CWG 2026: अरुंधति चौधरी का गोल्डन पंच, लवलीना बोरगोहेन को सिल्वर; भारत के 11 गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 1 अगस्त को ग्लासगो के एसईसी हॉल-5 में भारतीय मुक्केबाज़ी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया — अरुंधति चौधरी ने महिला 70 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता, जबकि लवलीना बोरगोहेन महिला 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में सिल्वर से संतुष्ट रहीं। इन दोनों पदकों के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 11 हो गई और कुल 35 मेडल के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुँच गया।
अरुंधति चौधरी की दमदार जीत
बाउट नंबर-183 में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से पराजित किया। पहले राउंड में 5 में से 4 जजों ने अरुंधति को 10-10 अंक दिए। दूसरे राउंड में सभी पाँचों जजों ने उनके पक्ष में मतदान किया और तीसरे राउंड में भी पूरे पैनल ने अरुंधति की श्रेष्ठता को स्वीकार करते हुए उनके हक में निर्णय दिया।
लवलीना बोरगोहेन को सिल्वर से संतोष
बाउट नंबर-184 में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री ने 4-1 के स्प्लिट डिसीजन से हराया। पहले राउंड में ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज़ ने 4 जजों से बढ़त हासिल की। लवलीना ने दूसरे राउंड में शानदार वापसी करते हुए 4-1 से राउंड अपने नाम किया, परंतु निर्णायक तीसरे राउंड में 4 जजों ने एम्मा के पक्ष में फैसला सुनाया, जिससे लवलीना को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
बॉक्सिंग में भारत का शानदार अभियान
इससे पहले उसी दिन प्रीति पवार ने महिला 54 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। महिला 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मिन लंबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया। हालाँकि जादुमणी सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
साक्षी ने 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 से मात देकर भारत को बॉक्सिंग में तीसरा गोल्ड दिलाया। इसके बाद प्रिया घणघस ने कनाडा की मैरी-बथूल अल-अहमदियेह को 4-1 से हराकर पदक तालिका में एक और गोल्ड जोड़ा।
भारत की मेडल टैली
बॉक्सिंग में भारत ने कुल 7 मेडल हासिल किए — 5 गोल्ड और 2 सिल्वर। समग्र पदक तालिका में भारत 11 गोल्ड, 16 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज के साथ चौथे स्थान पर काबिज़ है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाज़ी पिछले कुछ वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार मज़बूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। आने वाले दिनों में अन्य स्पर्धाओं में भी भारत के और पदक जीतने की संभावना बनी हुई है।