6 अगस्त 2026
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अरुंधति चौधरी: हाथ की सर्जरी और बुखार के बावजूद CWG 2026 में गोल्ड, राजस्थान की पहली महिला बॉक्सर चैंपियन

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अरुंधति चौधरी: हाथ की सर्जरी और बुखार के बावजूद CWG 2026 में गोल्ड, राजस्थान की पहली महिला बॉक्सर चैंपियन

सारांश

हाथ की सर्जरी, लंबे समय से चली आ रही चोट और फाइनल के दिन बुखार — इन सबके बावजूद अरुंधति चौधरी ने CWG 2026 में गोल्ड जीता। राजस्थान की पहली महिला बॉक्सर चैंपियन अब ओलंपिक का सपना पाले हैं — और उनकी कहानी सिर्फ खेल की नहीं, जिद्द और पारिवारिक हौसले की है।

मुख्य बातें

अरुंधति चौधरी ने CWG 2026 में महिला 70 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता — 1 अगस्त को इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 से हराया।
वह कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली राजस्थान की पहली महिला बॉक्सर हैं।
पिछले साल हाथ की सर्जरी के बाद यह उनका छठा अंतरराष्ट्रीय गोल्ड है; फाइनल के दिन बुखार था फिर भी लड़ीं।
ओलंपिक उनका अगला लक्ष्य, जिसका सपना 16 साल की उम्र से देखा है।
अरुंधति ने राजस्थान के खिलाड़ियों के लिए सरकारी सहयोग बढ़ाने की माँग की।

राजस्थान की बेटी अरुंधति चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 70 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 1 अगस्त को इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराकर वह कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली राजस्थान की पहली महिला बॉक्सर बन गईं। 5 अगस्त को जब वह अपने गृह जिले टोंक पहुँचीं, तो उनका भव्य स्वागत हुआ।

संघर्ष की कहानी: सर्जरी से स्वर्ण तक

अरुंधति का यह सफर असाधारण रूप से कठिन रहा। उन्होंने बताया कि पिछले साल हाथ का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद उन्हें लगा कि शायद वह दोबारा बॉक्सिंग नहीं कर सकेंगी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और उस सर्जरी के बाद यह उनका छठा गोल्ड मेडल है। यह ऐसे समय में आया जब वह काफी समय से चोट से जूझ रही थीं।

गौरतलब है कि फाइनल मैच के दिन भी अरुंधति को बुखार था। उन्होंने कहा, 'फाइनल के दिन मुझे बुखार था, लेकिन मुझे पता था कि अगर उस दिन नहीं जीत सकी, तो मुझे 4 साल इंतजार करना पड़ेगा। मैंने हिम्मत दिखाई और वो बाउट जीती। वहाँ काफी भारतीय दर्शक थे — अगर मेरी हिम्मत टूटती, तो वे चिल्लाते: बजरंग बली की जय।'

ओलंपिक है अगला लक्ष्य

टोंक में पत्रकारों से बात करते हुए अरुंधति ने कहा, 'मुझे मेडल जीतकर काफी खुशी महसूस हो रही है, लेकिन मुझे यहीं नहीं रुकना है। देश के लिए इससे भी ज़्यादा करना है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ओलंपिक उनका अगला लक्ष्य है — एक सपना जो उन्होंने 16 साल की उम्र से देखा है। मिल रहे समर्थन को वह और बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा बताती हैं।

माता-पिता: प्रेरणा और ढाल

अरुंधति अपने माता-पिता को अपना सबसे बड़ा आदर्श मानती हैं। उन्होंने बताया कि समाज के कुछ लोग कहते थे कि बॉक्सिंग में नाक-मुँह पर चोट आएगी तो शादी कौन करेगा। इस पर उनके माता-पिता का जवाब था, 'हमने बेटी शादी के लिए पैदा नहीं की — हम चाहते हैं कि बेटी आगे चलकर नाम कमाए।' अरुंधति कहती हैं कि उनके माता-पिता ने जीवन में कठिन परिस्थितियों से लड़ा, इसीलिए वे उनकी प्रेरणा हैं।

देश की बेटियों को संदेश

अरुंधति ने देश की युवा लड़कियों को सीधा संदेश दिया: 'पहले आप लड़ना सीखिए। अगर आप अपने लिए आवाज़ नहीं उठा सकते, तो जिंदगी में किसी के लिए आवाज़ नहीं उठा सकते।' उन्होंने कहा कि अन्य बच्चियों को भी अपने सपनों के लिए परिवार से जिद्द करनी चाहिए।

सरकारी सहयोग की माँग

अरुंधति ने यह भी कहा कि उन्होंने राजस्थान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते हैं और वह चाहती हैं कि सरकार की ओर से यहाँ के खिलाड़ियों को बेहतर समर्थन मिले। आने वाले समय में उनकी निगाहें ओलंपिक क्वालीफिकेशन पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन खिलाड़ियों को खुद सरकारी समर्थन माँगना पड़ता है। सर्जरी के बाद छठा गोल्ड जीतना व्यक्तिगत असाधारणता का प्रमाण है, पर यह यह भी बताता है कि बुनियादी ढाँचे की कमी में खिलाड़ी अकेले लड़ते हैं। जब एक चैंपियन बुखार में फाइनल खेलने को मजबूर हो, तो सवाल उठता है कि खेल-चिकित्सा और पुनर्वास सहायता कहाँ है। ओलंपिक की राह पर अरुंधति को व्यक्तिगत जीत से आगे संस्थागत समर्थन की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुंधति चौधरी ने CWG 2026 में कौन-सा मेडल जीता?
अरुंधति चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 70 किलोग्राम बॉक्सिंग वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 1 अगस्त को फाइनल में इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराया।
अरुंधति चौधरी राजस्थान के लिए क्यों खास हैं?
अरुंधति कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली राजस्थान की पहली महिला बॉक्सर हैं। CWG 2026 में यह उनका छठा अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल है।
अरुंधति चौधरी की सर्जरी की कहानी क्या है?
पिछले साल अरुंधति के हाथ का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद उन्हें लगा कि शायद वह दोबारा बॉक्सिंग नहीं कर सकेंगी। इसके बावजूद उन्होंने वापसी की और CWG 2026 फाइनल में बुखार होने के बाद भी गोल्ड जीता।
अरुंधति चौधरी का अगला लक्ष्य क्या है?
अरुंधति ने स्पष्ट किया है कि ओलंपिक उनका अगला लक्ष्य है — एक सपना जो उन्होंने 16 साल की उम्र से देखा है। वह राजस्थान के खिलाड़ियों के लिए सरकारी सहयोग बढ़ाने की भी माँग कर रही हैं।
अरुंधति चौधरी ने देश की बेटियों को क्या संदेश दिया?
अरुंधति ने कहा कि पहले लड़ना सीखो — अगर अपने लिए आवाज़ नहीं उठा सकते तो किसी के लिए नहीं उठा सकते। उन्होंने युवा लड़कियों को अपने सपनों के लिए परिवार से जिद्द करने की सलाह दी।
राष्ट्र प्रेस
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