सजग है। इस क्रम में, इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने भगीरथपुरा क्षेत्र का दौरा किया और नए पाइपलाइन कार्य का निरीक्षण किया, साथ ही मौके पर चल रहे कार्यों की समीक्षा भी की।
निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर शिवम वर्मा ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि जल प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सर्वे का कार्य लगातार चल रहा है।
उन्होंने बताया कि निरंतर सफाई और पानी के सैंपल लेने का कार्य जारी है ताकि हालात को शीघ्र स्थिर किया जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि उनकी पूरी टीम, नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ, मौके पर उपस्थित रहकर जल आपूर्ति की निगरानी और प्रबंधन में जुटी हुई है। आम नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस दौरान, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने भी भगीरथपुरा क्षेत्र में नए पाइपलाइन कार्य का निरीक्षण किया।
उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि इस नई पाइपलाइन के पूरा होने के बाद क्षेत्र में पानी की आपूर्ति पहले से बेहतर होगी।
जल प्रदूषण के मुद्दे पर नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि चल रहे सभी कार्यों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सबसे पहले उस पाइपलाइन कार्य की समीक्षा की जा रही है, जिसकी शुरुआत हाल ही में हुई है, ताकि यह देखा जा सके कि इसे कितनी तेजी से पूरा किया जा सकता है और काम की गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
आयुक्त ने बताया कि लोगों को जल जनित बीमारियों के लक्षणों और उनसे जुड़ी समस्याओं की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे समय रहते सावधानी बरत सकें।
प्रशासन और नगर निगम की इस संयुक्त पहल से यह आशा की जा रही है कि इंदौर में जल प्रदूषण की समस्या पर शीघ्र काबू पाया जाएगा और लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।