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लवलीना बोरगोहेन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 सेमीफाइनल में, भारत का पहला पदक 75 किग्रा बॉक्सिंग में पक्का

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लवलीना बोरगोहेन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 सेमीफाइनल में, भारत का पहला पदक 75 किग्रा बॉक्सिंग में पक्का

सारांश

ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही भारत का खाता खुल गया — लवलीना बोरगोहेन को 75 किग्रा बॉक्सिंग में 'बाय' मिला और वह सीधे सेमीफाइनल में पहुँच गईं। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के तहत कांस्य पदक पक्का है। 31 जुलाई को ताफाकी से होगा सेमीफाइनल मुकाबला।

मुख्य बातें

लवलीना बोरगोहेन को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिला 75 किग्रा बॉक्सिंग में 'बाय' मिला, वह सीधे सेमीफाइनल में पहुँचीं।
कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में हारने पर भी कांस्य पदक मिलता है — भारत का पहला पदक पक्का।
लवलीना 31 जुलाई को ताफाकी के खिलाफ सेमीफाइनल खेलेंगी; जीत पर रजत या स्वर्ण का मौका।
यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका पहला पोडियम फिनिश होगा — गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में पदक नहीं मिला था।
इस पदक से लवलीना ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स — तीनों बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में पदक जीतने वाली मुक्केबाज बन जाएंगी।
ओपनिंग सेरेमनी में लवलीना और वेटलिफ्टर मीराबाई चानू भारतीय दल की फ्लैग और बैटन बियरर होंगी।

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ग्लासगो की ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही भारत का पहला पदक सुनिश्चित कर दिया है। महिलाओं की 75 किग्रा भार वर्ग में 'बाय' मिलने के कारण वह सीधे सेमीफाइनल में पहुँच गई हैं, और कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के तहत सेमीफाइनल में हारने वाले प्रतियोगियों को भी कांस्य पदक दिया जाता है।

ड्रॉ की स्थिति और 'बाय' का लाभ

महिला 75 किग्रा कैटेगरी के ड्रॉ में कुल पाँच एथलीट थे। इसके चलते लवलीना सहित तीन खिलाड़ी सीधे सेमीफाइनल (अंतिम-4) में पहुँच गईं, जबकि शेष दो खिलाड़ियों को एकमात्र क्वार्टरफाइनल मुकाबला खेलना था। कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग नियमों के अनुसार, सेमीफाइनल में पराजित होने वाले दोनों मुक्केबाजों को कांस्य पदक से सम्मानित किया जाता है — यानी ग्लासगो में अपना पहला मुकाबला खेलने से पहले ही लवलीना का पदक तय हो चुका है।

31 जुलाई को सेमीफाइनल का मुकाबला

लवलीना 31 जुलाई को सेमीफाइनल में ताफाकी के खिलाफ मैदान में उतरेंगी। जीत उन्हें स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुँचाएगी और कम से कम रजत पदक सुनिश्चित करेगी। हारने की स्थिति में भी वह कांस्य पदक के साथ स्वदेश लौटेंगी।

कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना का सफर

यह कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना का पहला पोडियम फिनिश होगा। गोल्ड कोस्ट 2018 में वह क्वार्टरफाइनल में बाद में चैंपियन बनीं सैंडी रयान से हार गई थीं, जबकि बर्मिंघम 2022 में वह पहले ही दौर में बाहर हो गई थीं। उन दोनों आयोजनों में उन्होंने 69 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा की थी।

बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में पदकों का पूरा सेट

इस पदक के साथ लवलीना उन सभी प्रमुख बहु-खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली मुक्केबाज बन जाएंगी जिनमें वह भाग लेने की पात्र थीं — ओलंपिक (टोक्यो 2020 में कांस्य), एशियन गेम्स (हांगझोउ 2023 में रजत) और अब कॉमनवेल्थ गेम्स। इसके अलावा उन्होंने 2023 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी जीता है।

ओपनिंग सेरेमनी में विशेष भूमिका

गुरुवार को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी में लवलीना और टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता वेटलिफ्टर मीराबाई चानू भारतीय दल के लिए फ्लैग और बैटन बियरर की भूमिका निभाएंगी। यह सम्मान भारतीय खेल जगत के दो सबसे चमकीले सितारों की उपलब्धियों को मान्यता देता है। आगे के मुकाबलों में लवलीना का प्रदर्शन भारत के पदक तालिका में योगदान को और मजबूत कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा 31 जुलाई को होगी जब वह ताफाकी के सामने उतरेंगी। गोल्ड कोस्ट और बर्मिंघम में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद 75 किग्रा वर्ग में यह नई शुरुआत उनके करियर की परिपक्वता को दर्शाती है। 2023 विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण और हांगझोउ का रजत बताते हैं कि वह शिखर पर हैं — सवाल यह है कि क्या ग्लासगो में वह उस प्रदर्शन को दोहरा सकती हैं जो उन्हें स्वर्ण तक ले जाए।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लवलीना बोरगोहेन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 सेमीफाइनल में कैसे पहुँचीं?
महिला 75 किग्रा बॉक्सिंग के ड्रॉ में केवल पाँच एथलीट होने के कारण लवलीना को 'बाय' मिला और वह सीधे सेमीफाइनल में पहुँच गईं। ड्रॉ की संरचना के अनुसार तीन खिलाड़ी सीधे अंतिम-4 में गईं, जबकि दो खिलाड़ियों ने क्वार्टरफाइनल खेला।
क्या लवलीना का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक पक्का है?
हाँ, कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग नियमों के तहत सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों मुक्केबाजों को कांस्य पदक दिया जाता है। इसलिए लवलीना का कम से कम कांस्य पदक पहले ही सुनिश्चित हो चुका है।
लवलीना का सेमीफाइनल मुकाबला कब और किससे है?
लवलीना 31 जुलाई को सेमीफाइनल में ताफाकी के खिलाफ उतरेंगी। जीत उन्हें फाइनल में पहुँचाएगी और रजत या स्वर्ण पदक का मौका देगी।
कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना का अब तक का प्रदर्शन कैसा रहा है?
लवलीना गोल्ड कोस्ट 2018 में क्वार्टरफाइनल में हार गई थीं और बर्मिंघम 2022 में पहले दौर में बाहर हो गई थीं। दोनों बार उन्होंने 69 किग्रा वर्ग में भाग लिया था। ग्लासगो 2026 उनका पहला कॉमनवेल्थ पोडियम फिनिश होगा।
लवलीना बोरगोहेन की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य, 2023 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण और हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में रजत पदक जीता है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक के साथ वह ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स — तीनों में पदक जीतने वाली मुक्केबाज बन जाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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