CWG 2026: लवलीना, सचिन, साक्षी, प्रिया फाइनल में; सभी 10 भारतीय मुक्केबाज़ों का मेडल पक्का
सारांश
मुख्य बातें
ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन भारतीय मुक्केबाज़ी दल ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया — ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन, साक्षी, प्रिया और सचिन ने अपने-अपने सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। इसके साथ ही नरेंद्र बेरवाल ने भी फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। उल्लेखनीय बात यह है कि भारत के सभी 10 मुक्केबाज़ अपनी-अपनी वेट कैटेगरी में फाइनल तक पहुँचने में सफल रहे, जिससे देश के लिए कम-से-कम 10 सिल्वर मेडल सुनिश्चित हो गए हैं।
लवलीना का दबदबा
लवलीना बोरगोहेन शुक्रवार को रिंग में उतरने वाली सबसे बड़ी भारतीय स्टार थीं। असम की 28 वर्षीय इस बॉक्सर ने तुवालु की तारोना खानुम बादी पासोनी ताफाकी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर फाइनल में जगह बनाई। टोक्यो ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और 2023 विश्व चैंपियनशिप (नई दिल्ली) की गोल्ड मेडलिस्ट लवलीना को पहले राउंड में 'बाई' मिली थी, जिससे वह बिना रिंग में उतरे सेमीफाइनल में पहुँच गई थीं।
साक्षी और प्रिया की शानदार जीत
महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग में साक्षी ने कनाडा की एम्बर-जेन वॉल को 5-0 से हराया। पाँचों जजों ने 30-27, 30-26, 30-27, 30-27 और 30-25 के स्कोर से साक्षी को विजेता घोषित किया, जो तीनों राउंड में उनकी स्पष्ट बढ़त को दर्शाता है।
महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में प्रिया ने इंग्लैंड की एल. किंग्स-व्हीटली को 5-0 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। इसी वेट कैटेगरी में पुरुषों के मुकाबले में सचिन ने वेल्स के हैरिस-एलन को 5-0 से हराकर भारत का सेमीफाइनल में 100 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड बरकरार रखा।
अरुंधति का बड़ा उलटफेर, नरेंद्र भी फाइनल में
अरुंधति ने 70 किग्रा वर्ग में कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 की गोल्ड मेडलिस्ट आर. एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया और फाइनल में जगह बनाई। 90 किग्रा वर्ग में नरेंद्र बेरवाल ने त्रिनिदाद और टोबैगो के नाइजेल पॉल को 5-0 से हराकर सिल्वर मेडल सुनिश्चित किया।
सभी 10 भारतीय फाइनल में
प्रीति (54 किग्रा), अंकुश फंगल (80 किग्रा), जैस्मिन (57 किग्रा), अरुंधति (70 किग्रा) और जादुमनी सिंह (55 किग्रा) सहित सभी भारतीय मुक्केबाज़ों ने फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। यह CWG 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ी का अब तक का सबसे बेहतरीन सामूहिक प्रदर्शन है।
आगे क्या
भारतीय दल अब गोल्ड मेडल की दौड़ में है। फाइनल मुकाबलों में लवलीना सहित अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन तय करेगा कि CWG 2026 में भारत की मुक्केबाज़ी में कितने स्वर्ण पदक आते हैं। यह टूर्नामेंट भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक नई ऊँचाई साबित हो सकता है।